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अफगानिस्तान: संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना चाहता है तालिबान, महासचिव को चिट्ठी लिखकर की यह मांग
Wed, 22 Sep 2021 08:12 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, संयुक्त राष्ट्र
एएनआई, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 22 Sep 2021 08:12 AM IST
सार
दुनिया तालिबान के कारनामों से वाकिफ है। अगर संबोधन के लिए आगे प्रक्रिया बढ़ती है तो अमेरिका इसका विरोध कर सकता है। इसलिए तालिबान के किसी प्रतिनिधि का बोलना मुश्किल है।
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तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने इस सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं को संबोधित करने के लिए एक पत्र लिखा है। इसमें तालिबान ने कहा है कि उसने अपने दोहा स्थित प्रवक्ता सुहैल शाहीन को अफगानिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र के लिए राजदूत के रूप में नामित किया है।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिख उठाई ये मांग
तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र लिख इस संबंध में अनुरोध किया है। मुत्ताकी ने सोमवार को समाप्त होने वाली महासभा की वार्षिक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान बोलने देने के लिए कहा।
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गुटेरेस के प्रवक्ता फरहान हक ने मुत्ताकी के पत्र की पुष्टि की है। प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि अफगानिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में जगह के लिए नौ सदस्यीय क्रेडेंशियल कमेटी को अनुरोध किया गया है।
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इन सदस्यों में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस शामिल हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि तालिबान की इस हफ्ते समिति के साथ बैठक होने की संभावना नहीं है। इसलिए तालिबान के प्रतिनिधि का संबोधन मुश्किल लग रहा है।
वहीं बता दें कि गुलाम एम. इसाकजई ने जुलाई में संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में मंजूरी मिली थी। लेकिन अब गनी सरकार को हटा कर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। वहीं तालिबान ने पत्र में लिखा है कि इसाकजई का काम अफगानिस्तान के लिए खत्म हो चुका है अब वह अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व नहीं करता है तो अब उसे हटाकर हमें कुर्सी दी जाए।
हक के अनुसार जब तक क्रेडेंशियल कमेटी द्वारा कोई निर्णय नहीं किया जाता है, तब तक इसाकजई महासभा के नियमों के अनुसार अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे। इसाकजई संयुक्त राष्ट्र को अंतिम दिन 27 सितंबर को संबोधित करने वाले हैं, लेकिन तालिबान के पत्र ने उनके बोलने पर भी संदेह खड़ा कर दिया है।