{"_id":"63972dcbe8fc6130da370bd2","slug":"s-jaishankar-says-india-can-play-bridging-role-in-divides-caused-by-conflicts-such-as-ukraine","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ukraine Crisis: जयशंकर बोले- यूक्रेन संघर्ष से बने हालात से विकास प्रभावित, उबरने में भारत की अहम अहम भूमिका","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Ukraine Crisis: जयशंकर बोले- यूक्रेन संघर्ष से बने हालात से विकास प्रभावित, उबरने में भारत की अहम अहम भूमिका
Mon, 12 Dec 2022 07:05 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबु धाबी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबु धाबी
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 12 Dec 2022 07:05 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और यूएई दो ऐसे देश हैं जो बहुत सहज हैं, जो एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और जो आज इस रिश्ते का उपयोग बदलती दुनिया में करना चाहते हैं। इन संबंधों का उपयोग न केवल बदलती दुनिया में जीवित रहने के लिए, बल्कि बदलती दुनिया को आकार देने के लिए भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
भारत-यूएई संबंधों पर ग्लोबल फोरम पैनल चर्चा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग पर विराम की वकालत की है। अबू धाबी में आयोजित भारत-यूएई संबंधों पर ग्लोबल फोरम पैनल में बोलते हुए उन्होंने सोमवार को कहा कि यूक्रेन में युद्ध जैसे संघर्षों के इर्द-गिर्द दुनिया बहुत तेजी से विभाजित हो रही है। ऐसे में भारत एक सेतु की भूमिका निभा सकता है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ अनवर मोहम्मद गर्गश ने भी यूक्रेन में संघर्ष के त्वरित अंत की अपील की है।
विज्ञापन
भारत-यूएई संबंधों पर ग्लोबल फोरम पैनल में बोलते हुए एस जयशंकर ने वर्तमान में दुनिया में हो रहे दो बड़े विभाजनों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पूर्व-पश्चिम विभाजन है जो यूक्रेन के आसपास केंद्रित है और दूसरा विकास के आसपास केंद्रित उत्तर-दक्षिण का विभाजन है। रूस-यूक्रेन संघर्ष का असर इस सब पर पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन का भी विकास पर प्रभाव पड़ रहा है। मेरा मानना है कि इस स्थिति को बदलने के लिए भारत जैसा देश अकेले नहीं बल्कि संयुक्त अरब अमीरात जैसे अन्य देशों के साथ मिलकर प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि आज पुल बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और यूएई दो ऐसे देश हैं जो बहुत सहज हैं, जो एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और जो आज इस रिश्ते का उपयोग बदलती दुनिया में करना चाहते हैं। इन संबंधों का उपयोग न केवल बदलती दुनिया में जीवित रहने के लिए, बल्कि बदलती दुनिया को आकार देने के लिए भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ अनवर मोहम्मद गर्गश ने भी रूस-यूक्रेन संघर्ष के शीघ्र समापन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच की जंग राजनीतिक रूप से समाप्त नहीं होगा। यह हमारे हित में है कि इस संघर्ष को समाप्त करने वाली राजनीतिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि 24 फरवरी से यूक्रेन के खिलाफ रूस ने एक विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था। अमेरिका समेत अधिकतर पश्चिमी देशों ने रूस की इस कार्रवाई की ना केवल बड़े पैमाने पर आलोचना की थी बल्कि कई कड़े प्रतिबंध भी लगा दिए थे।
न्यूयॉर्क का दौरा करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को लेकर बड़ी जानकारी दी है। मंत्रालय ने बताया कि एस जयशंकर 14 और 15 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की वर्तमान अध्यक्षता के दो उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय हस्ताक्षर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करने के लिए न्यूयॉर्क का दौरा करेंगे।