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US-Iran: दुश्मन नहीं, सिर्फ दोस्तों के लिए खुलेगा होर्मुज; ट्रंप की चेतावनी के बाद भी नहीं बदले ईरान के तेवर

Sun, 22 Mar 2026 05:26 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sun, 22 Mar 2026 05:26 PM IST
सार

Strait Of Hormuz Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने बड़ा बयान दिया है कि यह रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन दुश्मन देशों के लिए सीमित किया जा सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान के तेवर में कोई बदलाव नहीं आया है। वह अभी भी अपने दुश्मन देशों को होर्मुज का रास्ता नहीं इस्तेमाल करने देगा।

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Strait of Hormuz is only closed for Irans enemies Iran US conflict update global oil supply crisis
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नई सियासी और सैन्य हलचल तेज हो गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं करेगा, लेकिन दुश्मन देशों के लिए इसे सीमित कर सकता है। हालांकि ट्रंप ने इस होर्मुज के रास्ते को खोलने के लिए चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद ईरान ने अपने दुश्मन देशों के लिए होर्मुज का रास्ता खोलने से इनकार कर दिया।  
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ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि विदेशी जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान के साथ समन्वय करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए खुला रहेगा जो ईरान के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि मौजूदा तनाव की जड़ अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में हालात बिगड़े हैं।
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क्या है ईरान की नई रणनीति?
ईरान ने अपने बयान में दोहरा संदेश दिया है। एक तरफ वह कह रहा है कि समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। दूसरी तरफ उसने साफ कर दिया है कि दुश्मन देशों के जहाजों को रोकने का अधिकार वह अपने पास रखता है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान होर्मुज को एक रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
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ट्रंप की चेतावनी का क्या असर पड़ा?
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज पूरी तरह नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर सकता है। इस सख्त रुख के बाद भी ईरान की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया। दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। 

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हाल के हमलों और तनाव के कारण पहले ही ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है।


ईरान के इस बयान से साफ है कि वह पूरी तरह टकराव नहीं चाहता, लेकिन दुश्मनों के लिए वो जरा सी भी नरमी नहीं बरतेगा। अमेरिका की सैन्य चेतावनी और ईरान की शर्तों के बीच हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि स्थिति कूटनीति की ओर बढ़ती है या संघर्ष और तेज होता है।

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