फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   several died in latest shooting near Israeli, US-supported aid site in Gaza

Israel-Hamas War: गाजा में इस्राइल और अमेरिका समर्थित राहत केंद्र के पास गोलीबारी, आठ फलस्तीनियों की मौत

Sun, 15 Jun 2025 07:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खान यूनिस (गाजा पट्टी)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खान यूनिस (गाजा पट्टी) Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 15 Jun 2025 07:20 PM IST
सार

Israel-Hamas War: गाजा में एक राहत केंद्र के पास गोलीबारी में आठ फलस्तीनियों की मौत हो गई। चश्मदीदों ने इसके लिए इस्राइली सेना को जिम्मेदार ठहराया। इस्राइल और अमेरिका के समर्थन से इस तरह के राहत केंद्र संचालित हो रहे हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र इस प्रणाली को मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ मानता है। 

विज्ञापन
several died in latest shooting near Israeli, US-supported aid site in Gaza
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

गाजा पट्टी में रविवार को एक राहत केंद्र के पास हुई गोलीबारी में आठ फलस्तीनियों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। यह राहत केंद्र इस्राइल और अमेरिका के समर्थन से संचालित हो रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चश्मदीदों ने इस हमले के लिए इस्राइली सेना को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, इस्राइली सेना की ओर से इस पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।   
विज्ञापन


गाजा में युद्ध अब भी जारी है। यह युद्ध 7 अक्तूबर  2023 को हमास के इस्राइल पर हमले के बाद शुरू हुआ था। इसी हमले की कड़ी में अब हाल ही में इस्राइल ने ईरान पर भी एक चौंकाने वाला हमला किया है। चश्मदीदों ने बताया कि रविवार तड़के रफा शहर में दो राहत केंद्रों की ओर भीड़ जा रही थी। तभी इस्राइली सेना ने गोलियां चलाईं। राहत कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि इस्राइल की नाकेबंदी और सैन्य अभियान की वजह से गाजा में भुखमरी की स्थिति बन गई है और अकाल का भी खतरा बढ़ गया है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Israel–Iran Conflict: 'अभी जो देखा है, वो कुछ भी नहीं, आने वाले दिनों..', नेतन्याहू ने खामेनेई को दी सीधी धमकी
विज्ञापन
विज्ञापन


गोलीबारी उन केंद्रों से कुछ सौ मीटर दूर हुई, जो गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे हैं। इस्राइल और अमेरिका इस संस्था के जरिए संयुक्त राष्ट्र की वितरण प्रणाली  की जगह लाना चाहते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने इस नई वितरण प्रणाली को मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि यह मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है।

पिछले एक महीने में जबसे ये राहत केंद्र शुरू हुए हैं, इनके पास रोजाना गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। चश्मदीदों का कहना है कि इस्राइली सेना बार-बार इन केंद्रों की ओर जा रही भीड़ पर गोलीबारी करती है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं। इस्राइली सेना का कहना है कि वह सिर्फ चेतावनी देने के लिए गोली चलाती है, जब कोई संदिग्ध व्यक्ति उनके सैनिकों के करीब आता है।

राहत केंद्र से खाली हाथ लौटना पड़ा: चश्मदीद
एक चश्मदीद अहमद अल-मसरी ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, वहां लोग घायल पड़े थे, लाशें थीं। यह एक जाल है। उन्होंने बताया कि वह भी राहत केंद्र से खाली हाथ लौटे। उम्म हुस्नी अल-नज्जार नाम की एक महिला ने बताया कि वह रफा के तल अल-सुल्तान इलाके में स्थित राहत केंद्र की ओर सुबह करीब साढ़े चार बजे जा रही थीं। जैसे ही वह पहुंचीं, कुछ ही मिनटों बाद गोलीबारी शुरू हो गई। उन्होंने कहा, बहुत सारे लोग घायल हुए और कई मारे गए। किसी को निकालने का मौका भी नहीं मिला। 

नासिर अस्पताल में लाए गए आठ शव
खान यूनिस के नासिर अस्पताल ने बताया कि गोलीबारी के बाद वहां आठ शव लाए गए। नई राहत वितरण प्रणाली पिछले महीने शुरू की गई थी, उसमें भारी अव्यवस्था और हिंसा देखी गई है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की वितरण प्रणाली इस्राइली प्रतिबंधों और कानून व्यवस्था की बदहाली के कारण ठीक से काम नहीं कर पा रही है, भले ही इस्राइल ने मार्च से मई तक की पूर्ण नाकेबंदी में थोड़ी ढील दी हो।

इस्राइल और अमेरिका का आरोप है कि हमास संयुक्त राष्ट्र की मदद को हड़प लेता है। जबकि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि नई प्रणाली गाजा की जरूरतों को पूरा नहीं करती, इससे इस्राइल को यह तय करने का अधिकार मिल जाता है कि किन लोगों को मदद दी गई और इससे बड़े पैमाने पर विस्थापन का खतरा और बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें: इस्राइल के हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को कितना नुकसान? सैटेलाइट तस्वीर से दिखा तबाही का मंजर

वितरण केंद्रों के पास नहीं हुई कोई हिंसा: गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन
इनमें से दो राहत केंद्र दक्षिणी शहर रफा में हैं, जहां अब भी अधिकतर लोग रह रहे हैं। सभी केंद्र इस्राइली सैन्य क्षेत्र में हैं, जहां स्वतंत्र मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है। वहीं, गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन ने कहा कि वितरण केंद्रों के अंदर या आसपास कोई हिंसा नहीं हुई है। उसने लोगों से अपील की है कि वे तय किए गए मार्गों पर ही चलें और हाल ही में उन्होंने सेना के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए वितरण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया है।


अक्तूबर 2023 में हमास ने किया इस्राइल पर हमला
हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल के दक्षिणी हिस्से पर हमले किए थे। इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर इस्राइली नागरिक थे और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इनमें से अब भी 53 बंधक हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से आधे से कम ही जीवित माने जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें: Nuclear Talks: 'हमारी प्रथामिकता दुश्मन को जवाब देना', ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता को बताया बेमतलब

युद्ध में अब तक 55 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइल के सैन्य अभियान में अब तक 55,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय का कहना है कि मृतकों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है, लेकिन वे नागरिक और लड़ाकों में फर्क नहीं करते। इस्राइल का दावा है कि उसने 20,000 से ज्यादा हमास लड़ाकों को मार गिराया है।

यह युद्ध गाजा के बड़े हिस्से को तबाह कर चुका है और करीब 90 फीसदी आबादी को कई बार विस्थापित किया गया है। अब गाजा में खाद्य उत्पादन की लगभग सभी क्षमताएं नष्ट हो चुकी हैं और अधिकांश आबादी को जीवन यापन के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed