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South Korea: चार माह बाद हिरासत में जाएंगे पूर्व राष्ट्रपति यून, दक्षिण कोरियाई अदालत से गिरफ्तारी को मंजूरी

Thu, 10 Jul 2025 04:33 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 10 Jul 2025 04:33 AM IST
सार

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को मार्शल लॉ लागू किए जाने के मामले में एक अदालत ने गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी है। अब उन्हें सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में रखा जाएगा। इससे पहले, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जनवरी में उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया था। 

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South Korean court approves new arrest of former prez Yoon over martial law decree
यून सुक येओल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मार्शल लॉ का आदेश देने वाले दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को गिरफ्तार किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। एक अदालत ने बृहस्पतिवार तड़के पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने विशेष अभियोजक की उस दलील को स्वीकार कर लिया कि येओल के कारण सबूतों को नष्ट किए जाने का खतरा है। 

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इसी साल अप्रैल में देश के सांविधानिक न्यायालय ने महाभियोग को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। इसके बाद येओल को पद से हटा दिया गया। अब चार महीने बाद उन्हें सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में रखा जाएगा। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जनवरी में उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया था। मार्च में हुई रिहाई के समय अदालत ने उन्हें हिरासत में लिए बिना विद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। 
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पूर्व राष्ट्रपति पर ये लगे हैं आरोप
पूर्व राष्ट्रपति यून पर आरोप है कि उन्होंने अपने विरोधियों को दबाने के लिए जबरन मार्शल लॉ लागू किया। इसके अलावा उन पर सरकारी कामों में बाधा डालने, सत्ता का गलत इस्तेमाल करने और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। विशेष अभियोजक चो यून-सुक और उनकी टीम यून के खिलाफ इन आपराधिक मामलों की जांच कर रही है। चो की टीम ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को अदालत में उनके गिरफ्तारी वारंट के लिए अनुरोध प्रस्तुत करने से पहले उनसे दो बार पूछताछ की। 

यून के वकीलों ने गिरफ्तारी अनुरोध को निराधार बताया
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति यून के वकीलों ने गिरफ्तारी के अनुरोध को अत्यधिक और निराधार बताया। हालांकि, उन्होंने यून की गिरफ्तारी को मंजूरी देने के अदालत के फैसले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यून बुधवार दोपहर को विशेष अभियोजक के अनुरोध की समीक्षा के लिए अदालत पहुंचे। इस दौरान वह पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। लगभग सात घंटे चली सुनवाई के बाद, पूर्व राष्ट्रपति को अदालत के फैसले का इंतजार करने के लिए हिरासत केंद्र ले जाया गया। 


शुरुआत में 20 दिनों तक हिरासत में रखे जा सकते हैं यून 
यून को शुरू में 20 दिन तक हिरासत में रखा जा सकता है। अगर जांच में नए सबूत या आरोप सामने आते हैं, तो उनकी हिरासत 6 महीने तक बढ़ सकती है। अगर अदालत यून को दोषी ठहराती है और जेल की सजा सुनाती है, तो उन्हें यह सजा काटनी होगी, क्योंकि मामला संभवत: उच्च न्यायालय में जाएगा। 

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क्या है मार्शल लॉ का मामला
यून सुक येओल ने राष्ट्रपति रहते हुए पिछले साल तीन दिसंबर को अपने विरोधियों को दबाने के लिए मार्शल लॉ लागू किया था। हालांकि यह आदेश सिर्फ कुछ घंटे चला, क्योंकि कुछ सांसदों ने नेशनल असेंबली में भारी हथियारों से लैस सैनिकों की घेराबंदी तोड़ दी और कानून को रद्द करने के लिए मतदान किया। 14 दिसंबर को सांसदों ने यून के खिलाफ महाभियोग चलाया और 26 जनवरी को सरकारी अभियोजकों ने उन पर विद्रोह की साजिश रचने का आरोप लगाया। 

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