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पेरिस: बच्चे से पैगंबर मोहम्मद के कार्टून पर की चर्चा तो शिक्षक का सिर काटा
Sat, 17 Oct 2020 11:42 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 17 Oct 2020 11:42 AM IST
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शिक्षक की बेरहमी से हत्या
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फ्रांस की राजधानी में शुक्रवार को एक इतिहास शिक्षक द्वारा कक्षा में पैगंबर साहब का कार्टून दिखाने पर उसका सिर कलम करने वाले की पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस ने बताया कि शिक्षक का सिर कलम करने वाला 18 वर्षीय चेचन्या मूल का किशोर था। इस मामले में पुलिस ने संदिग्ध हत्यारे को भी गोली मार दी थी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घटना को आतंकवाद बताते हुए इसकी निंदा की है।
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फ्रांस के आतंक-रोधी अभियोजक कार्यालय ने बताया कि जांचकर्ताओं ने हमलावर के 17 वर्षीय भाई और दादा-दादी व माता-पिता समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिक्षक पर हमले के बाद संदिग्ध को 600 मीटर (यार्ड) दूरी से गोली मारी गई थी। उसके पास से एक चाकू और एक एयरसॉफ्ट गन बरामद हुआ था।
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एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अध्यापक की हरकत से नाराज हमलावर ने चाकू से उसका सिर काट दिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकला। करीब 600 मीटर दूर जाकर वह जोर से नारे लगाने लगा और पुलिस को बंदूक दिखाकर सरेंडर करने से इनकार कर दिया। उसने हमले के लिए बंदूक तानी तो पुलिसबल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया।
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राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया आतंकवादी हमला
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे इस्लामिक आतंकवादी हमला करार दिया है और देश से चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि इतिहास के इस अध्यापक ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोनफ्लांस-सेंट-होनोरीन कस्बे के उस विद्यालय का दौरा किया जहां मृतक इतिहास के अध्यापक के रूप में काम करता था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के स्टाफ से भी मुलाकात की। वहीं, घटनास्थल पर तीन एंबुलेंस देखने को मिली और पूरे इलाके में भारी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए।
मैक्रों ने कहा, हमारे एक हमवतन की आज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वास करने या न मानने की स्वतंत्रता सिखाई थी। उन्होंने कहा, इस हमले से फ्रांस बंटना नहीं चाहिए, क्योंकि चरमपंथी के मंसूबे यही है। हमें नागरिकों की तरह एक साथ खड़े रहना होगा।
फ्रांस में दूसरा सबसे बड़ा धर्म है इस्लाम
फ्रांस में यह घटना तब सामने आई है, जब मैक्रों सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों को लेकर एक विधेयक पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी फ्रांसीसी गणराज्य के मूल्यों के बाहर एक समानांतर समाज बना रहे हैं। पश्चिमी यूरोप में फ्रांस में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी है। फ्रांस में 50 लाख मुस्लिम रहते हैं और इस्लाम देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।