{"_id":"618ddf147f6b9e37905586a7","slug":"spacex-mission-with-nasa-to-send-astronauts-to-iss-successful-as-us-creates-record-of-sending-600th-person-in-space-news-and-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"यादगार: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा मस्क की कंपनी का अंतरिक्ष यान, 60 साल में 600वें यात्रियों को स्पेस में पहुंचाने का रिकॉर्ड","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यादगार: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा मस्क की कंपनी का अंतरिक्ष यान, 60 साल में 600वें यात्रियों को स्पेस में पहुंचाने का रिकॉर्ड
Fri, 12 Nov 2021 08:57 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 12 Nov 2021 08:57 AM IST
सार
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष यात्रा कराने वाली बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। स्पेसएक्स की इन्हीं काबिलियतों को देखते हुए नासा ने क्रू-3 (Crew-3) मिशन शुरू किया और चार अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसआईएस रवाना किया।
विज्ञापन
स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से आज सुबह आईएसएस पहुंचे एस्ट्रोनॉट्स (नीली ड्रेस में)।
- फोटो : NASA
विस्तार
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का कैप्सूल आज यानी शुक्रवार सुबह चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गया। इसी के साथ अंतरिक्ष यात्रा के पिछले 60 साल के इतिहास में अमेरिका ने 600वें यात्री को स्पेस में भेजने का गौरव हासिल किया। मजेदार बात यह है कि जिस व्यक्ति को अंतरिक्ष में जाने वाला 600वां यात्री कहा गया है, वह एक जर्मन नागरिक है।
स्पेसएक्स का यह मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ साझेदारी में रहा। दरअसल, नासा ने 2011 के बाद से ही अपना स्पेस शटल प्रोग्राम बंद कर दिया था, जिसके चलते उसे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस भेजने के लिए रूस के साथ साझेदारी पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष यात्रा कराने वाली बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। स्पेसएक्स की इन्हीं काबिलियतों को देखते हुए नासा ने क्रू-3 (Crew-3) मिशन शुरू किया और चार अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसआईएस रवाना किया।
क्रू-3 के एस्ट्रोनॉट्स में शामिल राजा चारी, कायला बैरन और टॉम मार्शबर्न अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि मथायस माउरर जर्मनी के हैं। यह चारों गुरुवार सुबह फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में बैठकर फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किए गए थे। इसके बाद तकरीबन 24 घंटे में ही उनका शिप आईएसएस तक पहुंचने में सफल रहा।
विज्ञापन
क्रू-3 मिशन के कमांडर हैं राजा चारी
आईएसएस के लिए रवाना होने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक राजा जॉन वुर्पुतूर चारी लड़ाकू विमानों के पायलट हैं। वे क्रू-3 मिशन के कमांडर बनाए गए हैं। उन्हें नासा ने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत दुनिया के 18 अंतरिक्ष यात्रियों के लिए 2017 में चुना था। इससे पहले वे 461वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर थे। राजा चारी एफ-35 इंटीग्रेटेड टेस्ट फोर्स के निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने 1999 में अमेरिकी एयरफोर्स अकादमी से एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग की। मास्टर्स डिग्री के लिए वे एमआईटी गए। उनके पिता श्रीनिवास चारी का भारत के हैदराबाद से संबंध रहा है।
विज्ञापन
स्पेसएक्स का यह मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ साझेदारी में रहा। दरअसल, नासा ने 2011 के बाद से ही अपना स्पेस शटल प्रोग्राम बंद कर दिया था, जिसके चलते उसे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस भेजने के लिए रूस के साथ साझेदारी पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष यात्रा कराने वाली बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। स्पेसएक्स की इन्हीं काबिलियतों को देखते हुए नासा ने क्रू-3 (Crew-3) मिशन शुरू किया और चार अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसआईएस रवाना किया।
विज्ञापन
क्रू-3 के एस्ट्रोनॉट्स में शामिल राजा चारी, कायला बैरन और टॉम मार्शबर्न अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि मथायस माउरर जर्मनी के हैं। यह चारों गुरुवार सुबह फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में बैठकर फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किए गए थे। इसके बाद तकरीबन 24 घंटे में ही उनका शिप आईएसएस तक पहुंचने में सफल रहा।
विज्ञापन
क्रू-3 मिशन के कमांडर हैं राजा चारी
आईएसएस के लिए रवाना होने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक राजा जॉन वुर्पुतूर चारी लड़ाकू विमानों के पायलट हैं। वे क्रू-3 मिशन के कमांडर बनाए गए हैं। उन्हें नासा ने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत दुनिया के 18 अंतरिक्ष यात्रियों के लिए 2017 में चुना था। इससे पहले वे 461वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर थे। राजा चारी एफ-35 इंटीग्रेटेड टेस्ट फोर्स के निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने 1999 में अमेरिकी एयरफोर्स अकादमी से एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग की। मास्टर्स डिग्री के लिए वे एमआईटी गए। उनके पिता श्रीनिवास चारी का भारत के हैदराबाद से संबंध रहा है।