Ukraine War: रूस फिर से कर सकता है परमाणु शक्ति से चलने वाली मिसाइल का परीक्षण, यूक्रेन सैन्य एजेंसी का दावा
यूक्रेनी खुफिया एजेंसी का दावा है कि रूस परमाणु ऊर्जा से चलने वाली 9एम730 बुरेवेस्तनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है। यदि सफल रहा, तो रूस इसे पश्चिम के साथ बातचीत में दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
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रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और घातक होता जा रहा है। इसी बीच शुक्रवार तो यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी ने एक बड़ी दावा किया। एजेंसी के अनुसार रूस एक नई परमाणु क्षमता वाली और परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारी में है। अगर यह परीक्षण सफल होता है, तो रूस इसका इस्तेमाल पश्चिमी देशों के साथ बातचीत में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है। यह जानकारी उस वक्त सामने आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में यूक्रेन युद्ध खत्म करने को लेकर अहम बैठक हुई।
एजेंसी ने किन-किन मिसाइलों का किया दावा
बता दें कि यहां जिस मिसाइल का जिक्र हो रहा है, उसका नाम है 9एम730 बुरेवेस्तनिक। नाटो इसे SSC-X-9 स्काईफॉल के नाम से पहचानता है। यह एक ऐसी क्रूज मिसाइल है जो परमाणु ऊर्जा से चलती है और इसमें लगभग असीमित दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता बताई गई है।
यूक्रेनी खुफिया का दावा
वहीं मामले में यूक्रेन के सैन्य खुफिया विभाग के प्रवक्ता आंद्रीय यूसोव ने कहा कि रूस इस परीक्षण के जरिए मिसाइल में की गई वैज्ञानिक और तकनीकी बदलावों को जांचना चाहता है। अगर परीक्षण सफल रहता है, तो रूस इसका इस्तेमाल पश्चिमी देशों से बातचीत में अपनी शर्तें मनवाने के लिए करेगा।
पुतिन और विशेषज्ञ का क्या कहना है?
रूस के राष्ट्रपति पुतिन इसे अपराजेय बता चुके हैं क्योंकि यह मिसाइल रक्षा प्रणाली से बच निकलने में सक्षम मानी जाती है। हालांकि, कई विशेषज्ञ इस दावे पर शक जताते हैं और कहते हैं कि इससे रेडिएशन फैल सकता है और यह रूस को कोई नई ताकत नहीं देती।
परीक्षण की तैयारी के सबूत
एक वेस्टर्न सुरक्षा सूत्र और दो अमेरिकी शोधकर्ताओं ने बताया कि रूस ने आर्कटिक क्षेत्र के नोवाया ज़ेमल्या द्वीप पर पैंकोवो टेस्ट साइट पर इस मिसाइल के परीक्षण की तैयारी शुरू कर दी है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि वहां गतिविधियों में तेज़ी आई है, ज्यादा लोग और उपकरण देखे गए हैं, और मिसाइल परीक्षण से जुड़े जहाज़ और विमान वहां मौजूद हैं।