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रूसी मीडिया में उठा कश्मीर का मुद्दा: पुतिन सरकार ने नकारी रिपोर्ट, कहा- यह भारत-पाकिस्तान का आपसी मसला
Mon, 07 Feb 2022 04:41 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 07 Feb 2022 04:41 PM IST
सार
पुतिन सरकार का यह बयान रेडफिश डिजिटल मीडिया की ओर से किए गए उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें उसने कश्मीर पर बनाई एक डॉक्युमेंट्री की झलक दिखाई थी और कश्मीर की फलस्तीन से तुलना कर दी थी।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
रूस ने अपनी उन मीडिया रिपोर्ट्स को सीधे तौर पर नकार दिया है, जिनमें कश्मीर की तुलना फलस्तीन से की गई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने इस विवाद पर बयान जारी कर कहा कि कश्मीर पर कोई भी बात भारत-पाकिस्तान का आपसी मसला है।
पुतिन सरकार का यह बयान रेडफिश डिजिटल मीडिया की ओर से किए गए उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें उसने कश्मीर पर बनाई एक डॉक्युमेंट्री की झलक दिखाई थी और कश्मीर की फलस्तीन से तुलना कर दी थी। ट्विटर पर रेडफिश डिजिटल मीडिया को रूस की सरकारी मीडिया बताया गया है। अपनी वेबसाइट पर रेडफिश खुद को कई अवॉर्ड जीतने वाला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर बताता है।
इसी डॉक्युमेंट्री को लेकर उठे विवाद के बाद रूसी दूतावास ने बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर पर रूस की आधिकारिक स्थिति काफी स्पष्ट है। हम द्विपक्षीय विवादों में कभी दखल न देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कश्मीर मसले का हाल भारत और पाकिस्तान के बीच ही हो सकता है और यह सिर्फ 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर डिक्लेरेशन के तहत ही पूरा होगा।
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दूतावास ने कहा कि ट्विटर पर रेडफिश की रूसी सरकारी मीडिया के तौर पर गलत पहचान की गई है। इसका सरकार के समर्थन से कई लेना-देना नहीं है। यह चैनल पूरी तरह स्वतंत्र है और अपनी संपादकीय नीतियों के तहत चलता है। हालांकि, इस पूरे मामले की जटिलता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दखते हुए किसी भी पेशेवर मीडिया से संतुलित परिप्रेक्ष्य की उम्मीद की जाती है।
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पुतिन सरकार का यह बयान रेडफिश डिजिटल मीडिया की ओर से किए गए उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें उसने कश्मीर पर बनाई एक डॉक्युमेंट्री की झलक दिखाई थी और कश्मीर की फलस्तीन से तुलना कर दी थी। ट्विटर पर रेडफिश डिजिटल मीडिया को रूस की सरकारी मीडिया बताया गया है। अपनी वेबसाइट पर रेडफिश खुद को कई अवॉर्ड जीतने वाला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर बताता है।
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इसी डॉक्युमेंट्री को लेकर उठे विवाद के बाद रूसी दूतावास ने बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर पर रूस की आधिकारिक स्थिति काफी स्पष्ट है। हम द्विपक्षीय विवादों में कभी दखल न देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कश्मीर मसले का हाल भारत और पाकिस्तान के बीच ही हो सकता है और यह सिर्फ 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर डिक्लेरेशन के तहत ही पूरा होगा।
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दूतावास ने कहा कि ट्विटर पर रेडफिश की रूसी सरकारी मीडिया के तौर पर गलत पहचान की गई है। इसका सरकार के समर्थन से कई लेना-देना नहीं है। यह चैनल पूरी तरह स्वतंत्र है और अपनी संपादकीय नीतियों के तहत चलता है। हालांकि, इस पूरे मामले की जटिलता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दखते हुए किसी भी पेशेवर मीडिया से संतुलित परिप्रेक्ष्य की उम्मीद की जाती है।