Sri Lanka Crisis: अदालत ने राजपक्षे बंधुओं पर यात्रा पाबंदी बढ़ाई, दो अगस्त तक देश छोड़ने पर रोक
इस महीने की शुरुआत में कोलंबो में भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों और अधिकारियों के विरोध के बाद बासिल को श्रीलंका छोड़ने से रोक दिया गया था।
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श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे, पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे और सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर अजित निवार्ड काबराल को 2 अगस्त तक संकटग्रस्त देश छोड़ने पर रोक लगा दी। इसी के साथ कोर्ट ने इन पर 28 जुलाई तक लगाए गए विदेशी यात्रा प्रतिबंध को बढ़ा दिया। समाचार पोर्टल कोलंबो गजट के अनुसार, उनके खिलाफ याचिका सीलोन चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष चंद्र जयरत्ने, श्रीलंका के पूर्व तैराकी चैंपियन जूलियन बोलिंग, जेहान कनगरत्ना और ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल श्रीलंका सहित एक समूह द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये तीन व्यक्ति श्रीलंका के विदेशी ऋण की अस्थिरता, ऋण चूक और वर्तमान आर्थिक संकट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
पहले 28 जुलाई तक लगाई थी रोक
रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 जुलाई को श्रीलंका की शीर्ष अदालत ने तीनों के देश छोड़ने पर 28 जुलाई तक रोक लगा दी थी। उस प्रतिबंध को अब 2 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। इस महीने की शुरुआत में कोलंबो में भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों और अधिकारियों के विरोध के बाद बासिल को श्रीलंका छोड़ने से रोक दिया गया था। पूर्व वित्त मंत्री ने विरोध शुरू करने वाले यात्रियों द्वारा देखे जाने से पहले हवाई अड्डे के लाउंज से बाहर निकलने का प्रयास किया था। सरकार विरोधी अभूतपूर्व विरोधों के बीच अंततः अप्रवासन अधिकारियों ने कदम रखा और उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया।
महिंदा और बेसिल के भाई श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे 14 जुलाई को मालदीव से सिंगापुर पहुंचे थे। वह अपनी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ विद्रोह से बचने के लिए 13 जुलाई को मालदीव भाग गए थे और वहां से अगले दिन सिंगापुर के लिए रवाना हो गए। द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने बताया कि राजपक्षे को सिंगापुर ने एक नया वीजा जारी किया है, जिसने देश में उनके प्रवास को 11 अगस्त तक बढ़ा दिया है। उनके यात्रा पास को 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। श्रीलंका ने सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर महीनों तक बड़े पैमाने पर अशांति देखी है और कई लोग राजपक्षे और उनके परिवार के नेतृत्व वाली पूर्व सरकार को अर्थव्यवस्था की बर्बादी का दोषी ठहराते हैं।
सिंगापुर ने राजपक्षे के यात्रा पास की अवधि 14 दिन और बढ़ाई
सिंगापुर सरकार ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे को नया वीजा जारी करते हुए देश में उनके रहने की अवधि 14 दिन और बढ़ा दी है। मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक, राजपक्षे के यात्रा पास की अवधि 11 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण जनाक्रोश को देखते हुए 13 जुलाई को मालदीव चले गए और वहां से अगले दिन निजी यात्रा पर सिंगापुर पहुंचे थे।