US: राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप को राहत, कैपिटल हिल हिंसा मामले की सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट
US: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह एक पूर्व राष्ट्रपति हैं और इस वजह से उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उनकी दलील पर सहमति जताई।
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अमेरिका के आम चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप को शीर्ष अदालत ने बड़ी राहत दी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति होने की वजह से 2020 की कैपिटल हिल हिंसा के मामले में उन्हें अपनी बेगुनाही साबित करने का एक और मौका दिया जाना चाहिए। अदालत अब 22 अप्रैल को उनकी दलीलों को सुनेगा।
अपीलीय अदालत ने खारिज किया था ट्रंप का दावा
इससे पहले, छह फरवरी को संघीय अपीलीय अदालत ने मामले में उन्हें झटका दिया था। अदालत ने उनके 'कानूनी प्रतिरक्षा' के दावे को खारिज कर दिया था। कानूनी प्रतिरक्षा एक ऐसी कानूनी स्थिति है, जिसमें किसी व्यक्ति या संस्था को कानून के उल्लंघन के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता।
सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप की दलील पर जताई सहमति
ट्रंप ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह एक पूर्व राष्ट्रपति हैं और इस वजह से उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उनकी दलील पर सहमति जताई।
मुकदमे की तारीख का सियासी भविष्य पर होगा असर
राष्ट्रपति चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी से देश के शीर्ष पद के दावेदार ट्रंप के लिए अदालत का यह फैसला बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, इस मुकदमे की तारीख का ट्रंप के सियासी भविष्य पर भी असर पड़ेगा। रिपब्लिकन पार्टी चाहती है कि मुकदमे की तारीख में देरी हो।
चुनाव जीते तो मुकदमों को खारिज कर सकेंगे ट्रंप
अगर चुनाव में ट्रंप राष्ट्रपति जो बाइडन को हरा देते हैं, तो वह अपने पद का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने ऊपर चल रहे मुकदमों को खारिज करने के लिए अटॉर्नी जनरल को आदेश दे सकते हैं या वह अपने लिए माफी की मांग कर सकते हैं।