फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   PM Modi Conferred With Fijis Papua Guinea Highest Honor for Exceptional Global Leadership

Pacific Countries: पीएम मोदी को फिजी-पापुआ न्यू गिनी का सर्वोच्च सम्मान, वैश्विक नेतृत्व के लिए हुए सम्मानित

Mon, 22 May 2023 01:19 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पापुआ न्यू गिनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पापुआ न्यू गिनी Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 22 May 2023 01:19 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इसके बाद वे कई देशों के नेताओं से मिले।

विज्ञापन
PM Modi Conferred With Fijis Papua Guinea Highest Honor for Exceptional Global Leadership
पीएम मोदी को प्रशांत क्षेत्र के देशों से मिले ये सम्मान। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान में जी-7 और क्वाड बैठकों में शामिल होने के बाद रविवार को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। यहां उन्होंने फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लिया। बैठक के बाद पीएम मोदी ने प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के नेताओं से मुलाकात कर दोस्ती की ओर एक और कदम बढ़ाया है। एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के तौर पर भारत के इन्हीं कदमों के लिए पपुआ न्यू गिनी और फिजी के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान- 'कंपैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी' प्रदान किया। दुनिया में अब तक सिर्फ कुछ ही गैर-फिजीवासियों को यह सम्मान दिया गया है। 

विज्ञापन

 


पापुआ न्यू गिनी ने प्रशांत द्वीप देशों की एकता और ग्लोबल साउथ की अगुआई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू' से सम्मानित किया। पपुआ न्यू गिनी के बहुत कम गैर-निवासियों को यह पुरस्कार मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

दूसरी ओर प्रशांत के द्वीप देश रिपब्लिक ऑफ पलाऊ के राष्ट्रपति सुरंगेल एस. व्हिप्स जूनियर ने पीएम मोदी को एबाकल अवॉर्ड से सम्मानित किया। दोनों नेताओं की यह बैठक फिपिक समिट से इतर हुई।
 

 

गौरतलब है कि रविवार को सबसे पहले पीएम मोदी एपीईसी हाउस पहुंचे, जहां पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे ने उनका स्वागत किया।

 

 

गवर्नर-जनरल सर बॉब डाडे से मिले

वहीं, पीएम मोदी की गवर्नर-जनरल सर बॉब डाडे से भी मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-पापुआ न्यू गिनी संबंधों के बीच विकास साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया।

 

 

'थिरुक्कुरल' पुस्तक के अनुवाद का विमोचन किया

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में 'थिरुक्कुरल' पुस्तक के टोक पिसिन अनुवाद का विमोचन किया। साथ ही उन्होंने एफआईपीआईसी शिखर सम्मेलन से इतर सोलोमन द्वीप के प्रधानमंत्री मनश्शे सोगावारे के साथ शानदार मुलाकात की।

 

 

पीएम फियामे नाओमी माताफा के साथ चर्चा

पापुआ न्यू गिनी में पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर समोआ के पीएम फियामे नाओमी माताफा के साथ चर्चा की। 

 

 

कुक आइलैंड्स के पीएम के लिए कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि जापान से पापुआ न्यू गिनी तक बातचीत जारी है। सम्मेलन में कुक आइलैंड्स के पीएम मार्क ब्राउन को फिर से देखकर अच्छा लगा।

 

 

महासचिव हेनरी पुना से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में पीआईएफ (पैसिफिक आइलैंड्स फोरम) के महासचिव हेनरी पुना से मुलाकात की।

 

 

राष्ट्रपति तनेती मामाउ के साथ शानदार बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि उनकी आज किरिबाती गणराज्य के राष्ट्रपति तनेती मामाउ के साथ शानदार बातचीत हुई। पीएम ने कहा कि हमने अपने राष्ट्रों के बीच संबंधों को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

 

 

मार्शल आइलैंड्स गणराज्य के मंत्री से भी मिले मोदी

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने मार्शल आइलैंड्स गणराज्य के मंत्री कितलांग कबुआ से मुलाकात की।

 

 

 

प्रशांत द्वीपीय देशों को छोटे नहीं, बड़े समुद्री राष्ट्र मानता है भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने एफआईपीआईसी की बैठक में कहा कि भारत प्रशांत महासागर के छोटे-द्वीपों पर बसे देशों को छोटा नहीं मानता, बल्कि भारत के नजरिये में ये सभी बड़े समुद्री राष्ट्र हैं। उन्होंने कहा, भारत कोविड के दौरान और उससे पहले प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ खड़ा रहा था, आगे भी मदद करता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं, भुखमरी और गरीबी जैसी चुनौतियों के बीच कोरोना का सबसे ज्यादा असर वैश्विक दक्षिण के विकासशील और गरीब देशों पर पड़ा। इस मुसीबत के दौर में इन देशों ने जिनपर भरोसा किया, उन्होंने साथ छोड़ दिया, लेकिन भारत ने सभी दोस्तों की मदद की।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने प्रशांत क्षेत्र के द्वीपीय देशों को आश्वस्त किया कि भारत जी-20 की अध्यक्षता के जरिये वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को दुनिया के सामने रखेगा। उन्होंने बताया कि जी-7 के दौरान भी इस तरफ सबका ध्यान आकर्षित किया था। मोदी ने सोमवार को प्रशांत द्वीपीय देशों से कहा कि वे भारत को अपने विकास के एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देख सकते हैं, क्योंकि वह उनकी प्राथमिकताओं का सम्मान करता है और सहयोग करने का उसका दृष्टिकोण मानवीय मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने स्वतंत्र-मुक्त हिंद प्रशांत की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रशांत द्वीपीय देशों से कहा कि क्वाड समूह इस दिशा में काम कर रहा है।

बता दें, भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व जापान का संगठन ‘क्वाड’ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी आक्रामकता से मुकाबला कर रहा है। मोदी ने एफआईपीआईसी शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए बहुपक्षवाद की जरूरत व सभी देशों की संप्रभुता एवं अखंडता के सम्मान पर जोर दिया। मोदी ने ऐसे समय में ये टिप्पणियां कीं, जब चीन क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें कर रहा है।

मोदी बोले-सच्चा दोस्त वही जो बुरे वक्त काम आए
मोदी ने सम्मेलन की शुरुआत में कोविड के प्रतिकूल प्रभावों पर भी बात की। किसी देश का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा, जिन्हें हम अपना विश्वासपात्र समझते थे, ऐसा पाया गया कि वे जरूरत के समय साथ खड़े नहीं रहे। इस दौर में पुरानी कहावत सही साबित हुई, सच्चा दोस्त वही है, जो बुरे वक्त में काम आए। 14 प्रशांत द्वीपीय देशों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपकी प्राथमिकताओं का सम्मान करता है। आपके विकास में साझेदार बनना हमारे लिए गर्व की बात है। भले वह मानवीय मदद हो या विकास, आप भारत को विश्वसनीय साझेदार के तौर पर देख सकते हैं।

जी-20 अध्यक्षता को समझाया
पीएम मोदी ने कहा, हम बिना किसी हिचकिचाहट के आपके साथ अपनी क्षमताएं एवं अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं। हम आपके साथ हैं। उन्होंने जी-20 की अपनी अध्यक्षता के तहत भारत की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया व ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की विचारधारा को समझाया।

नई विकास पहल की घोषणा
पीएम मोदी ने 14 प्रशांत द्वीप देशों के नेताओं से कहा कि भारत बिना किसी हिचकिचाहट के उनके साथ अपनी क्षमताओं को साझा करने के लिए तैयार है। मोदी ने कहा कि भारत ने फिजी में एक सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियोलॉजी अस्पताल स्थापित करने का फैसला किया है। सभी 14 प्रशांत द्वीप देशों में डायलिसिस यूनिट स्थापित करने के साथ ही समुद्री एंबुलेंस प्रदान की जाएगी। पीएम ने इस क्षेत्र में इसी जन औषधि केंद्र लाने का भी प्रस्ताव दिया। पापुआ न्यू गिनी में भारत आईटी के लिए उत्कृष्टता केंद्र को उन्नत करने में मदद करेगा। उन्होंने प्रत्येक प्रशांत द्वीप देश में लघु-मध्यम उद्योग की भी घोषणा की।

आईटेक के पूर्व छात्रों के साथ भी संवाद 
पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन के इतर भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटेक) कार्यक्रम के पूर्व छात्रों से भी संवाद किया। मोदी ने कहा, आईटेक के ये पूर्व छात्र भारत में हासिल किए कौशल का इस्तेमाल कर अपने-अपने समाज में योगदान दे रहे हैं। मोदी ने भारत को अपने दिलों में रखने के लिए उनकी प्रशंसा की।

मोदी-मरापे वार्ता में आपसी संबंधों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे के साथ दोनों देशों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा वाणिज्य, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल बॉब डाडे से भी अलग से मुलाकात की और उनसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, पीएम मोदी का इला बीच स्थित ऐतिहासिक एपेक हाउस में जेम्स मरापे ने गर्मजोशी से स्वागत किया व एफआईपीआईसी सम्मेलन की सह-मेजबानी के लिए आभार जताया।

मोदी आप हमारे नेता, हमारी आवाज उठाएं, हम आपके पीछे खड़े
एफआईपीआईसी की बैठक में पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे ने कहा कि प्रशांत क्षेत्र के छोटे द्वीपीय देश पीएम मोदी को अपना नेता मानते हैं और उन्हें भरोसा है कि वे उनकी समस्याओं को वैश्विक मंचों पर बुलंद आवाज में उठाएंगे। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मरापे ने कहा, हम विश्व शक्तियों की खींचतान में पिस रहे हैं। आप (पीएम मोदी) वैश्विक दक्षिण के नेता हैं। हम वैश्विक मंचों पर भारत के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा, हमें रूस-यूक्रेन युद्ध का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें ईंधन और बिजली के लिए ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है। यह वैश्विक राजनीति और सत्ता संघर्ष के लिए बड़े देशों के टकराव की वजह से हो रहा है। प्रशांत क्षेत्र के देशों की तरफ से अपील करते हुए मारपे ने कहा, हम छोटे द्वीप राष्ट्रों के पास ज्यादा जमीन नहीं, संख्या में भी कम हैं, दुनिया हमारे क्षेत्र का इस्तेमाल करती है। लेकिन, वैश्विक मंचों पर हमारी कोई नहीं सुनता। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि आप हमारी बात सुनें और हमारी आवाज बनें।

अमेरिका और पापुआ न्यू गिनी में अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर
अमेरिका-चीन के बीच रिश्तों में बढ़ती खटास और ताइवान मुद्दे पर तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पापुआ न्यू गिनी के प्रधान मंत्री जेम्स मारापे के साथ महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। ब्लिंकन ने कहा, हमने इस समझौते में कई विषयों को कवर किया है। दोनों देश शांति, सुरक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि बढ़ेगी। ब्लिंकन ने कहा कि यह मानवतावादी सहायता और आपदा प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए पापुआ न्यू गिनी रक्षा क्षमताओं का विस्तार करेगा।

मोदी ने की भोज की मेजबानी, नेताओं ने लिया भारतीय व्यंजनों का लुत्फ
शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेताओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्याह्न भोजन की मेजबानी भी की। इसमें खासतौर पर खांडवी, मोटे अनाज एवं सब्जियों के सूप, मलाई कोफ्ता, राजस्थानी रागी गट्टा करी, दाल पंचमेल, बाजरा बिरयानी, फुल्का और मसाला छाछ परोसी गई। नेताओं ने खाने के बाद पान कुल्फी और मालपुआ का भी लुत्फ लिया। पेय पदार्थों में मसाला चाय, ग्रीन टी, पुदीने की चाय और पापुआ न्यू गिनी की ताजा पीसी गई कॉफी को भी शामिल किया गया।

बाइडन का दौरा रद्द होने के बाद भी पीएम मोदी से मिलने आए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को न्यूजीलैंड के अपने समकक्ष क्रिस हिपकिन्स से पहली बार मुलाकात की और इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की पूरी श्रृंखला पर चर्चा की एवं व्यापार और वाणिज्य, शिक्षा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जतायी। पीएम मोदी के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी पापुआ न्यू गिनी की यात्रा पर आने वाले थे। लेकिन, बाद में बाइडन ने अपनी यात्रा रद्द कर दी। इसके बाद कई लोगों ने इस बात पर संशय जताया कि न्यूजीलैंड के पीएम शायद ही आएं। लेकिन, हिपकिन्स  मोदी से मिलने पापुआ न्यू गिनी पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed