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मनी लांड्रिंग और भ्रष्टाचार का सबसे अधिक असर गरीबों पर : संयुक्त राष्ट्र
Sat, 26 Sep 2020 12:27 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Sep 2020 12:27 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : un.org
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विश्व निकाय की ‘कर चोरी, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक जवाबदेही, पारदर्शिता और ईमानदारी’ पर एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि भ्रष्टाचार, टैक्स चोरी और मनी लांड्रिंग का सबसे नकारात्मक असर गरीबों पर पड़ा है। इससे दुनियाभर की सरकारों को अरबों डॉलर का घाटा भी हो रहा है।
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समिति द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि संभव है, सरकारें समस्याओं और इनके हल पर सहमत नहीं हों, लेकिन वे कॉर्पोरेट कर चोरी के कारण करीब 500 अरब डॉलर का नुकसान उठा रहीं हैं।
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समिति की सह अध्यक्ष और लिथुआनिया की पूर्व राष्ट्रपति दालिया ग्रेबाउसकाइते ने कहा, भ्रष्टाचार और कर चोरी तेजी से फैल रहे हैं। बहुत से बैंकों की इसमें मिलीभगत है और पूर्व में बहुत सी सरकारें इसमें लिप्त रही हैं। हम सब को, खास तौर पर विश्व भर के निर्धन लोगों को लूटा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि गरीबी, जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 महामारी सहित अन्य वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आर्थिक प्रणाली पर भरोसा होना बहुत आवश्यक है। समिति के दूसरे सह अध्यक्ष नाइजर के प्रधानमंत्री इब्राहिम मयाकी ने कहा, भ्रष्टाचार व आर्थिक अपराधों से निपटने में हमारी नाकामी को कोविड-19 ने और अच्छे से उजागर कर दिया है।
नीतीश कुमार ने जलवायु परिवर्तन पर यूएन में साझा किए विचार
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जलवायु परिवर्तन पर एक बैठक में अपने राज्य की नीतियों और पर्यावरण अनुकूल कृषि तथा जल संरक्षण सहित सतत विकास प्रयासों को साझा किया। इन नीतियों का मकसद वैश्विक तापमान 1.5 सेल्सियस ने नीचे रखने के लक्ष्य को पाने में योगदान देना है। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस की ओर से आयोजित की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र से इतर उच्च स्तरीय गोलमेज बैठक में शिरकत करने वाले कुमार एकमात्र भारतीय नेता थे। वीडियो संबोधन में उन्होंने कहा हमने ‘जल विकास और हरियाली अभियान’ के तहत अपनी रणनीति तैयार की है।