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US Election 2024: ये छह राज्य तय करेंगे कौन बनेगा अमेरिका का राष्ट्रपति? ट्रंप और हैरिस कर कर रहे कड़ी मेहनत

Wed, 02 Oct 2024 10:04 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 02 Oct 2024 10:04 AM IST
सार

अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। दोनों प्रतिद्वंद्वियों की किस्मत कुछ महत्वपूर्ण राज्यों के हाथ में हैं। 
 

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These six Key Swing States Can Decide Who Will Be The Next US President news in hindi
डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। ऐसे में, रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से कमला हैरिस मैदान में हैं। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, इनकी किस्मत कुछ महत्वपूर्ण राज्यों के हाथ में हैं। 

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क्या है अमेरिका में राष्ट्रपति चुनने का तरीका?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में पूरे देश में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाला उम्मीदवार विजेता नहीं होता। इसके बजाय दोनों पार्टियों के उम्मीदवार को पूरे 50 राज्यों में होने वाले चुनावों को जीतने के लिए प्रतिस्पर्द्धा करनी पड़ती है। हरेक प्रांत में आंशिक तौर पर जनसंख्या पर आधारित कथित इलेक्टोरल कॉलेजों की एक निश्चित संख्या होती है। इस तरह 538 इलेक्टोरल कॉलेज होते हैं। इनमें से 270 या इनसे अधिक में जीतने वाला ही विजेता होता है।
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केवल दो को छोड़ कर सभी राज्यों में जो भी उम्मीदवार सबसे ज्यादा वोट हासिल करता है उसे ही इलेक्टोरल कॉलेज के सभी वोट दे दिए जाते हैं। ज्यादातर राज्य एक या दूसरी पार्टी की ओर काफी ज्यादा झुके होते हैं। इसलिए उम्मीदवार लगभग उन एक दर्जन के राज्यों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं जहां उनके जीतने की संभावना होती है। इन्हें बैटलग्राउंड या स्विंग स्टेट कहते हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर कोई उम्मीदवार सबसे ज्यादा वोट हासिल कर सकता है। जैसे हिलेरी क्लिंटन ने 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे। लेकिन इलेक्टोरल कॉलेज के चुनावों में वो हार गई थीं।
 
इस साल यहां छह बैटलग्राउंड यानी स्विंग स्टेट हैं, जिन पर हर किसी की नजर बनी हुई है। 

1. पेंसिल्वेनिया 
यहां 19 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। पेंसिल्वेनिया को यूं तो एक मजबूत डेमोक्रिटक गढ़ माना जाता है लेकिन हाल के कुछ सालों में ये रंग बदलता दिख रहा है। स्विंग स्टेट में यह काफी बड़ा राज्य है। वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन यहीं से हैं। पिछली बार यानी साल 202 में यहां पर बाइडन को 1।2 फीसदी के अंतर से जीत हासिल हुई थी। 1.3 करोड़ आबादी वाले राज्य में ट्रंप को 2016 में जीत हासिल हुई थी। 

फिलाडेल्फिया और पिट्सबर्ग जैसे रस्ट बेल्ट शहरों के लिए जाना जाने वाला पेंसिल्वेनिया दशकों से अपने औद्योगिक विनिर्माण आधार में लगातार गिरावट से परेशान है। ट्रंप और हैरिस ने पूर्वी राज्य में बार-बार प्रचार किया है। पूर्व राष्ट्रपति ग्रामीण श्वेत आबादी को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे कि छोटे शहरों में प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है।

हैरिस हाल ही में बुनियादी ढांचे में मिली सफलता का बखान कर रही हैं और पिट्सबर्ग में उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश की योजना की रूपरेखा पेश की, जो राज्य के निवासियों के लिए एक प्रमुख मुद्दा है।

2. जॉर्जिया 
जॉर्जिया में 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। यह दक्षिण-पूर्वी राज्य डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के अंत में एक चुनावी मुद्दा था और विवाद अभी भी जारी है। साल 2020 में जो बाइडन की जीत पर ट्रंप ने चुनाव में हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी। जॉर्जिया में अभियोजकों ने ट्रंप पर यह आरोप लगाया है। हालांकि, चुनाव तक इस मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। 

जॉर्जिया को रेड स्टेट माना जाता था। 1992 में बिल क्लिंटन के बाद से किसी भी डेमोक्रेट ने जॉर्जिया में राष्ट्रपति चुनाव नहीं जीता था। लेकिन इस रिपब्लिकन बहुमत वाले स्टेट में पिछली बार जो बाइडन जीत गए थे। बाइडन को महज 0.23 फीसदी बहुमत से जीत हासिल हुई। इस राज्य में भी जनसांख्यिकीय परिवर्तन और जनसंख्या में बदलावों से डेमोक्रेट्स मजबूत होते जा रहे हैं। हालांकि इस बार कई सर्वेक्षणों में यहां पर बाइडन को पीछे और ट्रंप को आगे बताया गया था। हालांकि, अब डेमोक्रेट्स की उम्मीदवार कमला हैरिस मैदान में हैं, तो यह समीकरण बदल भी सकते है। 

3. उत्तरी कैरोलिना 
यहां 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। दक्षिण पूर्वी राज्य में 1980 के बाद से केवल एक बार डेमोक्रेटिक को जीत मिली है, लेकिन हैरिस का मानना है कि अबकी बार यह राज्य उनके खाते में ही आएगा। 10 मिलियन से अधिक आबादी वाला राज्य बढ़ता जा रहा है। इससे डेमोक्रेट को लाभ पहुंच रहा है। 

ट्रंप के लिए मामला और भी जटिल हो गया है, क्योंकि राज्य के रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार से जुड़े एक घोटाले ने पार्टी पदाधिकारियों को नाराज कर दिया है। इससे चिंता बढ़ गई है कि करीबी मुकाबले में ट्रंप को नुकसान पहुंच सकता है।

4. मिशिगन 
यहां 15 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। ट्रंप ने 2016 में मिशिगन में जीत दर्ज की थी। हालांकि, बाइडन ने 2020 में इस राज्य को वापस जीत लिया था। लेकिन इस बार, हैरिस को 200,000 की संख्या वाले अरब-अमेरिकी समुदाय का समर्थन खोने का खतरा है, जिसने गाजा में इस्राइल-हमास युद्ध से निपटने के लिए बाइडन की निंदा की है।

5. एरिजोना
यहां 11 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। पिछले कुछ चुनावों के परिणाम से एरिजोना को एक स्विंग स्टेट माना जाने लगा है। 1952 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से एरिजोना रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाने लगा था। 2020 से पहले तक सिर्फ एक बार 1996 में यहां पर डेमोक्रेटिक पार्टी की हार हुई थी। पिछली बार यहां पर जो बाइडन ने सिर्फ 10,457 वोटों से डोनाल्ड ट्रंप को हरा दिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर डेमोक्रिटक मतों में विभाजन न हुआ तो इस बार भी यहां पर डेमोक्रेटिक की जीत हो सकती है। हालांकि, ट्रंप को उम्मीद है कि वह हैरिस प्रशासन की आव्रजन नीति के प्रति निराश एरिजोना को वापस अपने पक्ष में ले आएंगे। बता दें, एरिजोना मेक्सिको के साथ सीमा साझा करता है। यहां एक सर्वे में ट्रंप दो प्रतिशत अंक से आगे हैं। 

6. विस्कॉन्सिन
स्विंग स्टेट में विस्कॉन्सिन काफी बड़ा राज्य है। यहां 10 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं। साल 2016 में ट्रंप को यहां मामूली अंतर से जीत मिली थी तो 2020 में यहीं से उन्हें मामूली अंतर से हार नसीब हुई। यह एकमात्र राज्य था जहां एक पार्टी ने 2022 में सीनेट की दौड़ जीती, लेकिन 2020 में राष्ट्रपति चुनाव हार गई।




भले ही विस्कॉन्सिन एक स्विंग स्टेट माना जाता है लेकिन आंकड़ों में सबसे अधिक बार यहां पर डेमोक्रेटिक पार्टी जीती है। हालांकि, ट्रंप इस राज्य को भी जीता हुआ मान रहे हैं। उनकी पार्टी ने यहां अपना ग्रीष्मकालीन राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। पूर्व राष्ट्रपति ने बाइडन के खिलाफ शुरुआत में बढ़त बना ली थी, जबकि हैरिस के मैदान में आने के बाद उन्हें मतदान में थोड़ी बढ़त हासिल हुई है।

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