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US: बाइडन के लिए भारतीय-अमेरिकियों के समर्थन में 19 फीसदी की गिरावट, ट्रंप को हुआ दो प्रतिशत का फायदा
Thu, 11 Jul 2024 09:07 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 11 Jul 2024 09:07 AM IST
सार
सर्वे के अनुसार, 55 फीसदी भारतीय-अमेरिकी मतदाता बाइडन का समर्थन करते हैं, जबकि महज 38 फीसदी ही ट्रंप के समर्थन में हैं। इनके अलावा दक्षिणी कैलिफर्निया की गवर्नर और अमेरिकी राजदूत निकी हेली को 33 फीसदी भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग पसंद करते हैं।
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जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है। राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर है। वहीं राष्ट्रपति बाइडन के समर्थन में भारतीय-अमेरिकी समर्थकों के प्रतिशत में गिरावट देखने को मिली। हर दो साल होने वाले एशियाई-अमेरिकी वोटर सर्वे (एएवीएस) के अनुसार, 2020 के चुनाव और 2024 में होने वाले चुनाव में जो बाइडन का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकी समर्थकों में 19 फीसदी की गिरावट हुई है।
भारतीय-अमेरिकी समर्थन में गिरावट
एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट (एपीआईएवोट), एएपीआई डेटा, एशियन अमेरिकन्स एडवांसिंग जस्टिस (एएजेसी) और एएआरपी के सर्वे के अनुसार, इस साल 49 फीसदी भारतीय-अमेरिकी नागरिक जो बाइडन के लिए मतदान कर सकते हैं। 2020 में यह आंकड़ा 65 फीसदी था। वहीं सर्वे ने बताया कि 30 फीसदी भारतीय-अमेरिकी नागरिक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मतदान कर सकते हैं।
सर्वे में बताया गया कि डोनाल्ड ट्रंप को दो अंकों का फायदा हुआ, क्योंकि 2020 में यह आंकड़ा 28 फीसदी था। बता दें कि अमेरिका में पिछले दो दशकों में एशियाई अमेरिकी मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार वर्षों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बाइडन के लिए भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की संख्या में गिरावत चिंता का विषय हो सकता है।
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55 फीसदी का समर्थन बाइडन के पक्ष में
सर्वे के अनुसार, 55 फीसदी भारतीय-अमेरिकी मतदाता बाइडन का समर्थन करते हैं, जबकि महज 38 फीसदी ही ट्रंप के समर्थन में हैं। इनके अलावा दक्षिणी कैलिफर्निया की गवर्नर और अमेरिकी राजदूत निकी हेली को 33 फीसदी भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग पसंद करते हैं। हालांकि, 11 फीसदी ऐसे भी हैं, जिन्होंने हेली का नाम भी नहीं सुना है।
एएपीआई डेटा के कार्यकारी निदेशक कार्तिक रामकृष्णन ने कहा कि एशियाई अमेरिकी तेजी से अमेरिकी लोग चुनाव प्रकिया में विविधता ला रहे हैं। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम समझ सके कि उन्हें मतदान के विकल्पों में क्या प्ररित करता है।
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भारतीय-अमेरिकी समर्थन में गिरावट
एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट (एपीआईएवोट), एएपीआई डेटा, एशियन अमेरिकन्स एडवांसिंग जस्टिस (एएजेसी) और एएआरपी के सर्वे के अनुसार, इस साल 49 फीसदी भारतीय-अमेरिकी नागरिक जो बाइडन के लिए मतदान कर सकते हैं। 2020 में यह आंकड़ा 65 फीसदी था। वहीं सर्वे ने बताया कि 30 फीसदी भारतीय-अमेरिकी नागरिक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मतदान कर सकते हैं।
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सर्वे में बताया गया कि डोनाल्ड ट्रंप को दो अंकों का फायदा हुआ, क्योंकि 2020 में यह आंकड़ा 28 फीसदी था। बता दें कि अमेरिका में पिछले दो दशकों में एशियाई अमेरिकी मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार वर्षों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बाइडन के लिए भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की संख्या में गिरावत चिंता का विषय हो सकता है।
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55 फीसदी का समर्थन बाइडन के पक्ष में
सर्वे के अनुसार, 55 फीसदी भारतीय-अमेरिकी मतदाता बाइडन का समर्थन करते हैं, जबकि महज 38 फीसदी ही ट्रंप के समर्थन में हैं। इनके अलावा दक्षिणी कैलिफर्निया की गवर्नर और अमेरिकी राजदूत निकी हेली को 33 फीसदी भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग पसंद करते हैं। हालांकि, 11 फीसदी ऐसे भी हैं, जिन्होंने हेली का नाम भी नहीं सुना है।
एएपीआई डेटा के कार्यकारी निदेशक कार्तिक रामकृष्णन ने कहा कि एशियाई अमेरिकी तेजी से अमेरिकी लोग चुनाव प्रकिया में विविधता ला रहे हैं। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम समझ सके कि उन्हें मतदान के विकल्पों में क्या प्ररित करता है।