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Israel-Hamas War: गाजा में बंधकों की हत्या से गुस्से में इस्राइल के लोग; घटना के बाद युद्धविराम की मांग क्यों?
Mon, 02 Sep 2024 02:31 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 02 Sep 2024 02:31 PM IST
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इस्राइल-हमास युद्ध
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच 7 अक्तूबर, 2023 को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। पिछले कुछ दिनों से गाजा में कुछ ऐसा घटा जिससे संघर्ष तेज होने की आशंका को जन्म दे दिया है। रविवार को इस्राइली सेना ने गाजा में छह बंधकों के शव बरामद किए जिनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मारे गए बंधकों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल था। करीब 250 लोग इस्राइल में अक्तूबर 2023 में हुए हमले के दौरान बंधक बना लिए गए थे।बंधकों के कत्ल से पूरे इस्राइल में गुस्सा है। रविवार रात राजधानी तेल अवीव समेत कई शहरों में बंधकों की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से गाजा समझौते को जल्द पूरा करने की भी मांग की। इसके अलावा लेबर यूनियनों ने सोमवार को बंद का भी आव्हान किया है।
आइये जानते हैं कि 7 अक्तूबर, 2023 को आखिर इस्राइल में क्या घटा था? गाजा में अभी बंधकों के साथ क्या हुआ है? इस्राइल ने इस घटना पर क्या कहा है? इस्राइली विरोध क्यों कर रहे हैं? क्या इस घटना से नेतन्याहू सरकार पर युद्धविराम का दबाव बढ़ेगा?
इस्राइल-हमास युद्ध
- फोटो :
AMAR UJALA
पहले जानते हैं अक्तूबर 2023 में आखिर इस्राइल में क्या घटा था?
हमास ने 7 अक्तूबर, 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइलियों की मौत हो गई थी और 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान हमास लड़ाके करीब 250 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इन बंधकों में से कई लोगों को छुड़ा लिया गया है जबकि 101 लोग अभी भी गाजा में बंधक हैं। वहीं इस्राइल के जवाबी हमलों में दावे के अनुसार 40,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, गाजा के 24 लाख लोगों में से 20 लाख से ज्यादा को अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, उनमें आधे बच्चे शामिल हैं।
7 अक्तूबर, 2023 के हमले के बाद इस्राइल ने हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले किए। इस तरह से हमास और इस्राइल के बीच बीते करीब 11 महीने से खूनी जंग जारी है। हालांकि, कई देशों के प्रयास से दोनों पक्षों में युद्धविराम को लेकर बात भी हुई है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
हमास ने 7 अक्तूबर, 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइलियों की मौत हो गई थी और 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान हमास लड़ाके करीब 250 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इन बंधकों में से कई लोगों को छुड़ा लिया गया है जबकि 101 लोग अभी भी गाजा में बंधक हैं। वहीं इस्राइल के जवाबी हमलों में दावे के अनुसार 40,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, गाजा के 24 लाख लोगों में से 20 लाख से ज्यादा को अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, उनमें आधे बच्चे शामिल हैं।
7 अक्तूबर, 2023 के हमले के बाद इस्राइल ने हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले किए। इस तरह से हमास और इस्राइल के बीच बीते करीब 11 महीने से खूनी जंग जारी है। हालांकि, कई देशों के प्रयास से दोनों पक्षों में युद्धविराम को लेकर बात भी हुई है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
गाजा में अभी बंधकों के साथ क्या हुआ है?
आईडीएफ ने रविवार सुबह बताया कि छह बंधकों के शव गाजा पट्टी में मिले। इस्राइली सेना ने गाजा के राफा शहर के नीचे बनी एक सुरंग से बंधकों के शव बरामद किये। मृतकों की पहचान हर्श गोल्डबर्ग-पोलिन, एडेन येरुशालमी, कार्मेल गाट, अल्मोग सारूसी, अलेक्जेंडर लोबानोव और ओरी डैनिनो के रूप में हुई।
बाद में सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि बंधकों के शव मिलने से लगभग 48-72 घंटे पहले उनके सिर में काफी करीब से गोली मारी गई थी। आईडीएफ के राफा में पहुंचने से कुछ समय पहले ही हमास ने उनकी हत्या कर दी थी। ये शव उस स्थान से केवल एक किलोमीटर दूर मिले जहां पिछले सप्ताह राहत निवासी 52 वर्षीय कैद फरहान अल-अलकादी का शव मिला था।
आईडीएफ ने रविवार सुबह बताया कि छह बंधकों के शव गाजा पट्टी में मिले। इस्राइली सेना ने गाजा के राफा शहर के नीचे बनी एक सुरंग से बंधकों के शव बरामद किये। मृतकों की पहचान हर्श गोल्डबर्ग-पोलिन, एडेन येरुशालमी, कार्मेल गाट, अल्मोग सारूसी, अलेक्जेंडर लोबानोव और ओरी डैनिनो के रूप में हुई।
बाद में सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि बंधकों के शव मिलने से लगभग 48-72 घंटे पहले उनके सिर में काफी करीब से गोली मारी गई थी। आईडीएफ के राफा में पहुंचने से कुछ समय पहले ही हमास ने उनकी हत्या कर दी थी। ये शव उस स्थान से केवल एक किलोमीटर दूर मिले जहां पिछले सप्ताह राहत निवासी 52 वर्षीय कैद फरहान अल-अलकादी का शव मिला था।
बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो :
एएनआई (फाइल)
इस्राइल ने इस घटना पर क्या कहा है?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिसने भी हमारे बंधकों की हत्या की है - वह समझौता नहीं चाहता। उन्होंने कहा, 'जिसने भी हमारे बंधकों की हत्या की है, हम उसे खोजकर लाएंगे और उससे हिसाब लेंगे।'
उधर छह बंधकों की मौत के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री ने अहम माने जाने वाले फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर आईडीएफ के कब्जे को बरकरार रखने के अपने फैसले पर जोर दिया। फिलाडेल्फिया कॉरिडोर गाजा और मिस्र के बीच एक बफर जोन है, जिस पर समझौते की बात चल रही है। नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि अब झुकना एक खतरनाक संकेत देगा कि ऐसी रणनीतियां काम करती हैं।
नेतन्याहू ने मंत्रियों से कहा, 'ऐसा कदम आतंकवाद के लिए इनाम होगा और हमास को एक खतरनाक संदेश देगा कि हमारे बंधकों को मारना फायदेमंद है।'
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिसने भी हमारे बंधकों की हत्या की है - वह समझौता नहीं चाहता। उन्होंने कहा, 'जिसने भी हमारे बंधकों की हत्या की है, हम उसे खोजकर लाएंगे और उससे हिसाब लेंगे।'
उधर छह बंधकों की मौत के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री ने अहम माने जाने वाले फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर आईडीएफ के कब्जे को बरकरार रखने के अपने फैसले पर जोर दिया। फिलाडेल्फिया कॉरिडोर गाजा और मिस्र के बीच एक बफर जोन है, जिस पर समझौते की बात चल रही है। नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि अब झुकना एक खतरनाक संकेत देगा कि ऐसी रणनीतियां काम करती हैं।
नेतन्याहू ने मंत्रियों से कहा, 'ऐसा कदम आतंकवाद के लिए इनाम होगा और हमास को एक खतरनाक संदेश देगा कि हमारे बंधकों को मारना फायदेमंद है।'
इस्राइली विरोध क्यों कर रहे हैं?
गाजा में छह बंधकों की बेरहम हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश है। रविवार को युद्धविराम समझौते और हमास द्वारा बंदी बनाए गए लोगों की रिहाई की मांग करते हुए इस्राइली लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पोस्टरों के साथ 'अभी-अभी' के नारे भी लगाए और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से युद्धविराम की मांग की। रविवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की भी सूचना मिली। राजधानी तेल अवीव में कई प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। उन्होंने पश्चिमी यरुशलम में प्रधानमंत्री नेतन्याहू आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। बंधक और लापता परिवार फोरम ने कहा कि छह बंधकों की मौत नेतन्याहू की युद्ध रोकने और बंधनों की घर वापसी के समझौते में विफलता का नतीजा है।
गाजा में मारे गए बंधक कार्मेल गैट के चचेरे भाई गिल डिकमैन नेइस्राइली नागरिकों से सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, सड़कों पर उतरें और सबके वापस आने तक देश में सबकुछ बंद रखें। उन्हें अब भी बचाया जा सकता है।
इसके अलावा इस्राइल के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन फेडरेशन हिस्टाड्रट ने सरकार पर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर दबाव डालने के लिए सोमवार को हड़ताल बुलाई है। पिछले साल 7 अक्तूबर के बाद पहली बार यह आव्हान किया गया है।
गाजा में छह बंधकों की बेरहम हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश है। रविवार को युद्धविराम समझौते और हमास द्वारा बंदी बनाए गए लोगों की रिहाई की मांग करते हुए इस्राइली लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पोस्टरों के साथ 'अभी-अभी' के नारे भी लगाए और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से युद्धविराम की मांग की। रविवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की भी सूचना मिली। राजधानी तेल अवीव में कई प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। उन्होंने पश्चिमी यरुशलम में प्रधानमंत्री नेतन्याहू आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। बंधक और लापता परिवार फोरम ने कहा कि छह बंधकों की मौत नेतन्याहू की युद्ध रोकने और बंधनों की घर वापसी के समझौते में विफलता का नतीजा है।
गाजा में मारे गए बंधक कार्मेल गैट के चचेरे भाई गिल डिकमैन नेइस्राइली नागरिकों से सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, सड़कों पर उतरें और सबके वापस आने तक देश में सबकुछ बंद रखें। उन्हें अब भी बचाया जा सकता है।
इसके अलावा इस्राइल के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन फेडरेशन हिस्टाड्रट ने सरकार पर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर दबाव डालने के लिए सोमवार को हड़ताल बुलाई है। पिछले साल 7 अक्तूबर के बाद पहली बार यह आव्हान किया गया है।
क्या इस घटना से युद्धविराम का दबाव बढ़ेगा?
पूरे इस्राइल में संघर्ष विराम और बंधक समझौते के लिए विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में बढ़ गए हैं। इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बंधकों की मौतों पर गुस्सा वह चिंगारी बन सकता है जो इस्राइल में आंदोलन को फिर से हवा दे सकता है। प्रदर्शनकारियों द्वारा लगातार युद्ध विराम और बंधक रिहाई समझौते की मांग की जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को हटाकर नए चुनावों की मांग की जा रही है। लंबे समय से इस्राइली के पीएम रहे नेतन्याहू पर बार-बार अपने राजनीतिक लाभ के लिए युद्ध विराम समझौते में देरी करने का आरोप लगाया गया है।
गुरुवार को हुई अंतिम कैबिनेट बैठक कथित तौर पर प्रधानमंत्री और उनके रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के बीच नोकझोंक हुई। इसमें मंत्रियों ने नेतन्याहू की इस मांग पर जोर दिया कि इस्राइल को गाजा-मिस्र सीमा पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए, जो युद्धविराम की वार्ता में एक बड़ा मुद्दा है।
पूरे इस्राइल में संघर्ष विराम और बंधक समझौते के लिए विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में बढ़ गए हैं। इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बंधकों की मौतों पर गुस्सा वह चिंगारी बन सकता है जो इस्राइल में आंदोलन को फिर से हवा दे सकता है। प्रदर्शनकारियों द्वारा लगातार युद्ध विराम और बंधक रिहाई समझौते की मांग की जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को हटाकर नए चुनावों की मांग की जा रही है। लंबे समय से इस्राइली के पीएम रहे नेतन्याहू पर बार-बार अपने राजनीतिक लाभ के लिए युद्ध विराम समझौते में देरी करने का आरोप लगाया गया है।
गुरुवार को हुई अंतिम कैबिनेट बैठक कथित तौर पर प्रधानमंत्री और उनके रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के बीच नोकझोंक हुई। इसमें मंत्रियों ने नेतन्याहू की इस मांग पर जोर दिया कि इस्राइल को गाजा-मिस्र सीमा पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए, जो युद्धविराम की वार्ता में एक बड़ा मुद्दा है।
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो :
एएनआई
क्या है युद्धविराम का प्रस्तावित समझौता?
छह बंधकों की मौत ऐसे समय में की गई है, जब अमेरिका 31 मई के समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। इस समझौते के तहत 18-33 के फार्मूले से बंधकों को छह सप्ताह में रिहा किया जाना था। इसके बदले में युद्ध में शांति और इस्राइल द्वारा फलस्तीनी कैदियों और आतंकवादियों को रिहा किया जाना था।
अमेरिका, समझौते के मुख्य मध्यस्थ कतर और मिस्र के साथ मिलकर, फिलाडेल्फिया कॉरिडोर के मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रहा है। हमास इस बात पर जोर दे रहा है कि इस्राइली सेना को समझौते के पहले चरण में इस बफर जोन से हट जाना चाहिए। हालांकि, इस शर्त पर इस्राइल फिलहाल तैयार नहीं है।
छह बंधकों की मौत ऐसे समय में की गई है, जब अमेरिका 31 मई के समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। इस समझौते के तहत 18-33 के फार्मूले से बंधकों को छह सप्ताह में रिहा किया जाना था। इसके बदले में युद्ध में शांति और इस्राइल द्वारा फलस्तीनी कैदियों और आतंकवादियों को रिहा किया जाना था।
अमेरिका, समझौते के मुख्य मध्यस्थ कतर और मिस्र के साथ मिलकर, फिलाडेल्फिया कॉरिडोर के मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रहा है। हमास इस बात पर जोर दे रहा है कि इस्राइली सेना को समझौते के पहले चरण में इस बफर जोन से हट जाना चाहिए। हालांकि, इस शर्त पर इस्राइल फिलहाल तैयार नहीं है।