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सिंगापुर : जज ने जूम पर सुना केस और ड्रग तस्कर को दे दी सजा-ए-मौत

Wed, 20 May 2020 02:16 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 20 May 2020 02:16 PM IST
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Singapore supreme court gave death sentence to man over his role in drug deal via Zoom video call
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

सिंगापुर में एक व्यक्ति को वीडियो कॉल के जरिए मौत की सजा सुनाई गई है। उसे यह सजा ड्रग की तस्करी में दोषी पाए जाने के बाद दी गई है। यह देश का पहला ऐसा मामला है जहां दूर बैठकर किसी व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई गई। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार मलयेशिया के 37 साल के पुनिथा गेनासन को 2011 में हुई हेरोइन के लेन-देन में उसकी भूमिका के लिए शुक्रवार को सजा सुनाई गई।

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मलयेशिया में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन जारी है। ऐसे में सिंगापुर उच्चतम न्यायालय के प्रवक्ता ने कहा कि महामारी की वजह से कार्यवाही में शामिल सभी लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई थी। गेनासन के वकील पीटर फर्नांडो ने कहा कि जज ने जूम कॉल पर उनके मुवक्किल को मौत की सजा सुनाई। 
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प्रवक्ता ने कहा कि यह पहला ऐसा आपराधिक मामला है जिसमें सिंगापुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौत की सजा सुनाई गई थी। गेनासन के वकील फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं। कई अधिकार समूहों ने आपराधिक मामलों में जूम के उपयोग की आलोचना की है, वहीं फर्नांडो का कहना है कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह सुनवाई केवल न्यायाधीश का फैसला सुनाने के लिए थी। इसमें किसी तरह की कोई कानूनी बहस नहीं होनी थी।
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लॉकडाउन की वजह से स्थगित है सुनवाई
सिंगापुर की कई अदालतों की मामलों की सुनवाई लॉकडाउन के कारण स्थगित कर दी गई है, जबकि जरूरी समझे जाने वाले मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही है। अधिकार समूहों का कहना है कि सिंगापुर में अवैध रूप से ड्रग्स तस्करी के लिए जीरो-टॉलरेंस की नीति है। इस मामले में यहां अब तक कई लोगों को फांसी दी जा चुकी है। इसमें कई विदेशी भी शामिल हैं। मानवाधिकार समूहों ने जूम कॉल के जरिए मौत की सजा सुनाने की आलोचना की है।
 

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