Saudi Arabia: सऊदी अरब में एक साथ पांच अपराधियों को फांसी की सजा, पूजा स्थल पर हमला करने के पाए गए थे दोषी
आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए मई की शुरुआत से अबतक 20 से अधिक फांसी दी जा चुकी हैं। मई के अंत में, अधिकारियों ने आतंकवाद के दोषी दो बहरीनियों को मौत की सजा दी थी।
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सऊदी अरब ने एक साथ पांच अपराधियों को मौत की सजा दी, जो इस साल की सबसे बड़ी सामूहिक फांसी है। मारे गए लोगों में चार सउदी और एक मिस्र का नागरिक शामिल था। यह सभी एक पूजा स्थल पर घातक हमले में शामिल पाए गए थे, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी और अनगिनत घायल हुए थे। फिलहाल ये नहीं बताया गया है कि पूजा स्थल पर हमला कब और कैसे हुआ था।
बता दें, अधिकारियों ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि फांसी कैसे दी गई। अगर हम सऊदी अरब का इतिहास देखें तो यह एक साथ फांसी चढ़ने वालों की सबसे बड़ी संख्या है। पांच लोगों को सामूहिक फांसी दिए जाने के साथ ही इस साल सऊदी अरब द्वारा मौत की सजा दिए जाने की कुल संख्या 68 तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए मई की शुरुआत से अबतक 20 से अधिक फांसी दी जा चुकी हैं। मई के अंत में, अधिकारियों ने आतंकवाद के दोषी दो बहरीनियों को मौत की सजा दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल सऊदी अरब ने कुल 147 लोगों को फांसी दी गई थी। जबकि साल 2021 में 69 लोगों को मौत की सजा दी गई थी। 2022 के आंकड़े में आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए मार्च में एक ही दिन में 81 लोगों को फांसी दी गई थी। इससे पहले सबसे अधिक, 1979 में मक्का में ग्रैंड मस्जिद पर कब्जा करने के दोषी 63 आतंकवादियों के लिए जनवरी 1980 में सामूहिक फांसी दी गई थी।
सऊदी अरब में फांसी की घटनाओं में हालिया वृद्धि तब हुई है, जब सऊदी अरब के किंग सलमान के बेटे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के माध्यम से अपनी छवि को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अगर कोई व्यक्ति लोगों की जान को खतरे में डालता है तो उसे फांसी की सजा दी जाएगी। इसके अलावा अन्य मामलों में सजा पर नरमी बरती जा सकती है। क्राउन प्रिंस ने कहा था कि लोगों की जान लेने से बड़ा कोई अपराध नहीं है। इसलिए इस अपराध के लिए सजा भी सख्त होनी चाहिए।