थाईलैंड का यू-टर्न: 20% भारतीय पर्यटक घटे तो थाई सरकार ने तुरंत बदले नियम; वीजा नीति में करना पड़ा बड़ा बदलाव
थाईलैंड में वीजा नियमों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण भारतीय पर्यटकों की संख्या में 20% की गिरावट दर्ज हुई। इसके बाद थाई सरकार ने अपनी नीति में बदलाव करते हुए 60 दिन की वीजा-मुक्त अवधि को घटाकर 30 दिन कर दिया। सरकार ने माना कि नीतिगत असमंजस से भारतीय पर्यटक भ्रमित हुए थे।
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भारत और थाईलैंड के बीच पर्यटन का रिश्ता दशकों पुराना है, लेकिन मई से जुलाई 2026 के बीच वीजा नियमों को लेकर पैदा हुए विवाद ने इस भरोसेमंद संबंध पर भी असर डाला। वीजा नीति को लेकर बने असमंजस के बीच जब भारतीय पर्यटकों की संख्या में 20% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई तो थाई सरकार ने यू-टर्न ले लिया। उसने जुलाई 2024 से लागू 60 दिन की वीजा-मुक्त योजना में बदलाव करते हुए चालू सप्ताह में इसे घटाकर 30 दिन कर दिया।
थाई सरकार ने नीति बदलने की वजह क्या बताई?
हालांकि पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि भारत, थाईलैंड की पर्यटन आय देने वाले देशों में तीसरा सबसे बड़ा स्रोत है, इसलिए इस नुकसान की भरपाई आसान नहीं होगी। थाईलैंड के पर्यटन एवं खेल मंत्री सुरवोंग थिएंटोंग ने स्वीकार किया कि नीतिगत अनिश्चितता के कारण भारतीय पर्यटकों के बीच भारी असमंजस पैदा हो गया था। इसी वजह से सरकार को अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा। पहले भारत समेत 93 देशों के नागरिकों को बिना वीजा 60 दिन तक थाईलैंड में रहने की अनुमति थी। नई व्यवस्था के तहत देशों को तीन श्रेणियों 30 दिन वीजा-मुक्त, 15 दिन वीजा-मुक्त और वीजा-ऑन-अराइवल में बांटने का प्रस्ताव रखा गया।
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अफवाहों से भारतीय पर्यटकों को कैसे लगा झटका?
शुरुआती प्रस्ताव में भारत को बड़ा झटका देते हुए वीजा-मुक्त देशों की सूची से हटाकर 60 डॉलर शुल्क वाली वीजा-ऑन-अराइवल श्रेणी में शामिल किए जाने की बात कही गई थी। इस खबर से भारतीय पर्यटकों के बीच निराशा और भ्रम का माहौल बन गया। हालांकि बाद में यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से लागू नहीं किया गया।