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Sri Lanka: ईस्टर हमला मामले में पूर्व राष्ट्रपति सिरीसेना को झटका, खारिज हुई मामले से मुक्त करने की याचिका

Wed, 01 Mar 2023 07:12 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 01 Mar 2023 07:12 PM IST
सार

इससे पहले जनवरी में श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट की सात-सदस्यीय पीठ ने  पूर्व राष्ट्रपति को आदेश दिया था कि वे 2019 के ईस्टर हमले के पीड़ितों को मुआवजे के रूप में 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये का भुगतान करें। हमले की आशंका के बारे में प्रामाणिक जानकारी होने के बावजूद उसे रोक पाने में उनकी लापरवाही के लिए यह आदेश दिया गया है।

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Sri Lankan court rejects ex-president Sirisena plea to free him from all cases related to 2019 Easter attack
कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala

विस्तार

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना को 2019 के ईस्टर हमला मामले में करारा झटका लगा है। यहां कोलंबो हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति सिरिसेना की 2019 ईस्टर हमले से संबंधित सभी मामलों से उन्हें मुक्त करने की याचिका खारिज कर दी। अपनी याचिका में पूर्व राष्ट्रपति ने गुहार लगाई थी कि राज्य को प्रतिवादी बनाकर उसे सभी मामलों से व्यक्तिगत रूप से रिहा किया जाए।

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आईएस समर्थित दो समूहों ने कराए थे हमले
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के प्रति निष्ठा रखने वाले श्रीलंका के दो स्थानीय मुस्लिम समूहों ने अप्रैल 2019 में चर्चों और प्रमुख पर्यटक होटलों पर एक के बाद एक छह हमले किए थे। जिसमें 11 भारतीय सहित लगभग 270 लोग मारे गए थे और 500 से अधिक घायल हुए थे। एक अन्य व्यक्ति ने चौथे पर्यटक होटल पर सुनियोजित हमला नहीं किया था, लेकिन बाद में एक अलग स्थान पर उसने विस्फोट करके खुद को मार डाला था। बाद में इस हमले के पीड़ितों में से करीब 108 लोगों ने तत्कालीन राष्ट्रपति सिरिसेना के खिलाफ अग्रिम खुफिया चेतावनियों की उपेक्षा के लिए मामले दर्ज किए थे। 
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पूर्व राष्ट्रपति सिरीसेना को अदालत ने दिया था ये निर्देश 
इससे पहले जनवरी में श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट की सात-सदस्यीय पीठ ने  पूर्व राष्ट्रपति को आदेश दिया था कि वे 2019 के ईस्टर हमले के पीड़ितों को मुआवजे के रूप में 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये का भुगतान करें। हमले की आशंका के बारे में प्रामाणिक जानकारी होने के बावजूद उसे रोक पाने में उनकी लापरवाही के लिए यह आदेश दिया गया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे मुआवजे के भुगतान के बारे में छह महीने में जानकारी दी जानी चाहिए। बाद में, उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह शीर्ष अदालत द्वारा आदेशित राशि का भुगतान करने के लिए अपने शुभचिंतकों से धन एकत्र कर रहे थे।
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कोर्ट ने सिरीसेना को 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये, पूर्व पुलिस प्रमुख पूजित जयसुंदर और राज्य खुफिया सेवा के पूर्व प्रमुख नीलांता जयवर्द्धने को 7.5-7.5 करोड़ श्रीलंकाई रुपये तथा पूर्व रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो को 5 करोड़ श्रीलंकाई रुपये देने का आदेश दिया। राष्ट्रीय खुफिया सेवा के पूर्व प्रमुख शिशिर मेंडिस को एक करोड़ श्रीलकाई रुपये का मुआवजा अदा करने का आदेश दिया था। साथ ही कहा था कि वे अपने व्यक्तिगत कोष से यह राशि क्षतिपूर्ति कार्यालय द्वारा अनुरक्षित पीड़ित कोष में भुगतान करें।

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