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Hindi News ›   World ›   Strait of Hormuz disruptions not distant events, have direct implications for India: Rajnath in Germany

Germany: 'होर्मुज में अस्थिरता का भारत पर सीधा असर', जर्मनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई चिंता

Wed, 22 Apr 2026 02:24 AM IST
Nirmal Kant पीटीआई, बर्लिन।
पीटीआई, बर्लिन। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 22 Apr 2026 02:24 AM IST
सार

Germany: तीन दिवसीय दौरे पर जर्मनी पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की रुकावट भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है और इसे दूर की घटना नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत ने सक्रिय रणनीति अपनाई है तथा जर्मनी के साथ रक्षा सहयोग और मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-

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Strait of Hormuz disruptions not distant events, have direct implications for India: Rajnath in Germany
जर्मनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की रुकावट भारत के लिए दूर की घटना नहीं है, बल्कि यह सीधा असर डालने वाली वास्तविक स्थिति है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में 50 दिनों से ज्यादा समय से संघर्ष जारी है और इसका वैश्विक स्तर पर प्रभाव भी पड़ रहा है।
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राजनाथ सिंह ने जर्मन संसद की रक्षा और सुरक्षा समिति को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है और तकनीक में बदलाव से स्थिति और जटिल हो गई है। उन्होंने कहा कि बदलते हालात के अनुरूप होने के साथ नया दृष्टिकोण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। 
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'चुनौतियों से निपटने के लिए भारत ने अपनाई सक्रिय रणनीति'
रक्षा मंत्री ने भारत और जर्मनी के रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रक्षा उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए ऊर्जा का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई भी बाधा सीधे असर डालती है। उन्होंने बताया कि भारत ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय रणनीति अपनाई है और समन्वित दृष्टिकोण पर काम कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया है और यूरोपीय संघ के स्तर पर भी भारत के साथ सहयोग बढ़ रहा है। सिंह ने कहा कि आत्मनिर्मभर भारत केवल खरीद कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सह-निर्माण, सह-विकास और सह-नवाचार का अवसर है।

'रक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे भारत के स्टार्टअप'
उन्होंने कहा कि जर्मनी की बड़ी और मध्यम उद्योग कंपनियों की ताकत सराहनीय है और भारत के स्टार्टअप भी तेजी से रक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार हैं और यह साझेदारी आगे और मजबूत हो सकती है।

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'वैश्विक नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाते हैं भारत-जर्मनी'
उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्य और आर्थिक मजबूती पर आधारित हैं और वैश्विक नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक अस्थिरता केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव वैश्विक हैं। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और मानवता पर बड़ा असर डालते हैं और दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।

रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि दी
जर्मनी पहुंचने पर उनका सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया और उन्हें जर्मन वायु सेना के विशेष विमान से ले जाया गया। उन्होंने बर्लिन में रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि भी दी और भारत-जर्मनी सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बताया।

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