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Thailand Election: सैन्य शासन विरोधी पार्टियों को मिली बंपर सीटें, फिर भी सेना के हाथ में रहेगी सत्ता की चाबी

Mon, 15 May 2023 09:43 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 15 May 2023 09:43 AM IST
सार

मूव फॉरवर्ड पार्टी को 400 में से 113 और फेयु थाई पार्टी को करीब 112 सीटों पर जीत मिल सकती है। वहीं 100 सीटों को पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर वितरित किया जाएगा।

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Thailand Election Results 2023 Opposition Move Forward Party Pheu Thai Party Winning Seats News in Hindi
थाईलैंड में पीएम पद की उम्मीदवार शिनेवात्रा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

थाईलैंड में हुए आम चुनाव में सैन्य शासन विरोधी विपक्षी पार्टियों को बंपर सीटें मिली हैं। जिसके बाद लग रहा है कि थाईलैंड में करीब एक दशक से सत्ता पर काबिज सैन्य समर्थित सरकार की विदाई हो जाएगी। अभी तक 99 प्रतिशत वोटों की गिनती में विपक्षी पार्टियां मूव फॉरवर्ड पार्टी और पॉपुलिस्ट फेयु थाई पार्टी को बंपर सीटें मिलती दिख रही हैं। हालांकि अभी भी विपक्षी पार्टियों की सरकार बनेगी या नहीं, ये तय नहीं है क्योंकि सत्ता की चाबी अभी भी सेना के हाथ में है। 
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इन पार्टियों को मिली बंपर सीटें
रविवार को हुए चुनाव में विपक्षी पार्टियों ने सैन्य शासन से आजादी का वादा मतदाताओं से किया था, साथ ही थाईलैंड में राजशाही अपमान कानून में सुधार, साफ-सफाई जैसे मुद्दों पर वोट मांगे थे। साथ ही संस्थागत सुधार जैसे वादे किए थे। थाईलैंड में चुनाव के नतीजे पूरी तरह से जारी होने में अभी कुछ हफ्ते का समय लगेगा लेकिन शुरुआती रुझानों में माना जा रहा है कि मूव फॉरवर्ड पार्टी को 400 में से 113 और फेयु थाई पार्टी को करीब 112 सीटों पर जीत मिल सकती है। वहीं 100 सीटों को पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर वितरित किया जाएगा। इस तरह साफ है कि थाईलैंड में विपक्षी पार्टियों ने बंपर जीत हासिल की है। 
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सत्ता की चाबी अभी भी सेना के पास
विपक्षी पार्टियों ने भले ही बंपर सीटों पर जीत हासिल की है लेकिन सत्ता की चाबी अभी भी थाई सेना के पास है। दरअसल थाईलैंड में सैन्य शासन के बाद ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि वहां चुनाव के बाद 250 सदस्यों वाली एक सीनेट का भी समर्थन पाना होता है। यह सीनेट ही प्रधानमंत्री और सत्ताधारी पार्टी का चुनाव करती है। हालांकि इस सीनेट के सदस्यों का चुनाव नहीं होता है और यह सेना द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। इस तरह साफ है कि भले ही विपक्षी पार्टियों को बंपर सीटें मिली हैं लेकिन अभी भी यह तय नहीं है कि वह सरकार बना पाएंगे या नहीं। 
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विपक्षी पार्टियों में गठबंधन के आसार
फेयु थाई पार्टी थाईलैंड की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है। इसके संस्थापक अरबपति उद्योगपति थाकसिन शिनेवात्रा हैं। थाकसिन शिनेवात्रा भी एक बार थाईलैंड के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वहीं उनकी रिश्तेदार यिंगलुक शिनेवात्रा भी देश की बागडोर संभाल चुकी हैं। हालांकि दोनों ही बार सेना ने दोनों को सत्ता से बेदखल कर दिया था। अब थाकसिन की बेटी पेतोंगार्न शिनेवात्रा पीएम बनने की रेस में हैं। वहीं मूव फॉरवर्ड पार्टी के नेता पिता लिमजारोनरात भी पीएम की रेस में हैं। दोनों पार्टियों ने गठबंधन से इनकार नहीं किया है। हालांकि पीएम पद को लेकर मतभेद हो सकते हैं। 
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