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Saudi Arabia: पहले ही दौरे पर शहबाज को सऊदी अरब से झटका; कहा- कश्मीर के मुद्दे पर भारत से वार्ता करे पाकिस्तान
Mon, 08 Apr 2024 08:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेद्दा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेद्दा
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 08 Apr 2024 08:36 PM IST
सार
यह साझा बयान शहबाज शरीफ की सउदी अरब की यात्रा के क्रम में आया है। सऊदी अरब के कश्मीर को लेकर दिए गए बयान को पाकिस्तान के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
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सऊदी के क्राउन प्रिंस और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फाइल)
- फोटो : ani
विस्तार
पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों अपने पहले विदेश दौरे पर हैं। उन्होंने नवाज और इमरान की राह पर चलते हुए अपने पहले विदेश दौरे के लिए सऊदी अरब को चुना। हालांकि कश्मीर मुद्दे को लेकर सऊदी अरब ने शहबाज को करारा झटका दिया है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है। साथ ही उसने पाकिस्तान को यह भी सलाह दी है कि वह नई दिल्ली से बातचीत के लिए इस मुद्दे का हल निकाले। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने साझा बयान में अन्य मुद्दों के हल के लिए भी वार्ता के महत्व पर जोर दिया है।
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बता दें कि यह साझा बयान शहबाज की यात्रा के क्रम में आया है। सऊदी अरब के कश्मीर को लेकर दिए गए बयान को पाकिस्तान के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, दरअसल पाकिस्तान यूएन सहित अन्य वैश्विक मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। वह यूएन के तत्वाधान में जनमत संग्रह का राग भी अलापता रहा है, हालांकि भारत ने हमेशा से ही इसका विरोध किया है और इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया है। नई दिल्ली का लंबे समय से रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दा हम दो देशों का है और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप का कोई सवाल ही नहीं है।
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गौरतलब है कि पांच अगस्त, 2019 को भारत द्वारा कश्मीर में लागू संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए थे। भारत के इस फैसले पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। साथ ही भारतीय दूत को बाहर कर दिया था।
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विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर हुई चर्चा
साझा बयान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी शासक प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच 7 अप्रैल को मक्का के अल-सफा पैलेस में आधिकारिक बैठक के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि दोनों के बीच संबंधों को और मजबूत करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और इसके लिए नए रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया। इसके अलावा शहबाज और सऊदी के क्राउन प्रिंस के बीच कश्मीर सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों ने लंबित मुद्दों, खास तौर पर जम्मू और कश्मीर विवाद को हल करने के लिए पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत के महत्व पर जोर दिया।
5 बिलियन डॉलर के निवेश पैकेज को लेकर जताई प्रतिबद्धता
बयान के मुताबिक, सऊदी के क्राउन प्रिंस ने इस दौरान शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए शुभकामनाएं दीं। इस पर शहबाज ने क्राउन प्रिंस के समर्थन और आतिथ्य के लिए आभार जताया। साथ ही शहबाज ने द्विपक्षीय संबंधों में और प्रगति के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के बीच, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सऊदी अरब की सहायक भूमिका पर भी जोर दिया गय। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने 5 बिलियन डॉलर के निवेश पैकेज के पहले चरण में तेजी लाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
गाजा की स्थिति पर भी हुई चर्चा
इस दौरान दोनों नेताओं ने गाजा में चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की। साथ ही उन्होंने गाजा में इस्राइली सैन्य अभियानों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा परिषद और महासभा के प्रासंगिक प्रस्तावों के साथ-साथ अरब शांति पहल के अनुसार शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की। इसके साथ ही शहबाज शरीफ ने बिन सलमान को पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित किया, जिसे क्राउन प्रिंस ने स्वीकार कर लिया।