मानवाधिकार परिषद के तंत्र और ईश निंदा कानून का लगातार दुरुपयोग कर रहा पाकिस्तान: सेंथिल कुमार
यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे स्थायी मिशन के प्रथम सचिव सेंथिल कुमार ने मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में एक बार फिर से पाकिस्तान को लताड़ा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी मानवाधिकार परिषद के तंत्र और ईश निंदा कानून का लगातार दुरुपयोग कर रहा है।
It’s unfortunate that Pakistan continues to maintain its track record of misuse of the Human Rights Council and its mechanism: Senthil Kumar, First Secretary, Permanent Mission of India, Geneva, during India's right to reply at 43rd Session of Human Rights Council
— ANI (@ANI) June 15, 2020
उन्होंने कहा कि 47,000 बलूच और 35,000 पश्तूनों के लापता होने के बारे में आज तक कोई नहीं जानता है। लगातार सांप्रदायिक हिंसा होने के कारण बलूचिस्तान से 500 हजारा और पाकिस्तान से 1 लाख से अधिक हजारा भाग गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि बलूचिस्तान में लोगों का लापता होना लगातार जारी है। यहां हिंसा, जबरन सामूहिक विस्थापन, उत्पीड़न, संदिग्ध हत्याएं, सेना के द्वारा लगातार यातनाएं जारी हैं। वहीं लोगों को यातना शिविर, नजरबंदी केंद्र, सैन्य शिविर में रख कर उनपर अत्याचार किया जा रहा है।
Enforced disappearances, state violence&forced mass displacements, harassment, extrajudicial killings, army operations, torture, kill-and-dumps, torture camps, detention centres, military camps are regular features in Baluchistan:First Secretary,Permanent Mission of India, Geneva
— ANI (@ANI) June 15, 2020
उन्होंने भारत की तरफ से प्रस्ताव देते हुए कहा कि मानवाधिकार परिषद को सार्वभौमिक आवधिक समीक्षा (यूपीआर) प्रक्रिया को जारी रखने की अवधि बढ़ानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारा दृढ़ विश्वास है कि समीक्षा (यूपीआर) तंत्र सभी मानव अधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के संवर्धन और संरक्षण के लिए एक प्रभावी साधन है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में ईश निंदा कानून का दुरुपयोग कर अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार किया जा रहा है।