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Ukraine War: अपने ही सैनिकों को जेल में बंद कर रहा है रूस, वजह कर देगी हैरान, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
Tue, 13 Dec 2022 10:43 AM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 13 Dec 2022 10:43 AM IST
सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सैनिकों और उनके परिवारों ने तैयारियों में कमी को लेकर शिकायत की। लेकिन सैनिकों को उनके उद्देश्य के बारे में कम जानकारी के साथ ही आगे बढ़ने का आदेश दिया जा रहा है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस अपने ही उन सैनिकों को जेल में डाल रहा है जिन्होंने यूक्रेन से लड़ाई के लिए इन्कार किया है। रूस में ऐसे सैनिकों को शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। रिपोर्ट में रूसी सैनिकों और उनके परिजनों की बातचीत का भी जिक्र है जिसमें उन्होंने मॉस्को की इस क्रूर योजना का खुलासा किया।
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मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सैनिकों को बहुत कम जानकारी के साथ आगे बढ़ने का आदेश दिया जा रहा है। बीबीसी ने दो रूसी सैनिकों का हवाला देते हुए बताया कि उनमें से एक ने अपने साथियों को बिना किसी समर्थन प्रणाली के मौत को मुंह तक ले जाने से इन्कार कर दिया। तब उसे कमरे में बंद कर पीटा गया। अन्य सैनिक ने बताया कि जब यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ तो उसने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को कम समर्थन मिलने की वजह से लड़ाई से इन्कार कर दिया। उसे दस तक गिनने के लिए कहा गया लेकिन उसने फिर इन्कार कर दिया।
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इसके बाद उसके सिर पर पिस्टल से कई वार किए। उसका चेहरा खून से लथपथ हो गया था। बताया गया कि रूस अपने सैनिकों को बिना किसी समर्थन (सपोर्ट) प्रणाली के लगातार आगे बढ़ने के आदेश दे रहा है। हथियारों की कमी या उन्हें चलाने में सक्षम नहीं होने पर भी उन पर युद्ध लड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि सैनिकों को मोर्चे पर भेजने से पहले युद्ध क्षेत्र के बारे में जरूरी जानकारी तक नहीं दी जा रही है। इस कारण कई सैनिक जंग में जाने से इन्कार कर रहे हैं।
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सैनिकों को बेसमेंट में बंद कर पिटाई की
सैनिकों ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए बताया कि उनके साथ क्रूरतापूर्ण बर्ताव किया जा रहा है। एक सैनिक ने बताया कि उसके साथ चार और सैनिकों को एक इमारत के बेसमेंट में बंद कर दिया गया। उसने बताया, हमारे परिवार को यह कहा गया कि उस इमारत पर गोलाबारी हुई, जिसके बाद हम सब लापता हैं। इस दौरान उनके साथ लगातार मारपीट की गई। यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने G-7 देशों से विशेष वैश्विक शांति सम्मेलन का आयोजन करने का अनुरोध किया था ताकि देश में शांति की बहाली की जा सके।
पुतिन ने वार्षिक समाचार सम्मेलन को टाला
यूक्रेन में युद्ध के चलते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस माह अपना वार्षिक समाचार सम्मेलन आयोजित नहीं करेंगे। दरअसल, पर्यवेक्षकों ने युद्ध के मैदान में मिल रही असफलताओं के लिए क्रेमलिन की बेचैनी को जिम्मेदार ठहराया है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि पुतिन 10 साल में पहली बार वार्षिक समाचार सम्मेलन आयोजित नहीं करेंगे। उन्होंने इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया पर्यवेक्षकों ने रूसी नेता की अनिच्छा के पीछे अप्रिय सवालों का सामना न करना बताया।
यूक्रेनी लोगों के साथ खड़े रहने को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन करेगा फ्रांस
भारत में फ्रांसीसी दूतावास ने कहा है कि यूक्रेनी नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने और तत्कताल मानवीय मदद की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से फ्रांस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां की पहल पर आयोजित किया गया है। इसे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की वर्चुअली संबोधित करेंगे। फ्रांसीसी दूतावास ने कहा, हमारा मकसद यूक्रेन को बिजली आपूर्ति, चिकित्सा देखभाल और सर्दियों की शुरूआत में बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतें पूरी करना है। सम्मेलन में 47 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यूक्रेनी मदद के लिए बड़े समझौते पर पहुंचा ईयू
यूक्रेन को 18 अरब यूरो (18.93 अरब डॉलर) का वित्तीय सहायता पैकेज देने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) सैद्धांतिक समझौते पर पहुंच चुका है। ईयू में अड़ियल रुख अपनाने वाले हंगरी को भी नरम करने में सफलता पाई है। इसी के साथ ईयू द्वारा यूक्रेन को यह बड़ी मदद जल्द मिलने की संभावना है। हालांकि सौदा अभी संभावित है क्योंकि यदि कोई बाधा खड़ी न हो तो इस पर हस्ताक्षर किए जाने की आवश्यकता है।