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Iran-US War: होर्मुज संकट पर चीन की अमेरिका को सख्त चेतावनी, ट्रंप की पहल पर कहा- तुरंत रोके जाएं सैन्य अभियान
Mon, 16 Mar 2026 03:34 PM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Mon, 16 Mar 2026 03:34 PM IST
सार
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के बीच चीन ने सभी देशों से तुरंत सैन्य अभियान रोकने के लिए कहा है। यह बयान उस समय आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन समेत कई देशों से समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत तैनात करने को कहा।
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ट्रंप औऱ जिनपिंग
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के बीच चीन ने सभी देशों से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन सहित कई देशों से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अपने युद्धपोत तैनात करें। ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
चीन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय शांति पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी पक्षों को तुरंत सैन्य अभियान रोकना चाहिए, ताकि हालात और ज्यादा खराब न हों। उन्होंने कहा कि यदि तनाव बढ़ा तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
होर्मुज क्यों बना वैश्विक चिंता का कारण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। हाल ही में अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कदम के तौर पर इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इसके कारण तेल की वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
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ये भी पढ़ें- न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एअर इंडिया फ्लाइट तकनीकी खामी के चलते आयरलैंड डायवर्ट, जानिए क्या अपडेट
ट्रंप ने किन देशों से मांगी मदद?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान जैसे देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत तैनात कर इस जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखें। ट्रंप का कहना है कि यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरी हुआ तो इस मुद्दे पर बनने वाले नए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में कई देशों को शामिल किया जाएगा, ताकि तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य रखी जा सके।
ट्रंप की चीन यात्रा पर क्या चल रही है चर्चा?
चीन ने यह भी बताया कि इस महीने के अंत में प्रस्तावित डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर चीन होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के प्रयासों में सहयोग नहीं करता है तो उनकी बीजिंग यात्रा टाली जा सकती है। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और शीर्ष नेताओं के बीच कूटनीतिक बातचीत द्विपक्षीय संबंधों में अहम भूमिका निभाती है।
ईरान के साथ चीन के संबंध क्यों अहम हैं?
चीन ईरान का करीबी साझेदार माना जाता है और वह ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। अक्सर चीन को ईरानी तेल अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर मिलता है। चीन ने अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर किए गए हमलों की आलोचना भी की है। साथ ही अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मौत को लेकर भी चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में होर्मुज संकट के बीच चीन की भूमिका को वैश्विक राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है।
संबंधित वीडियो-
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चीन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय शांति पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी पक्षों को तुरंत सैन्य अभियान रोकना चाहिए, ताकि हालात और ज्यादा खराब न हों। उन्होंने कहा कि यदि तनाव बढ़ा तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
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होर्मुज क्यों बना वैश्विक चिंता का कारण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। हाल ही में अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कदम के तौर पर इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इसके कारण तेल की वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
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ट्रंप ने किन देशों से मांगी मदद?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान जैसे देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत तैनात कर इस जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखें। ट्रंप का कहना है कि यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरी हुआ तो इस मुद्दे पर बनने वाले नए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में कई देशों को शामिल किया जाएगा, ताकि तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य रखी जा सके।
ट्रंप की चीन यात्रा पर क्या चल रही है चर्चा?
चीन ने यह भी बताया कि इस महीने के अंत में प्रस्तावित डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर चीन होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के प्रयासों में सहयोग नहीं करता है तो उनकी बीजिंग यात्रा टाली जा सकती है। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और शीर्ष नेताओं के बीच कूटनीतिक बातचीत द्विपक्षीय संबंधों में अहम भूमिका निभाती है।
ईरान के साथ चीन के संबंध क्यों अहम हैं?
चीन ईरान का करीबी साझेदार माना जाता है और वह ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। अक्सर चीन को ईरानी तेल अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर मिलता है। चीन ने अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर किए गए हमलों की आलोचना भी की है। साथ ही अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मौत को लेकर भी चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में होर्मुज संकट के बीच चीन की भूमिका को वैश्विक राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है।
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