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क्या है इरादा: तालिबान ने फिर जताई भारत के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंधों की चाहत
Mon, 30 Aug 2021 01:56 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, काबुल
पीटीआई, काबुल
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:56 AM IST
सार
- तालिबान नेता ने कहा कि काबुल में सरकार बनाने के लिए विभिन्न समूहों और राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है
- स्तेनकजई ने भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई कॉरिडोर को जारी रखने पर भी बात कही
- तालिबानी नेता ने पाकिस्तान के साथ ही व्यापारिक संबंधो की बात कही
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तालिबान नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई
- फोटो : twitter
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विस्तार
अफगानिस्तान में तख्तापलट के बाद से भारत की स्थिति को लेकर बने संशय के माहौल को खुद तालिबान ने दूर करने का प्रयास किया है। तालिबान के शीर्ष नेताओं में शामिल शेर मोहम्मद अब्बास स्तेनकजई ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनका संगठन भारत और अफगानिस्तान के बीच मौजूद राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को पहले की तरह ही जारी रखना चाहता है।
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स्तेनकजई ने पश्तो भाषा में एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि काबुल में सरकार बनाने के लिए विभिन्न समूहों और राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का प्रतिनिधित्व होगा।
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इस वीडियो में उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने व्यापार, आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को बहुत महत्व देना चाहते हैं। तालिबानी नेता स्तेनकजई ने भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई कॉरिडोर को जारी रखने की भी बात कही।
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बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के हवाई जहाजों को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने पर मनाही कर दी थी। इसके बाद यह कॉरिडोर शुरू किया गया था। भारत व अफगानिस्तान के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इसे शुरू किया गया था।
पाकिस्तान पर भी रखी राय
वहीं, तालिबानी नेता ने पाकिस्तान के बारे में भी अपनी राय रखी। उन्होंंने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से भारत के साथ व्यापार करना काफी महत्वपूर्ण होगा। साथ ही स्तेनकजई ने चीन और रूस के साथ अफगानिस्तान के संबंधों का भी जिक्र किया।
पहले भी भारत को काबुल में अपना दूतावास बंद नहीं करने के लिए मनाने का प्रयास कर चुके स्तेनकजई के बयान को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि काबुल पर कब्जे के बाद किसी शीर्ष तालिबान नेता का अन्य देशों के साथ संबंधों के मुद्दे पर यह पहला स्पष्ट बयान है।
तालिबान के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पश्तो भाषा में जारी करीब 46 मिनट के वीडियो में स्तेनकजई ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान में कामकाज शरिया आधारित इस्लामी प्रशासनिक ढांचे के तहत किया जाएगा।
देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी रह चुका है स्तेनकजई
अफगान सेना की तरफ से 70 के दशक के दौरान देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के कैडेट रहे स्तेनकजई ने कहा कि भारत इस उपमहाद्वीप के लिए बेहद अहम है। हम भारत के साथ अपने सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को पहले की तरह जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रास्ते भारत के साथ व्यापार हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा हवाई कॉरिडोर के माध्यम से भी भारत के साथ व्यापार खुला रहेगा।
उन्होंने तुर्कमेनिस्तान से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान और भारत के लिए गैस लाने वाली तापी पाइप लाइन के निर्माण की बाधाएं दूर करने की भी बात कही। साथ ही ईरान पर बोलते हुए भारत की तरफ से विकसित चाबहार बंदरगाह की अहमियत का जिक्र भी किया।