General Moskalik Murder: 'हत्या के लिए यूक्रेन ने दिए रुपये'; रूसी जनरल मोस्कालिक के हत्यारे ने स्वीकारा अपराध
यह चार महीनों में दूसरा ऐसा हमला है जिसमें शीर्ष रूसी सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक से पहले लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की 17 दिसंबर, 2024 को तब मौत हो गई थी, जब उनके अपार्टमेंट की इमारत के बाहर पार्क किए गए इलेक्ट्रिक स्कूटर में छिपाया गया बम उनके कार्यालय के लिए निकलते समय फट गया था।
विस्तार
रूसी जनरल की हत्या में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के मुख्य संचालन विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक को बालाशिखा के पास उनके घर के बाहर कार बम से मार डाला गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोस्कालिक की हत्या ऐसे समय में की गई है जब वे यूक्रेन शांति वार्ता में शामिल होने वाले थे।
रूसी सशस्त्र बलों में मुख्य अभियान निदेशालय के उपप्रमुख और वरिष्ठ सैन्य अफसर लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध ने अपना अपराध स्वीकार किया है। रूसी अधिकारियों ने रविवार को दावा किया कि संदिग्ध इग्नाट कुजिन ने स्वीकार किया है कि जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या के लिए उसे यूक्रेनी सुरक्षा सेवा ने पैसे दिए थे।
इग्नाट कुजिन को किया था गिरफ्तार
मामले में जानकारी देते हुए संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने बताया कि हत्या मामले में यूक्रेन में रहने का परमिट रखने वाला इग्नाट कुजिन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुजिन ने वो कार को खरीदी थी जिसका इस्तेमाल जनरल मोस्कलिक की हत्या में किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने बम के पुर्जे एक कैश से निकाले और उन्हें मोस्कलिक की कार में रख दिया, जिससे उनकी हत्या की गई। हालांकि पहले की रिपोर्टों में यह कहा गया था कि इग्नाट कुज़िन यूक्रेनी गुप्त सेवा, SBU के निर्देश पर काम कर रहा था।
इसे भी पढ़ें- Russia: कार बम धमाके में रूस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की मौत, जांचकर्ता घटनास्थल पर मौजूद
कैसे हुई रूसी जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या?
रूस की जांच एजेंसियों के मुताबिक, यारोस्लाव मोस्कालिक रूसी सशस्त्र बलों में मुख्य अभियान निदेशालय के उपप्रमुख थे। उनकी मौत मॉस्को के बाहरी क्षेत्र में स्थित बालाशिखा शहर में हुई। उनकी हत्या के लिए पार्किंग में खड़ी एक कार में आईईडी लगाया गया था। जैसे ही मोस्कालिक इस कार के पास से गुजरे इसमें विस्फोट कर दिया गया। यह हत्या चौंकाने वाली इसलिए है, क्योंकि मोस्कालिक इसी क्षेत्र में रहते थे और इस उच्च संवेदनशील राजनयिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में अक्सर टहलने के लिए निकलते थे। यानी हमलावरों ने उनके मूवमेंट्स को ट्रैक किया, और उसके बाद बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी।
रूसी जनरल की मौत का समय भी गौर करने वाला है, क्योंकि जब उनकी हत्या हुई, उससे कुछ समय पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव व्हिटकॉफ से यूक्रेन जंग रोकने पर चर्चा शुरू की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस हमले का मकसद रूस-यूक्रेन जंग को रोकने की अमेरिका की शांति की कोशिशों में खलल डालना था।
इसे भी पढ़ें- पुतिन के खास लोगों की हत्या का सिलसिला: कैसे यूक्रेन से जंग के बीच मारे जा रहे रूस के ताकतवर लोग, तरीका क्या?
हालांकि अभी तक यूक्रेन के अधिकारियों ने रूसी सैन्य अधिकारी की हत्या को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि यह चार महीनों में दूसरा ऐसा हमला है जिसमें शीर्ष रूसी सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक से पहले लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की 17 दिसंबर, 2024 को तब मौत हो गई थी, जब उनके अपार्टमेंट की इमारत के बाहर पार्क किए गए इलेक्ट्रिक स्कूटर में छिपाया गया बम उनके कार्यालय के लिए निकलते समय फट गया था। हमले में किरिलोव के सहायक की भी मौत हो गई थी। यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी ने इस मामले में ये स्वीकार किया था कि इस हमले के पीछे उसका हाथ था।
इगोर किरिलोव की हत्या से ठीक पहले यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी- एसबीयू ने दावा किया था कि किरिलोव ने यूक्रेन में रूसी अभियान के दौरान प्रतिबंधित केमिकल हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। उनकी हत्या की घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से रूस-यूक्रेन जंग को रुकवाने के लिए विशेष प्रतिनिधि बनाए गए कीथ केलॉग ने कहा था कि यह जंग के नियमों का उल्लंघन हो सकता है।