Earthquake: दक्षिण अमेरिका में भूकंप के तेज झटके, करीब आठ की तीव्रता से कांपी धरती; सुनामी की चेतावनी जारी
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, 7.4 तीव्रता का भूकंप समुद्र में आया। इसका केंद्र 36 किलोमीटर गहराई में था। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों ने भूकंप की तीव्रता आठ बताई।
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विस्तार
दक्षिण अमेरिका में शुक्रवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके ड्रेक जलमार्ग में आए। इसकी तीव्रता रिक्ट पैमाने पर 7.4 से 8 के बीच बताई गई। इसे लेकर इलाके में सुनामी की चेतावनी भी जारी कर दी गई।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, 7.4 तीव्रता का भूकंप समुद्र में आया। इसका केंद्र 36 किलोमीटर गहराई में था। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों ने भूकंप की तीव्रता आठ बताई। दरअसल, ड्रेक जलमार्ग दक्षिण अमेरिका के हॉर्न अंतरीप और अंटार्कटिका के दक्षिण शेटलैंड द्वीपों के बीच के समुद्री क्षेत्र है। यह पूर्व में अटलांटिक महासागर को पश्चिम में प्रशांत महासागर से जोड़ता है। ड्रेक जलमार्ग की चौड़ाई कम से कम 800 किमी. है।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
कितनी तबाही लाता है भूकंप?
| रिक्टर स्केल | असर |
| 0 से 1.9 | सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है। |
| 2 से 2.9 | हल्का कंपन |
| 3 से 3.9 | कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर |
| 4 से 4.9 | खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं। |
| 5 से 5.9 | फर्नीचर हिल सकता है। |
| 6 से 6.9 | इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है। |
| 7 से 7.9 | इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं। |
| 8 से 8.9 | इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा। |
| 9 और उससे ज्यादा | पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। |