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भारतीय संस्कृति की जड़: प्रोफेसर ने कहा- 2000 साल से भी अधिक समय से चीन में लोकप्रिय है संस्कृत
Mon, 12 Apr 2021 04:29 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 12 Apr 2021 04:29 AM IST
सार
- पेकिंग यूनिवर्सिटी चीन में प्राचीनतम यूनिवर्सिटी में से एक है और यहां संस्कृत की पढ़ाई होते इस साल 100 साल पूरे हो रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
चीन में प्राचीन भारतीय भाषा संस्कृत 2000 साल से भी अधिक समय से लोकप्रिय है और यह भाषा यहां काफी समृद्धिशाली भी हो रही है। संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध चीनी विद्वान और चीन-भारत बौद्ध अध्ययन, इंस्टीट्यूट ऑफ ओरिएंटल एंड इंडियन स्टडीज के डायरेक्टर वांग बांगवेई ने कहा कि यह भाषा बौद्ध धर्म के साथ यहां आई और इसका सदियों से चीनी राजा-महाराजाओं व विद्वानों पर गहरा असर भी पड़ा।
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पेकिंग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बांगवेई ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ संस्कृत चीन में आज भी काफी लोकप्रिय है जबकि आधुनिक भारत में इसकी प्रगति कम हुई है। उन्होंने कहा कि पेकिंग यूनिवर्सिटी चीन में प्राचीनतम यूनिवर्सिटी में से एक है और यहां संस्कृत की पढ़ाई होते इस साल 100 साल पूरे हो रहे हैं।
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उन्होंने चीन में संस्कृति के प्रसार का श्रेय चौथी शताब्दी ई.पू. के भारतीय विद्वान कुमारजीवा को दिया। उन्होंने 2000 साल पहले चीन में रहने के दौरान बौद्ध सूत्रों का चीनी भाषा में अनुवाद करने में मदद की और नेशनल टीचर ऑफ चाइना का शाही खिताब हासिल किया।
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