Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Signed ages 14–17 Rights to AI generated voices secret agreements dark truth behind pop band NewJeans revealed

14 से 17 साल की उम्र में दस्तखत: एआई वॉयस पर अधिकार, गुप्त समझौते ने खोला पॉप बैंड न्यूजीन्स का काला सच

Sat, 07 Nov 2026 07:03 AM IST
प्रशांत तिवारी सारा हर्ट्स/जिन यू यंग
सारा हर्ट्स/जिन यू यंग Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 07 Nov 2026 07:03 AM IST
विज्ञापन
सार
के-पॉप गर्ल ग्रुप न्यूजीन्स के गुप्त अनुबंधों ने दक्षिण कोरियाई म्यूजिक इंडस्ट्री में युवा कलाकारों के कथित शोषण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 से 17 साल की उम्र में अनुबंध करने वाली सदस्यों पर पढ़ाई, स्वास्थ्य और निजी जिंदगी को लेकर सख्त पाबंदियां थीं। कंपनियों को कलाकारों की आवाज, एआई वॉयस क्लोन और तस्वीरों के इस्तेमाल का अधिकार भी मिलता था।
loader
Signed ages 14–17 Rights to AI generated voices secret agreements dark truth behind pop band NewJeans revealed
के-पॉप गर्ल की गायिकाएं - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

दो साल पहले जब रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल करने वाले के-पॉप गर्ल ग्रुप 'न्यूजीन्स' की पांच गायिकाओं ने अपनी म्यूजिक कंपनी छोड़ने का एलान किया, तो पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया था। अमेरिकी बिलबोर्ड चार्ट पर नंबर-1 रहने वाली इस बैंड की सदस्य हन्नी फाम ने मीडिया के सामने दर्द बयां करते हुए कहा था-कंपनी में रहने से सिर्फ हमारी मानसिक पीड़ा ही बढ़ेगी। इसके बाद शुरू हुई एक ऐसी कानूनी जंग, जिसने बहु-अरब डॉलर की के-पॉप इंडस्ट्री के उस काले सच को उजागर कर दिया, जिसे अब तक चमकदार स्टेज और ग्लैमर के पीछे छुपाया जाता रहा था।



14 से 17 साल की उम्र में कराए गए गुप्त अनुबंधों पर हस्ताक्षर
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने न्यूजीन्स की सदस्यों-हन्नी फाम, मिंजी किम, येन ली, हेरिन कांग और डेनिएल मार्श से 14 से 17 साल की नाबालिग उम्र में दस्तखत किए गए गुप्त अनुबंधों की प्रतियां हासिल की हैं। दस्तावेज दिखाते हैं कि कैसे के-पॉप कंपनियां कम उम्र की लड़कियों को स्टारडम का सपना दिखाकर उनके मौलिक अधिकारों, पढ़ाई और भविष्य पर पूरी तरह कब्जा कर लेती हैं।


चाइल्ड प्रोटेक्शन के नियम हटाए
दक्षिण कोरियाई सरकार की एक के-पॉप अनुबंध गाइडलाइन है, जो नाबालिग कलाकारों के स्वास्थ्य, शिक्षा, नींद और बुनियादी मानवाधिकारों की गारंटी देती है। लेकिन न्यूजीन्स के कॉन्ट्रैक्ट्स में से सरकार के इन सभी सुरक्षात्मक प्रावधानों को हटा दिया गया।

मानवाधिकारों की अनदेखी : रात दो बजे तक रिहर्सल और 24 घंटे निगरानी
12-14 साल की ट्रेनिंग के दौरान रात दो-दो बजे तक रिहर्सल और 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाती थी। मना करने पर कंपनी से निकालने की धमकी दी जाती थी, जिसके कारण चार सदस्यों को स्कूल बीच में ही छोड़ना पड़ा।

सख्त पाबंदियां
कलाकार अप्रतिबद्ध या गैर-जिम्मेदाराना रवैया नहीं अपना सकतीं, वजन में लापरवाही नहीं कर सकतीं और किसी अनुचित प्रेम संबंध में नहीं पड़ सकतीं।

प्लास्टिक सर्जरी और भारी एग्जिट पेनल्टी का बोझ
के-पॉप कंपनियां 14-15 साल की लड़कियों को कॉस्मेटिक सर्जरी कराने की सलाह देती हैं। इस सर्जरी और ब्यूटी ट्रीटमेंट का खर्च कंपनी पहले देती है, लेकिन बाद में इसे कलाकारों की कमाई में से 'ट्रेनी डेट' के रूप में वसूलती है। डेनिएल मार्श पर करीब 185 करोड़ रुपये की एग्जिट पेनल्टी लगाई गई। यह तब हुआ जब उन्होंने दिसंबर 2025 में बिना अनुमति के सोलो फोटो शूट किया। के-पॉप अनुबंधों में एकतरफा पेनल्टी क्लॉज होता है, जिसके तहत कंपनी द्वारा निकाले जाने पर भी कलाकार को भारी जुर्माना देना पड़ता है।

आजीवन मालिकाना हक और बंधुआ मजदूरी जैसे अनुबंध
न्यूजीन्स के अनुबंधों के अनुसार, अनुबंध खत्म होने के बाद भी कंपनी उनकी आवाज, एआई-जनरेटेड वॉयस क्लोन और तस्वीरों का व्यावसायिक इस्तेमाल अनिश्चितकाल के लिए जारी रख सकती है। इस दौरान कलाकारों की रॉयल्टी की दरें बहुत घटा दी जाएंगी। उन्होंने के-पॉप कंपनियों को रिकॉर्ड लेबल, मैनेजर और एजेंट तीनों बताया।

ये भी पढ़ें: अमेरिका: भारतवंशी नित्या को यूं ही नहीं मिली सफलता, कभी सरकारी अफसर ने कहा था- जूते और राजनीति बाहर छोड़कर आना

हाइब की सफाई
बीटीएस और न्यूजीन्स का संचालन करने वाली पैरेंट कंपनी हाइब के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके सभी कॉन्ट्रैक्ट्स कानूनी हैं और अभिभावकों की सहमति से तैयार किए गए हैं। न्यूजीन्स के इन सीक्रेट कॉन्ट्रैक्ट्स के सार्वजनिक होने से के-पॉप उद्योग की काली सच्चाई उजागर होती है। वैश्विक मंचों पर धूम मचाने वाले ये युवा सितारे वास्तव में एक ऐसी कॉर्पोरेट व्यवस्था के शिकार हैं, जहां उनसे उनकी शिक्षा, निजता, सेहत और यहां तक कि उनकी एआई-आवाज तक का हक छीन लिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed