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हांगकांग में फिर सड़कों पर उतरे छात्र, लोकतंत्र और आजादी की मांग, अमेरिका को चेताया

Tue, 10 Sep 2019 04:05 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: देव कश्यप Updated Tue, 10 Sep 2019 04:05 AM IST
सार

  • हांगकांग में प्रदर्शनकारियों की एक प्रमुख मांग मान लिए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन
  • सोमवार को हजारों छात्रों ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर प्रदर्शन किया और मानव शृंखला बनाई
  • हांगकांग ब्रिटेन का उपनिवेश रह चुका है, जिसे 1997 में चीन को सौंप दिया गया था
  • हांगकांग प्रशासन ने अमेरिका को इस मामले से दूर रहने को कहा

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Students protest in Hong Kong created human chain demanded Democracy and freedom
Students Protest in Hong Kong - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हांगकांग में प्रदर्शनकारियों की एक प्रमुख मांग मान लिए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को हजारों छात्रों ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर प्रदर्शन किया और मानव शृंखला बनाई। छात्रों ने लोकतंत्र और चीन से आजादी की मांग की। पिछले सप्ताह बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शनकारियों की अपील पर स्कूल और कॉलेजों की बहिष्कार किया था और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था।

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हजारों प्रदर्शनकारियों ने रविवार को हांगकांग में अमेरिका के महावाणिज्य दूतावास तक मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अमेरिकी ध्वज थे और उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की थी कि वह हांगकांग को चीन से आजाद कराए। साथ ही उन्होंने मांग की थी कि अमेरिका प्रस्तावित हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम संसद में पारित करे, जिसे डेमोक्रेटिक सीनेटर अगले सप्ताह विचार के लिए पेश करने वाले हैं।
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इस कानून के तहत यदि चीनी अधिकारियों को हांगकांग की आजादी को कुचलने के लिए जिम्मेदार पाया गया, तो उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। करीब तीन महीने से जारी प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के चलते पिछले सप्ताह हांगकांग सरकार ने अपने विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को वापस ले लिया था। इसी विधेयक के विरोध में हांगकांग में प्रदर्शन शुरू हुआ था जो अब लोकतंत्र और आजादी का आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी हांगकांग में लोकतंत्र समेत अपनी कई मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। बता दें कि हांगकांग ब्रिटेन का उपनिवेश रह चुका है, जिसे 1997 में चीन को सौंप दिया गया था।

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आंतरिक मामले से दूर रहे अमेरिका: हांगकांग

इस बीच, हांगकांग प्रशासन ने अमेरिका को इस मामले से दूर रहने को कहा है। हांगकांग ने कहा कि यह उसका आंतरिक मामला है और अमेरिकी संसद में उसके खिलाफ विधेयक (हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम) को लाया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी बाहरी देश को उसके आंतरिक मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने पिछले दिनों कहा था कि हांगकांग के लोग डर से वास्तविक स्वायत्तता और स्वतंत्रता के हकदार हैं। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा की थी।

जर्मनी और अमेरिका की यात्रा पर वांग

गिरफ्तारी के बाद सशर्त जमानत पर छूटे हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वांग जर्मनी की यात्रा पर हैं। इसके बाद वह अमेरिका भी जाएंगे। 22 वर्षीय वांग लोकतंत्र समर्थक उन नेताओं में शामिल थे, जिन्हें पिछले सप्ताह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वांग पर आरोप है कि उन्होंने लोकतंत्र के समर्थन में लोगों को एकजुट किया और चीन समर्थित हांगकांग प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया। वांग की पार्टी ‘डेमोसिस्टो’ की प्रवक्ता ने बताया कि वांग जर्मनी जा रहे हैं। इसके बाद वह अमेरिका जाएंगे।

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