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Nepal: सीट बंटवारे पर ठोस फॉर्मूला नहीं बना पाया सत्ताधारी गठबंधन का टास्क फोर्स? जानें पूरा गणित
Sun, 11 Sep 2022 06:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 11 Sep 2022 06:55 PM IST
सार
नेपाल में संघीय संसद और सातों प्रांतों की विधायिकाओं के लिए आम चुनाव अगले 20 नवंबर को होगा। टास्क फोर्स को संघीय संसद की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की ऐसी 330 सीटों के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करना था।
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पुष्प कमल दहाल के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
नेपाल में आम चुनाव के लिए टिकट बंटवारे पर सुझाव देने के लिए बने सत्ताधारी गठबंधन के टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टास्क फोर्स का गठन एक महीना पहले किया गया था। खबरों के मुताबिक, टिकट बंटवारे का फॉर्मूला तय करने के लिए टास्क फोर्स को लंबी जद्दोजहद करनी पड़ी। इसके बावजूद संभवतः वह पूरी सहमति नहीं बना पाया है। सत्ताधारी गठबंधन में पांच दल शामिल हैं।
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नेपाल में संघीय संसद और सातों प्रांतों की विधायिकाओं के लिए आम चुनाव अगले 20 नवंबर को होगा। टास्क फोर्स को संघीय संसद की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की ऐसी 330 सीटों के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करना था। टास्क फोर्स ने फैसला किया था कि जिस अनुपात में संसदीय सीटों का बंटवारा होगा, वही अनुपात प्रांतीय असेंबलियों के मामले में भी लागू किया जाएगा।
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टास्क फोर्स का गठन पिछले पांच अगस्त को हुआ था। उसने गुरुवार शाम को प्रधानमंत्री आवास जाकर गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को अपनी रिपोर्ट सौंपी। टास्क फोर्स सीटों के बंटवारे के बारे में क्या सुझाव दिया है, इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल एक प्रमुख पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के उप महासचिव बर्षामन पुन ने अखबार काठमांडू पोस्ट को बताया- ‘हमने लगभग सभी सीटों के बारे में आम सहमति बना ली है।’ लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ ऐसी सीटें हैं, जिन पर दो पार्टियों का दावा है और कुछ ऐसी भी सीटें हैं, जिन पर तीन पार्टियों का दावा है।
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टास्क फोर्स की रिपोर्ट सौंपे जाने के पहले इससे जुड़े कुछ सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया था कि नेपाली कांग्रेस को 86 से ज्यादा सीटें नहीं मिल पाएंगी। लेकिन नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने तुरंत इस बात का खंडन करते हुए बयान जारी किया था। नेपाली कांग्रेस ने 100 सीटों पर दावा किया था। अब टास्क फोर्स के एक सदस्य ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर कहा है कि नेपाली कांग्रेस के अड़ियल रुख के कारण सीटों की संख्या पर आम सहमति नहीं बन पाई है।
अखबार काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, जिन सीटों पर किसी एक पार्टी का ही दावा था, उनके बारे में टास्क फोर्स ने अंतिम सिफारिश कर दी है। इसके मुताबिक नेपाली कांग्रेस को 60 सीटें मिलनी तय हैँ। उसके दावे वाली बाकी सीटों पर दूसरी पार्टियों का भी दावा है। आरंभ में नेपाली कांग्रेस ने 100, माओइस्ट सेंटर ने 60, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) ने 40, जनता समाजवादी पार्टी ने 32 और राष्ट्रीय जन मोर्चा ने दो सीटों पर अपना दावा पेश किया था।
नेपाल की चुनाव प्रणाली के मुताबिक, संसद की 275 में से 165 सीटों के लिए चुनाव क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन होता है। बाकी 110 सीटों का आवंटन प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के अनुपात में होता है। इसी तरह प्रांतीय असेंबलियों की 330 सीटों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन होता है, जबकि 220 सीटें वोट प्रतिशत के मुताबिक आवंटित की जाती हैं।