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तालिबानी फरमान: अब बंद कराए महिला एक्ट्रेस वाले टीवी सीरियल, एंकरिंग के समय हिजाब पहनना हुआ अनिवार्य
Mon, 22 Nov 2021 07:52 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 22 Nov 2021 07:52 AM IST
सार
तालिबान प्रशासन ने रविवार को नए 'इस्लामिक धार्मिक दिशानिर्देश' जारी किए हैं, जिसके मुताबिक देश में टेलीविजन चैनलों पर सीरियल या डेली सोप में महिला एक्ट्रेस नहीं दिखाई जा सकती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद महिलाओं के लिए उदारता बरतने के वादे के बावजूद कट्टरपंथ हावी है। अब तालिबान सरकार ने फरमान जारी किया है कि देश में महिलाएं टीवी सीरियलों में काम नहीं करेंगी। यही नहीं, बल्कि महिला पत्रकारों और टीवी एंकरों को किसी भी तरह की रिपोर्ट दिखाते वक्त हिजाब पहनने की आवश्यक शर्त लगाई है।
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अफगानिस्तानी मीडिया को तालिबान के ये फरमान पहली बार जारी हुए हैं। नए धार्मिक दिशा निर्देशों में तालिबान ने टीवी चैनलों से ऐसे सीरियल या शो दिखाने से मनाही की है जिसमें महिला कलाकार शामिल होती हैं। हालांकि महिला पत्रकारों और टीवी एंकरों को जारी किए गए फरमान में तालिबान सरकार ने यह नहीं लिखा है कि उन्हें किस तरह के हिजाब का इस्तेमाल करना है। पत्रकारों का कहना है कि कुछ नियम बेहद अस्पष्ट हैं और उनकी व्याख्या किया जाना जरूरी है।
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पैगंबर मोहम्मद से संबंधित कार्यक्रम को भी बंद करने के आदेश
तालिबान ने टीवी चैनलों से उन फिल्मों या कार्यक्रमों को प्रसारित करने से भी इनकार किया है जिनमें पैगंबर साहब या अन्य धार्मिक नेताओं को दिखाया जाता है। धार्मिक मंत्रालय के प्रवक्ता हकीफ मोहजिर ने बताया कि ये नियम नहीं बल्कि धार्मिक दिशा-निर्देश हैं। इनके तहत इस्लामी मूल्यों के खिलाफ बनी फिल्मों व कार्यक्रमों पर रोक लगाने को कहा गया है।
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नए दिशानिर्देश सोशल मीडिया नेटवर्क पर प्रसारित किए गए
नए दिशानिर्देश रविवार देर रात सोशल मीडिया नेटवर्क पर व्यापक रूप से प्रसारित किए गए। बता दें कि तालिबान ने पहले ही नियम लागू कर दिए हैं कि महिलाएं विश्वविद्यालय में क्या पहन सकती हैं और क्या नहीं। इसके अलावा प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने का वादा करने के बावजूद कई अफगान पत्रकारों को पीटा और परेशान किया गया।
20 वर्ष में स्थापित हुए कई टीवी चैनल
अफगानिस्तान में 15 अगस्त को तालिबान कब्जे से पूर्व पिछले 20 वर्षों में अमेरिकी संरक्षण के दौरान कई टीवी चैनल और रेडियो स्टेशन स्थापित किए गए। इस दौरान टीवी चैनलों पर संगीत स्पर्धाएं, गीत-वीडियो आदि कई कार्यक्रम दिखाए जाने लगे। इनमें भारत और तुर्की के कई कार्यक्रम दिखाए गए जिन्हें यहां अच्छे दर्शक भी मिले।
पिछले शासन में टीवी देखने पर कोड़े
इससे पहले 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान शासनकाल में भी टीवी पर फिल्मों या मनोरंजन के अन्य रूपों को अनैतिक बताते हुए प्रतिबंध लगा दिया गया था। टेलीविजन देखते पकड़े जाने पर लोगों को सजा दी जाती, कई बार लोगों को कोड़े मारे जाते थे। उस समय सिर्फ एक रेडियो स्टेशन ‘वॉयस ऑफ शरिया’ हुआ करता था, जो केवल प्रोपेगेंडा और इस्लामी प्रोग्रामिंग प्रसारित करता था।
पुरुषों पर भी कुछ प्रतिबंध लगे
तालिबान द्वारा जारी धार्मिक दिशा-निर्देशों में शरिया कानून और अफगानिस्तान मूल्यों के खिलाफ मानी जाने वाली फिल्मों पर पाबंदी के साथ ही पुरुषों के इंटिमेट बॉडी पार्टस के फुटेज दिखाने पर भी रोक लगा दी गई है। ऐसे कॉमेडी या फिर इंटरटेनमेंट शो जिनमें धर्म का मजाक उड़ाया जाए और या फिर किसी तरह की कोई टिप्पणी की जाए, उस पर भी रोक लगाई गई है। विदेशी टीवी शो दिखाने पर भी पाबंदी लगाई गई है।