Sri Lanka: न बाइक सुरक्षा-न कार का काफिला और न सैन्य सलामी, दिसानायके ने पहले संसद सत्र को किया संबोधित
Sri Lanka: राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने अपने संबोधन में कहा, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी कानून के सामने समान और जवाबदेह बनाएं। उन्होंने यह भी कहा, हम उन सभी लोगों को न्याय दिलाएंगे जो अतीत के अपराधों के पीड़ित हैं।
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श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने अपने पहले संसद सत्र में गुरुवार को अपने चुनावी वादों को पूरा करने का संकल्प लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कानून के शासन को सुनिश्चित करने और अतीत की गलतियों को सुधारने की बात की।
राष्ट्रपति दिसानायके ने अपनी नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) के सिद्धांतों के अनुरूप साधारण तरीके से संसद में प्रवेश किया। इस दौरान न ही कोई पारंपरिक बाइक सुरक्षा और कारों का काफिला दिखा और न सैन्य सलामी हुई। उन्होंने सफेद रंग का साधारण कुर्ता पहनकर ही स्पीकर की कुर्सी से संसद को संबोधित किया। उनकी पार्टी के जीत के बाद यह पहला संसद सत्र था।
संसदीय चुनाव में एनपीपी को मिलीं दो-तिहाई सीटें
255 सदस्यीय सदन के लिए 14 नवंबर को हुए मतदान में एनपीपी ने 159 सीटें जीतकर इतिहास रचा। यह पहला मौका था जब 1989 के बाद हुए संसदीय चुनाव में किसी पार्टी ने दो तिहाई बहुमत या 150 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की।
'अतीत के अपराध के पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे'
राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने संबोधन में कहा, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी कानून के सामने समान और जवाबदेह बनाएं। उन्होंने यह भी कहा, हम उन सभी लोगों को न्याय दिलाएंगे जो अतीत के अपराधों के पीड़ित हैं।
आईएमएफ के बेलआउट पैकेज पर कही ये बात
अपने संबोधन 56 वर्षीय राष्ट्रपति ने देश की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था पर फोकस किया। हालांकि, उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बेलाउट पैकेज की आलोचना की थी। अब उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बेलआउट पैकेज के प्रतिबद्धता को जारी रखेगी।
आईएमएफ के साथ कर्मचारी स्तर का समझौता करेगी सरकार
दिसानायके ने कहा, चुनाव जीतने के बाद निरंतरत सुनिश्चित करके सभी दलों का भरोसा जीतना हमारा दायित्व था। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी सरकार 23 नवंबर तक आईएमएफ के साथ अगला कर्मचारी स्तर का समझौता कर लेगी।
'हर देश के साथ होंगे अलग-अलग ऋण पुनर्गठन समझौते'
ऋण पुनर्गठन को लेकर दिसानायके ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार पूर्ववर्ती प्रशासन में किए गए समझौतों का पालन करेगी। उन्होंने कहा, जल्द ही हर देश के साथ अलग-अलग ऋण पुनर्गठन समझौते होंगे। उम्मीद है कि यह सभी वर्ष के अंत तक अंतिम रूप ले लेंगे।
'आर्थिक विकास में जन भागीदारी की जरूरत'
राष्ट्रपति ने जोर दिया कि आर्थिक विकास में व्यापक जन भागीदारी की जरूरत है, ताकि आर्थिक लाभ बड़े पैमाने पर जनता तक पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार दक्षिण और उत्तर दोनों क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाएगी और सरकार में किसी भी तरह की जाति, धर्म या भेदभाव आधारित राजनीति नहीं होगी।
'नई सरकार में नहीं होगी जाति-धर्म आधारित राजनीति'
दिसानायके ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का एलान करते हुए कुपोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक देखभाल जैसी चुनौतियों को निपटाने का भी वादा किया। उन्होंने कहा, यह एक ऐसी सरकार होगी जो सभी लोगों की रक्षा करेगी।
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