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अमेरिका: मंदिर पर हमले की कोशिश से हिंदू समुदाय चिंतित, संगठन ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग; सांसद क्या बोले?
Fri, 16 Oct 2026 02:29 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:29 AM IST
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अमेरिका के इलिनॉय में मंदिर पर हमले की साजिश रचने वाला एलेक्जेंड्रोस पैपोरेकिस।
- फोटो : अमर उजाला
हिंदू स्वयंसेवक संघ-अमेरिका संगठन ने गुरुवार को अमेरिका के इलिनॉय के ऑरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश को लेकर गहरी चिंता जताई। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताया।
संगठन ने एक बयान में कहा, ये आरोप अमेरिकी हिंदुओं और उन सभी लोगों के लिए बेहद परेशान करने वाले हैं, जो धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। साथ ही, उन लोगों के लिए भी यह चिंता की बात है, जो बिना किसी डर के एक जगह इकट्ठा होने और पूजा करने के अधिकार को महत्व देते हैं।
हिंदू समुदायों से क्या अपील की गई?
संगठन ने पूरे अमेरिका में हिंदू समुदायों से शांत रहने, एकजुट रहने और सतर्क रहने की अपील की। बयान में कहा गया, हम मंदिरों, सामुदायिक संगठनों और परिवारों से अपील करते हैं कि वे स्थानीय पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखें। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। किसी भी धमकी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।
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नेताओं से नफरत के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
संगठन ने सभी राजनीतिक दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और नेताओं से भी अपील की। उनसे कहा गया कि वे भारतीय-अमेरिकियों और खासकर अमेरिकी हिंदुओं को निशाना बनाकर फैलाई जा रही नफरत को लेकर बढ़ती चिंता को स्वीकार करें और इस पर कार्रवाई करें। बयान में कहा गया कि अमेरिकी हिंदू देश में एक छोटा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय हैं।
हिंदू स्वयंसेवक संघ-अमेरिका ने कहा, हम नेताओं से अपील करते हैं कि वे हिंदुओं के प्रति नफरत, भारतीयों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंदू पूजा स्थलों को दी जाने वाली धमकियों की स्पष्ट रूप से निंदा करें। वे अपने मतदाताओं, समर्थकों और दूसरे संबंधित लोगों से भी ऐसा करने की अपील करें।
ये भी पढ़ें: 'दखलंदाजी स्वीकार नहीं': अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल पर भड़के भारतीय राजदूत क्वात्रा; क्या है पूरा मामला?
दूसरे समुदायों के नेताओं से क्या कहा?
संगठन ने सामाजिक, अंतरधार्मिक और सामुदायिक नेताओं को भी अमेरिकी हिंदू समुदाय के साथ खड़े होने के लिए आमंत्रित किया। संगठन ने अमेरिका के एक बुनियादी सिद्धांत पर जोर दिया। इसके मुताबिक, हर व्यक्ति को सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। हर व्यक्ति को बिना डर के पूजा करने और सामुदायिक जीवन में हिस्सा लेने का भी अधिकार है।
अमेरिका के सांसदों ने भी गोलीबारी की कोशिश पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना नस्लीय नफरत और अलग-अलग समुदायों को मिल रही धमकियों की गंभीर याद दिलाती है। अमेरिकी सांसद रिच मैककॉर्मिक, रो खन्ना, अमी बेरा, जेमी रस्किन और हेली स्टीवंस समेत कई नेताओं ने कहा कि किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म का पालन करते समय अपनी सुरक्षा को लेकर डरना नहीं चाहिए।
शिकागो के पास पैलेटाइन में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। उस पर रविवार को इलिनॉय के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने का आरोप है। हालांकि, उसकी योजना नाकाम हो गई। युवक की बंदूक जाम हो गई थी और उससे गोली नहीं चल सकी।
सांसदों ने क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य जेमी रस्किन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, इलिनॉय के एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की इस योजना से अमेरिकी नाराज हैं। हमें एकजुट होकर और मजबूती से श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली नफरत और हिंसा के खिलाफ खड़ा होना होगा। मंदिरों, यहूदी प्रार्थना स्थलों, चर्चों और मस्जिदों को निशाना बनाने वाली हिंसा का विरोध करना होगा।
इलिनॉय के सांसद राजा कृष्णमूर्ति रविवार को ऑरोरा के उसी मंदिर में मौजूद थे, जहां सामूहिक गोलीबारी की योजना नाकाम हुई थी। कांग्रेस सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने कहा, हिंदू मंदिर में निर्दोष अमेरिकियों की सामूहिक हत्या की साजिश पूरी तरह गलत है। किसी के धर्म, राजनीतिक विचार या नस्ल के आधार पर उसके खिलाफ हिंसा करना बुराई है।
रो खन्ना ने क्या कहा?
कैलिफोर्निया के सांसद रो खन्ना ने कहा, एक हिंदू अमेरिकी होने के नाते मैं श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति की ओर से मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश से नाराज हूं। हमलावर की बुराई से भी ज्यादा उसकी अज्ञानता है। हिंदू धर्म अहिंसा की शिक्षा देता है।
सांसद अमी बेरा ने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा सदमा लगा कि जब श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की, तब राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहा था।
बेरा ने कहा, यह घटना हिंदू समुदाय और धार्मिक व नस्लीय नफरत का निशाना बनने वाले दूसरे समुदायों के सामने मौजूद गंभीर खतरों की याद दिलाती है। हर अमेरिकी को शांति से पूजा करने का अधिकार है। नफरत से प्रेरित हिंसा से निपटने और अपने समुदायों को ऐसे खतरों से बचाने के लिए कांग्रेस को और कदम उठाने चाहिए।
श्री थानेदार ने क्या अपील की?
कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार ने कांग्रेस (संसद) से 'हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते हमलों का मुकाबला करने' की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिलना चाहिए।
हेली स्टीवंस और प्रमिला जयपाल ने क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने कहा, धार्मिक स्थलों पर खास तौर पर नफरत से भरी हिंसा की बढ़ती घटनाएं रुकनी चाहिए। किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म का पालन करते समय अपनी सुरक्षा को लेकर डरना नहीं चाहिए।
स्टीवंस ने हाल ही में भारत का दौरा किया था। उन्होंने कहा, मुझे गर्व है कि मैं कांग्रेस में उन क्षेत्रों में से एक का प्रतिनिधित्व करती हूं, जहां बड़ी संख्या में भारतवंशी रहते हैं। वे हमारे समुदाय और देश के लिए बहुत योगदान देते हैं। वे इससे बेहतर व्यवहार के हकदार हैं।
कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने कहा, मैं स्थानीय पुलिस की बहुत आभारी हूं, जिसने श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति की सामूहिक गोलीबारी की कोशिश को नाकाम कर दिया। मुझे खुशी है कि मंदिर में पूजा कर रहे लोग सुरक्षित हैं।
जयपाल ने कहा, दक्षिण एशियाई लोगों पर हमले बढ़ रहे हैं। ये हमले ऑनलाइन भी हो रहे हैं और हमारी अपनी सरकार के नेताओं की ओर से भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। यह नफरत, नस्लवाद और हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है। इससे हमारे समुदायों को गहरा मानसिक आघात पहुंच रहा है। इसे खत्म होना चाहिए।
निक ललोटा ने धार्मिक स्वतंत्रता पर क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य निक ललोटा ने इलिनॉय में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हिंदू अमेरिकियों को निशाना बनाने की कथित साजिश की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म, नस्ल या पूर्वजों की पहचान के कारण अपनी जान का डर नहीं होना चाहिए।
ललोटा ने कहा, धार्मिक स्वतंत्रता हमारे देश के मूल सिद्धांतों में से एक है। इसकी रक्षा करना हमारी सरकार की सबसे गंभीर जिम्मेदारियों में शामिल है।
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संगठन ने एक बयान में कहा, ये आरोप अमेरिकी हिंदुओं और उन सभी लोगों के लिए बेहद परेशान करने वाले हैं, जो धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। साथ ही, उन लोगों के लिए भी यह चिंता की बात है, जो बिना किसी डर के एक जगह इकट्ठा होने और पूजा करने के अधिकार को महत्व देते हैं।
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हिंदू समुदायों से क्या अपील की गई?
संगठन ने पूरे अमेरिका में हिंदू समुदायों से शांत रहने, एकजुट रहने और सतर्क रहने की अपील की। बयान में कहा गया, हम मंदिरों, सामुदायिक संगठनों और परिवारों से अपील करते हैं कि वे स्थानीय पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखें। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। किसी भी धमकी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।
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नेताओं से नफरत के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
संगठन ने सभी राजनीतिक दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और नेताओं से भी अपील की। उनसे कहा गया कि वे भारतीय-अमेरिकियों और खासकर अमेरिकी हिंदुओं को निशाना बनाकर फैलाई जा रही नफरत को लेकर बढ़ती चिंता को स्वीकार करें और इस पर कार्रवाई करें। बयान में कहा गया कि अमेरिकी हिंदू देश में एक छोटा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय हैं।
हिंदू स्वयंसेवक संघ-अमेरिका ने कहा, हम नेताओं से अपील करते हैं कि वे हिंदुओं के प्रति नफरत, भारतीयों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंदू पूजा स्थलों को दी जाने वाली धमकियों की स्पष्ट रूप से निंदा करें। वे अपने मतदाताओं, समर्थकों और दूसरे संबंधित लोगों से भी ऐसा करने की अपील करें।
ये भी पढ़ें: 'दखलंदाजी स्वीकार नहीं': अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल पर भड़के भारतीय राजदूत क्वात्रा; क्या है पूरा मामला?
दूसरे समुदायों के नेताओं से क्या कहा?
संगठन ने सामाजिक, अंतरधार्मिक और सामुदायिक नेताओं को भी अमेरिकी हिंदू समुदाय के साथ खड़े होने के लिए आमंत्रित किया। संगठन ने अमेरिका के एक बुनियादी सिद्धांत पर जोर दिया। इसके मुताबिक, हर व्यक्ति को सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। हर व्यक्ति को बिना डर के पूजा करने और सामुदायिक जीवन में हिस्सा लेने का भी अधिकार है।
अमेरिका के सांसदों ने भी गोलीबारी की कोशिश पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना नस्लीय नफरत और अलग-अलग समुदायों को मिल रही धमकियों की गंभीर याद दिलाती है। अमेरिकी सांसद रिच मैककॉर्मिक, रो खन्ना, अमी बेरा, जेमी रस्किन और हेली स्टीवंस समेत कई नेताओं ने कहा कि किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म का पालन करते समय अपनी सुरक्षा को लेकर डरना नहीं चाहिए।
शिकागो के पास पैलेटाइन में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। उस पर रविवार को इलिनॉय के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने का आरोप है। हालांकि, उसकी योजना नाकाम हो गई। युवक की बंदूक जाम हो गई थी और उससे गोली नहीं चल सकी।
सांसदों ने क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य जेमी रस्किन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, इलिनॉय के एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की इस योजना से अमेरिकी नाराज हैं। हमें एकजुट होकर और मजबूती से श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली नफरत और हिंसा के खिलाफ खड़ा होना होगा। मंदिरों, यहूदी प्रार्थना स्थलों, चर्चों और मस्जिदों को निशाना बनाने वाली हिंसा का विरोध करना होगा।
इलिनॉय के सांसद राजा कृष्णमूर्ति रविवार को ऑरोरा के उसी मंदिर में मौजूद थे, जहां सामूहिक गोलीबारी की योजना नाकाम हुई थी। कांग्रेस सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने कहा, हिंदू मंदिर में निर्दोष अमेरिकियों की सामूहिक हत्या की साजिश पूरी तरह गलत है। किसी के धर्म, राजनीतिक विचार या नस्ल के आधार पर उसके खिलाफ हिंसा करना बुराई है।
रो खन्ना ने क्या कहा?
कैलिफोर्निया के सांसद रो खन्ना ने कहा, एक हिंदू अमेरिकी होने के नाते मैं श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति की ओर से मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश से नाराज हूं। हमलावर की बुराई से भी ज्यादा उसकी अज्ञानता है। हिंदू धर्म अहिंसा की शिक्षा देता है।
सांसद अमी बेरा ने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा सदमा लगा कि जब श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की, तब राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहा था।
बेरा ने कहा, यह घटना हिंदू समुदाय और धार्मिक व नस्लीय नफरत का निशाना बनने वाले दूसरे समुदायों के सामने मौजूद गंभीर खतरों की याद दिलाती है। हर अमेरिकी को शांति से पूजा करने का अधिकार है। नफरत से प्रेरित हिंसा से निपटने और अपने समुदायों को ऐसे खतरों से बचाने के लिए कांग्रेस को और कदम उठाने चाहिए।
श्री थानेदार ने क्या अपील की?
कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार ने कांग्रेस (संसद) से 'हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते हमलों का मुकाबला करने' की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिलना चाहिए।
हेली स्टीवंस और प्रमिला जयपाल ने क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने कहा, धार्मिक स्थलों पर खास तौर पर नफरत से भरी हिंसा की बढ़ती घटनाएं रुकनी चाहिए। किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म का पालन करते समय अपनी सुरक्षा को लेकर डरना नहीं चाहिए।
स्टीवंस ने हाल ही में भारत का दौरा किया था। उन्होंने कहा, मुझे गर्व है कि मैं कांग्रेस में उन क्षेत्रों में से एक का प्रतिनिधित्व करती हूं, जहां बड़ी संख्या में भारतवंशी रहते हैं। वे हमारे समुदाय और देश के लिए बहुत योगदान देते हैं। वे इससे बेहतर व्यवहार के हकदार हैं।
कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने कहा, मैं स्थानीय पुलिस की बहुत आभारी हूं, जिसने श्वेत लोगों को श्रेष्ठ मानने वाली सोच रखने वाले व्यक्ति की सामूहिक गोलीबारी की कोशिश को नाकाम कर दिया। मुझे खुशी है कि मंदिर में पूजा कर रहे लोग सुरक्षित हैं।
जयपाल ने कहा, दक्षिण एशियाई लोगों पर हमले बढ़ रहे हैं। ये हमले ऑनलाइन भी हो रहे हैं और हमारी अपनी सरकार के नेताओं की ओर से भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। यह नफरत, नस्लवाद और हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है। इससे हमारे समुदायों को गहरा मानसिक आघात पहुंच रहा है। इसे खत्म होना चाहिए।
निक ललोटा ने धार्मिक स्वतंत्रता पर क्या कहा?
कांग्रेस सदस्य निक ललोटा ने इलिनॉय में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हिंदू अमेरिकियों को निशाना बनाने की कथित साजिश की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म, नस्ल या पूर्वजों की पहचान के कारण अपनी जान का डर नहीं होना चाहिए।
ललोटा ने कहा, धार्मिक स्वतंत्रता हमारे देश के मूल सिद्धांतों में से एक है। इसकी रक्षा करना हमारी सरकार की सबसे गंभीर जिम्मेदारियों में शामिल है।