सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए तमिल कैदियों को जल्द रिहा कर सकता है श्रीलंका
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श्रीलंका तमिल कैदियों की जल्द रिहाई कर सकता है। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल ने रविवार को संकेत दिए कि जेलों में बंद तमिल समुदाय के लोगों को रिहा करने की मांग पूरी की जा सकती है। इसे राजपक्षे की ओर से तमिल सांसदों का समर्थन हासिल करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
नमल ने तमिल में ट्वीट किया, राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना और प्रधानमंत्री राजपक्षे जल्द ही तमिल कैदियों को रिहा करने पर फैसला करेंगे। माना जा रहा है कि उनका यह बयान मुख्य राजनीतिक दल तमिल नेशनल एलायंस को लुभाने के लिए है ताकि संसद में राजपक्षे विश्वासमत हासिल कर सकें। 225 सदस्यों वाली श्रीलंकाई संसद में राजपक्षे के समर्थन में 100 सांसद माने जा रहे हैं।
वहीं, बर्खास्त किए गए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को 103 सांसदों का समर्थन है। बाकी 22 सांसद राजपक्षे के विरोध में हैं। इनमें कई एलायंस के सांसद हैं।
2009 में लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) के साथ गृहयुद्ध खत्म होने के बाद से ही श्रीलंकाई सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है कि जेल में बंद लिट्टे सदस्य राजनीतिक बंदी हैं। तमिल समुदाय का आरोप है कि लंबे समय से ये लोग आतंकवाद निरोधी कानून के तहत जेल में बंद हैं। उन पर औपचारिक रूप से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।