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Israel: हमास के हमले का मध्य पूर्व में हुआ बड़ा असर, सऊदी अरब-ईरान आए करीब, इस्राइल से थमी बातचीत!
Sat, 14 Oct 2023 08:47 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रियाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रियाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 14 Oct 2023 08:47 AM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पूरी अरब दुनिया गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले से नाराज है तो ऐसे वक्त में सऊदी अरब, इस्राइल से बातचीत कर अरब देशों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहता।
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मोहम्मद बिन सलमान और बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास के इस्राइल पर किए गए हमले और इस्राइल की जवाबी कार्रवाई का मध्य पूर्व की राजनीति पर बड़ा असर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस्राइल और सऊदी अरब के बीच होने वाली ऐतिहासिक बातचीत फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। सऊदी अरब अपनी विदेश नीति पर फिर से विचार कर रहा है। इस्राइल-हमास के हमले का ही असर है कि सऊदी अरब और ईरान के बीच शीर्ष स्तर पर बातचीत हो रही है। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से गाजा पट्टी के हालात पर फोन पर चर्चा की।
अमेरिका कर रहा मध्यस्थता
बता दें कि सऊदी अरब-इस्राइल के बीच बातचीत की मध्यस्थता अमेरिका द्वारा की जा रही थी। दावा किया जा रहा था कि इस बातचीत से मध्य पूर्व की राजनीति में बड़े बदलाव हो सकते हैं। साथ ही इस बातचीत के बदले में सऊदी अरब का अमेरिका के साथ अहम रक्षा समझौता भी होता। हालांकि अब इस्राइल और हमास के बीच छिड़ी लड़ाई से यह पूरी बातचीत फिलहाल टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पूरी अरब दुनिया गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले से नाराज है तो ऐसे वक्त में सऊदी अरब, इस्राइल से बातचीत कर अरब देशों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहता।
इस्राइल-हमास हमले से बदले हालात
बता दें कि बीती सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइली सीमा में घुसकर अप्रत्याशित तरीके से हमला किया और 1300 लोगों की हत्या की और कई को अगवा कर लिया। इसके जवाब में इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई में गाजा पट्टी पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिससे गाजा पट्टी में 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। अब इस्राइल गाजा पट्टी पर जमीनी हमले की तैयारी कर चुका है और अपने साढ़े तीन लाख सैनिक उसने सीमाओं पर तैनात कर दिए हैं।
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अरब देशों में फलस्तीन एक बड़ा मुद्दा है, जिसके चलते इस्लामी राष्ट्रों और इस्राइल के संबंध पटरी पर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अमेरिका द्वारा लगातार इस्राइल का समर्थन किया जा रहा है और अमेरिका ही मध्यस्थता कराकर इस्राइल की सऊदी अरब के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा था। अब इस्राइल हमास के बीच छिड़ी लड़ाई ने हालात को और बदतर बना दिया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवन ने कहा है कि बातचीत थमी नहीं है लेकिन फिलहाल फोकस अन्य चीजों पर हो गया है।
ईरान-सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत
वहीं लड़ाई के चलते सऊदी अरब और ईरान के बीच भी बातचीत एक अहम बदलाव है। अप्रैल में चीन ने सऊदी अरब और ईरान के बीच मध्यस्थता कराई थी, जिसके बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच इस्राइल हमास युद्ध और गाजा पट्टी को लेकर बातचीत हुई। दोनों देशों ने मौजूदा लड़ाई को रोकने के लिए हरसंभव मदद की बात कही। दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट बातचीत हुई।
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अमेरिका कर रहा मध्यस्थता
बता दें कि सऊदी अरब-इस्राइल के बीच बातचीत की मध्यस्थता अमेरिका द्वारा की जा रही थी। दावा किया जा रहा था कि इस बातचीत से मध्य पूर्व की राजनीति में बड़े बदलाव हो सकते हैं। साथ ही इस बातचीत के बदले में सऊदी अरब का अमेरिका के साथ अहम रक्षा समझौता भी होता। हालांकि अब इस्राइल और हमास के बीच छिड़ी लड़ाई से यह पूरी बातचीत फिलहाल टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पूरी अरब दुनिया गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले से नाराज है तो ऐसे वक्त में सऊदी अरब, इस्राइल से बातचीत कर अरब देशों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहता।
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इस्राइल-हमास हमले से बदले हालात
बता दें कि बीती सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइली सीमा में घुसकर अप्रत्याशित तरीके से हमला किया और 1300 लोगों की हत्या की और कई को अगवा कर लिया। इसके जवाब में इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई में गाजा पट्टी पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिससे गाजा पट्टी में 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। अब इस्राइल गाजा पट्टी पर जमीनी हमले की तैयारी कर चुका है और अपने साढ़े तीन लाख सैनिक उसने सीमाओं पर तैनात कर दिए हैं।
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अरब देशों में फलस्तीन एक बड़ा मुद्दा है, जिसके चलते इस्लामी राष्ट्रों और इस्राइल के संबंध पटरी पर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अमेरिका द्वारा लगातार इस्राइल का समर्थन किया जा रहा है और अमेरिका ही मध्यस्थता कराकर इस्राइल की सऊदी अरब के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा था। अब इस्राइल हमास के बीच छिड़ी लड़ाई ने हालात को और बदतर बना दिया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवन ने कहा है कि बातचीत थमी नहीं है लेकिन फिलहाल फोकस अन्य चीजों पर हो गया है।
ईरान-सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत
वहीं लड़ाई के चलते सऊदी अरब और ईरान के बीच भी बातचीत एक अहम बदलाव है। अप्रैल में चीन ने सऊदी अरब और ईरान के बीच मध्यस्थता कराई थी, जिसके बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच इस्राइल हमास युद्ध और गाजा पट्टी को लेकर बातचीत हुई। दोनों देशों ने मौजूदा लड़ाई को रोकने के लिए हरसंभव मदद की बात कही। दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट बातचीत हुई।
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