फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Saudi Arabia warns America on use of reserve oil, know all about

US v/s Saudi Arabia:  तेल पर सऊदी अरब और अमेरिका में रार, कीमतें पर काबू के लिए रिजर्व स्टॉक बेच रहा यूएस

Thu, 27 Oct 2022 10:39 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 27 Oct 2022 10:39 AM IST
सार

ओपेक प्लस देशों ने पांच अक्तूबर को रोजाना 20 लाख बैरल तेल उत्पादन कम करने का फैसला किया था। ओपेक प्लस में 24 देश शामिल हैं। इन देशों के समूह में  रूस भी शामिल है। उत्पादन घटाने से दाम बढ़ेंगे, इससे रूस को और फायदा होगा।  

विज्ञापन
Saudi Arabia warns America on use of reserve oil, know all about
- फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तेल उत्पादन घटाने के फैसले को लेकर अमेरिका और तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक प्लस के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अब सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अब्दुल अजीज बिन सलमान ने अमेरिका को सीधे चेतावनी दे दी है। सलमान ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने सुरक्षित तेल भंडार से तेल बेचना खतरनाक होगा। 

विज्ञापन


अमेरिका व सऊदी अरब के रिश्ते दोस्ताना रहे हैं, लेकिन तेल की कीमतों व उत्पादन घटाने के ओपेक देशों के फैसले से वह नाराज है। अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब और अन्य तेल उत्पादक देश तेल उत्पादन बढ़ाएं और तेल के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी न करें। लेकिन, ओपेक अमेरिका के दबाव में नहीं आया, इस कारण अमेरिका को मजबूरन अपने रिजर्व तेल भंडार से तेल बाजार में बेचने का फैसला करना पड़ा। 
विज्ञापन


बाइडन ने खोला आपात तेल भंडार
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने पिछले सप्ताह देश के आपात तेल भंडार से डेढ़ करोड़ बैरल तेल बेचने का एलान किया है। यह फैसला 8 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले तेल की कीमत पर काबू पाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आपात तेल भंडार खोलने से होगी मुश्किल : सलमान
अमेरिका का यह फैलस सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अब्दुल अजीज बिन सलमान को रास नहीं आ रहा है। उन्होंने राजधानी रियाद में आयोजित 'फ्यूचर इनिशिएटिव इन्वेस्टमेंट सम्मेलन' में अमेरिका को चेताया कि आपात तेल भंडार को खाली करना बहुत मुश्किल पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अमेरिका के साथ साझेदारी में ज्यादा मजबूत भूमिका में है। 

रूस की मदद नहीं, कीमतें स्थिर करने के लिए कटौती : सलमान
सलमान ने यह भी कहा कि अमेरिका का यह आरोप बेबुनियाद है कि रूस की मदद के लिए तेल उत्पादन में कटौती की जा रही है। कटौती का फैसला पूरी तरह से आर्थिक है। इसका मकसद विश्व बाजार में तेल की कीमतें स्थिर करना है। 


रोजाना 20 लाख बैरल तेल उत्पादन कम करने का फैसला
बता दें, ओपेक प्लस देशों ने पांच अक्तूबर को रोजाना 20 लाख बैरल तेल उत्पादन कम करने का फैसला किया था। ओपेक प्लस में 24 देश शामिल हैं। इन देशों के समूह में रूस भी शामिल है।उत्पादन घटाने से दाम बढ़ेंगे, इससे रूस को और फायदा होगा।  ओपेक प्लस संगठन में सऊदी अरब का दबदबा है। कटौती के फैसले पर अमेरिका ने सऊदी अरब को चेताया था कि सऊदी अरब को इस फैसले का अंजाम भोगना पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed