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US: ड्रग माफियाओं पर बेरोकटोक कार्रवाई करते रहेंगे ट्रंप! राष्ट्रपति की शक्तियों पर निगरानी का प्रस्ताव खारिज

Thu, 09 Oct 2025 08:00 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 09 Oct 2025 08:00 AM IST
सार

Trump War Powers: व्हाइट हाउस ने पहले ही साफ किया था कि अगर राष्ट्रपति की सैन्य शक्ति पर नियंत्रण का प्रस्ताव पास भी होता तो ट्रंप उसे वीटो कर देते। हालांकि प्रस्ताव गिर गया, लेकिन इस वोट से कई सांसदों ने सार्वजनिक तौर पर अपनी असहमति दर्ज कराई है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 48 और विरोध में 51 वोट पड़े।

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Senate Republicans vote down legislation to check Trump's use of war powers against cartels
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी सीनेट में बुधवार को एक बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। रिपब्लिकन सांसदों ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्ति पर नियंत्रण लगाने के लिए लाया गया था। यह प्रस्ताव ट्रंप को मादक पदार्थों के कार्टेल पर आगे की सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस से अनुमति लेने के लिए बाध्य करता। इस प्रस्ताव के पक्ष में 48 और विरोध में 51 वोट पड़े। वोटिंग में ज्यादातर रिपब्लिकन सांसदों ने विरोध किया। सिर्फ दो रिपब्लिकन ने समर्थन किया जबकि एक डेमोक्रेटिक सांसद ने विरोध में वोट डाला।
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ट्रंप की 'युद्ध अधिकार' की घोषणा
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कैरिबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले जहाजों को निशाना बनाकर सैन्य हमले किए। व्हाइट हाउस का कहना है कि चार जहाज नष्ट किए गए, 21 लोगों की मौत हुई और अमेरिका में पहुंचने वाली बड़ी मात्रा में ड्रग्स को रोका गया। प्रशासन का दावा है कि ड्रग तस्कर 'सशस्त्र दुश्मन' हैं और उन पर युद्ध की तरह कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन इस पर कांग्रेस में असहमति गहराती जा रही है।
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क्या है वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन?
वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन ऑफ 1973, एक ऐतिहासिक कानून है, जो वियतनाम युद्ध के बाद बनाया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की अनुमति के युद्ध शुरू करने से रोकना है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य अभियान के लिए कांग्रेस से स्पष्ट मंजूरी लेनी होती है।

विपक्ष का तर्क- 'कांग्रेस की शक्ति छीनी जा रही है'
डेमोक्रेटिक सांसदों ने कहा कि ट्रंप बिना कांग्रेस की अनुमति के सैन्य हमले नहीं कर सकते। उनके अनुसार यह अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों का उल्लंघन है। टिम केन और एडम शिफ ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। उन्होंने कहा कि इस वोटिंग ने भले ही कानून पास न कराया हो, लेकिन यह एक मजबूत राजनीतिक संदेश गया है कि 'हर कोई राष्ट्रपति की असीमित शक्ति से सहमत नहीं।' रैंड पॉल, जो रिपब्लिकन पार्टी से हैं लेकिन लंबे समय से युद्ध अधिकारों पर कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करने के पक्षधर हैं, उन्होंने भी प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को कार्यपालिका को जज, ज्यूरी और जल्लाद बनने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।'


रिपब्लिकन का रुख- 'देश की सुरक्षा पहले'
दूसरी ओर, रिपब्लिकन नेताओं ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। जिम रिस्क, जो सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के प्रमुख हैं, ने कहा कि ड्रग्स अमेरिकी नागरिकों को मारने का हथियार बन चुके हैं। उन्होंने कहा, 'जो जहाज नष्ट किए गए, उनमें जो जहरीला माल था वो अब समुद्र की गहराइयों में है।' मार्को रूबियो ने रिपब्लिकन सीनेटरों को समझाने के लिए लंच मीटिंग में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कई कार्टेल अब कैरेबियाई देशों के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर चुके हैं और वे 'सरकारों की तरह' काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ये संगठन अमेरिकी सड़कों पर हिंसा और अपराध फैला रहे हैं। राष्ट्रपति का कर्तव्य है कि वह देश की रक्षा करे।'

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गोपनीय ब्रीफिंग पर सवाल और डेमोक्रेट की चिंता
सीनेट सशस्त्र सेवा समिति को पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने एक गोपनीय ब्रीफिंग दी थी। लेकिन कई सांसदों का कहना है कि इसमें हमलों के कानूनी और खुफिया आधार पर पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जैक रीड, जो वरिष्ठ डेमोक्रेट हैं, ने कहा, 'कांग्रेस की निगरानी की ताकत को कमजोर करना कोई औपचारिक बहस नहीं है, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए असली खतरा है।' डेमोक्रेट्स ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन कार्टेल समूहों को 'नार्को-टेररिस्ट' घोषित कर रहा है, लेकिन पूरी सूची साझा नहीं की गई है। डेमोक्रेट्स का कहना है कि कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी भविष्य में बड़े सैन्य टकराव की जमीन तैयार कर सकती है, खासकर वेनेजुएला के साथ। एडम शिफ ने कहा, 'यही वो रास्ता है जिससे देश कभी-कभी अनजाने में युद्ध में फिसल जाता है।'
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