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श्रीलंका धमाके: आतंकियों के घर के बारे में मुस्लिम नागरिकों ने दी थी पुलिस को सूचना
Mon, 29 Apr 2019 10:53 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 29 Apr 2019 10:53 AM IST
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बम धमाकों के बाद रोती महिला
- फोटो : PTI
श्रीलंका के अमपारा जिले के कलमुनई में आतंकियों के घर के बारे में सबसे पहले स्थानीय मुस्लिम नागरिकों ने सूचना दी। जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने इस घर में छापेमारी की। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई क्योंकि छापेमारी के दौरान तीन लोगों ने खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार लोहे के पुल के पास से गुजर रहे एक मुस्लिम युवा ने पुलिस को तब जानकारी दी जब उसने घर के अंदर एक आदमी को राइफल के साथ खड़ा देखा। नागरिकों के अनुसार कुछ मिनटों बाद वह घर के बाहर इकट्ठा हो गए और उनसे उनके पहचान पत्र मांगे। जब उन्हें फटकार लगाई गई को अंदर से एक शख्स ने हवा में फायरिंग की।
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इसके बाद स्थानीय मस्जिद समिति को बुलाया गया। जल्द ही घर में से किसी ने भीड़ पर मुट्ठीभर नोट फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस और सेना को सूचना दी गई। पुलिस और सेना यहां छापेमारी के लिए आई जिसमें तीन लोगों ने खुद को उड़ा लिया। इस घटना में बच्चों सहित 15 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें हमलों के मास्टरमाइंड जहरान हाशिम के पिता और दो भाई शामिल थे।
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ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में सिलसिलेवार आठ बम धमाके हुए थे। तीन चर्च और तीन पांच सितारा होटलों को आत्मघाती हमलावरों ने निशाना बनाया था। जिसमें 253 लोगों की मौत हो गई और 500 से ज्यादा घायल हैं। मरने वालों में 11 भारतीय नागरिक हैं। पुलिस और सेना खुफिया अधिकारियों का कहना है कि हाशिम की पत्नी और चार साल की बच्ची को बचाया गया है। वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर का दावा है कि दोनों केवल 10 प्रतिशत जले हैं और उनका बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।
धमाकों के बाद से पूरा मुस्लिम बहुल इलाका सेंथामारुथु सेना की निगरानी में है। इसके बावजूद यहां के नागरिक अपने देश में हुए धमाकों के खिलाफ बोल रहे हैं। स्थानीय नागरिक मोहम्मद सुल्फीकार ने कहा, 'हम सभी ईस्टर पर हुए धमाकों से गहन चिंतित हैं खासतौर से इस बात से कि पूजाघर में इतने सारे लोगों की मौत हो गई। इसने हमें गुस्सा दिलाने के साथ ही सतर्क भी बनाया है।'
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