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Sri Lanka: ईस्टर संडे हमले मामले में श्रीलंका ने खुफिया प्रमुख का किया बचाव, UK चैनल के दावों को बताया मनगढ़ंत
Sat, 09 Sep 2023 05:18 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 09 Sep 2023 05:18 PM IST
सार
श्रीलंका में 2019 में हुए ईस्टर रविवार हमले को लेकर एक यूके चैनल के दावों को श्रीलंका ने खारिज करते हुए देश के खुफिया प्रमुख का बचाव किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
श्रीलंका में 2019 में हुए ईस्टर रविवार हमले को लेकर एक यूके चैनल ने डॉक्यूमेंट्री बनाई जिसमें उसने उस समय के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और मेजर जनरल सुरेश सल्लाय पर संलिप्तता का आरोप लगाया। वहीं, अब यूके चैनल के दावों को श्रीलंका ने खारिज करते हुए शनिवार को देश के खुफिया प्रमुख का बचाव किया। वहीं, इससे पहले गोटबाया राजपक्षे भी ऐसे दावों को बेतुका बता चुके हैं।
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यूके के एक चैनल ने मंगलवार को श्रीलंका के ईस्टर बम विस्फोट डिस्पैच नामक एक डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की, जिसमें 2019 ईस्टर आत्मघाती बम विस्फोटों को अंजाम देने में कुछ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता और मिलीभगत का आरोप लगाया गया।
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मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा मंत्रालय एक समर्पित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जिसने 36 वर्षों तक देश की सेवा की है, उसके खिलाफ हमले की साजिश रचने और हमलावरों की सहायता करने के आरोप की कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय का कहना है कि मेजर जनरल सल्लाय दिसंबर 2016 से दिसंबर 2018 तक मलयेशिया में श्रीलंका उच्चायोग में कार्यरत थे।
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आगे बताया कि वह तीन जनवरी, 2019 को भारत के लिए रवाना हुए और दिल्ली में नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्स पूरा करने के बाद 30 नवंबर, 2019 को श्रीलंका लौट आए। मंत्रालय का कहना है कि हमलों के बाद से लगातार श्रीलंकाई सरकारों ने सच्चाई उजागर करने के लिए कार्रवाई की है।
वहीं, राजपक्षे ने गुरुवार को चैनल के सभी दावों को खारिज कर दिया और उन्होंने रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा करार दिया था। राजपक्षे ने दावा किया कि 2015 में रक्षा सचिव का पद छोड़ने के बाद और 2019 में राष्ट्रपति चुने जाने तक उनका सल्लाय से कोई संपर्क नहीं था। उन्होंने कहा कि यह दावा करना बेतुका है कि इस्लामी चरमपंथियों के एक समूह ने उन्हें राष्ट्रपति बनाने के लिए आत्मघाती हमले किए।
डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि राजपक्षे के वफादार मेजर जनरल सुरेश सल्लाय ने मुस्लिम चरमपंथियों के साथ 2019 के हमलों की साजिश रची थी। इसका जवाब देते हुए गोटबाया ने कहा कि सैली एक सैन्य अधिकारी थे जिन्होंने कई राष्ट्रपतियों के अधीन काम किया है और सभी सैन्य अधिकारी देश के प्रति वफादार हैं न कि निजी व्यक्तियों के प्रति।
श्रीलंका में 2019 के सिलसिलेवार धमाकों में करीब 270 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। ब्रिटेन के एक चैनल ने मंगलवार को ‘श्रीलंका ईस्टर बॉम्बिंग्स- डिस्पैचिस’ शीर्षक से एक डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की, जिसमें 2019 में ईस्टर पर हुए आत्मघाती बम धमाकों को अंजाम देने में कुछ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता और मिलीभगत का आरोप लगाया गया। डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि हमला राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक माहौल बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से किया गया।