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Russia vs UK: रूस ने ब्रिटिश काउंसिल को घोषित किया अवांछनीय संगठन, देशों की संप्रभुता कमजोर करने का लगाया आरोप
Fri, 06 Jun 2025 07:44 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 06 Jun 2025 07:44 AM IST
सार
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटिश खुफिया सेवाएं स्वतंत्र देशों की संप्रभुता को नष्ट करने के लिए गुप्त अभियानों में ब्रिटिश काउंसिल का उपयोग करती हैं। रूस ने मित्र देशों को ब्रिटेन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने और छेड़छाड़ करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूके के पीएम कीर स्टार्मर।
- फोटो : ANI
विस्तार
यूक्रेन की मदद कर रहे ब्रिटेन पर रूस ने बड़ा आरोप लगाया है। रूस ने ब्रिटिश काउंसिल को अवांछनीय संगठन घोषित किया है। रूस का आरोप है कि वह ब्रिटेन की खुफिया सेवा एम आई 6 को बचाने के लिए काम करता है। साथ ही इसके जरिये देशों की संप्रभुता को कमजोर किया जाता है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि ब्रिटिश खुफिया सेवाएं स्वतंत्र देशों की संप्रभुता को नष्ट करने के लिए गुप्त अभियानों में ब्रिटिश काउंसिल का उपयोग करती हैं। 2018 से निष्क्रिय ब्रिटिश काउंसिल को रूस ने अवांछनीय संगठन घोषित कर दिया।
ज़खारोवा ने कहा कि विशेष सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद यूक्रेन अभियान का जिक्र करते हुए ब्रिटिश काउंसिल ने यूके सरकार के जरिये शत्रुतापूर्ण रूस विरोधी कदमों के साथ मिलकर काम किया। संगठन ने हमारे देश के नेतृत्व की नीति को बदनाम करने और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से सीआईएस में रूसी प्रभाव को कम करने के लिए बड़ी मदद की।
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ये भी पढ़ें: ट्रंप के फैसले को हार्वर्ड ने कोर्ट में दी चुनौती, विदेशी छात्रों के US आने पर रोक का मामला
उन्होंने कहा कि इसके लिए तमाम अनुदान कार्यक्रमों का व्यापक रूप से उपयोग किया गया। रूसी संघ के नए घटकों की स्थिति, संलग्नता रेखा की स्थिति, साथ ही संभावित रूप से संवेदनशील प्रकृति के अन्य डाटा के बारे में जानकारी एकत्र करने के प्रयास किए गए। हालांकि ब्रिटिश काउंसिल के रूसी कार्यालय को पहले ही बंद कर दिया गया था, फिर भी संगठन ने अन्य देशों में स्थित स्थानों से अपना विद्रोही कार्य जारी रखा तथा हमारे प्रवासियों को अपनी परियोजनाओं में शामिल किया।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरे ब्रिटिश काउंसिल को अवांछनीय संगठन घोषित करना जरूरी हो गया था। पिछले साल तक रूसी कानून में एक सीमा के कारण ऐसा नहीं हो सकता था, क्योंकि विदेशी देशों की सरकारी एजेंसियों द्वारा स्थापित संगठनों को अवांछनीय का दर्जा नहीं दिया जा सकता था। अब यह कमी दूर कर दी गई है।
ये भी पढ़ें: 'शांति से पहले रूस-यूक्रेन का थोड़ा और लड़ना बेहतर'; जर्मन चांसलर के साथ बैठक के बीच ट्रंप का बयान
जखारोवा ने कहा कि रूस ने मित्र देशों को ब्रिटेन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने और छेड़छाड़ करने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काउंसिल जैसे संगठनों के लिए सही हालात तय करने उन्हें युवाओं के साथ काम करने और हानिरहित सांस्कृतिक और शैक्षिक परियोजनाओं को लागू करने के अवसर प्रदान करने से महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर नियंत्रण खोने का खतरा है। ऐसे मामलों में यूके द्वारा अर्जित प्रभावशाली पदों का बाद में अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए उपयोग किया जाता है। इससे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सीधे खतरा होता है।
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रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि ब्रिटिश खुफिया सेवाएं स्वतंत्र देशों की संप्रभुता को नष्ट करने के लिए गुप्त अभियानों में ब्रिटिश काउंसिल का उपयोग करती हैं। 2018 से निष्क्रिय ब्रिटिश काउंसिल को रूस ने अवांछनीय संगठन घोषित कर दिया।
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ज़खारोवा ने कहा कि विशेष सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद यूक्रेन अभियान का जिक्र करते हुए ब्रिटिश काउंसिल ने यूके सरकार के जरिये शत्रुतापूर्ण रूस विरोधी कदमों के साथ मिलकर काम किया। संगठन ने हमारे देश के नेतृत्व की नीति को बदनाम करने और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से सीआईएस में रूसी प्रभाव को कम करने के लिए बड़ी मदद की।
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उन्होंने कहा कि इसके लिए तमाम अनुदान कार्यक्रमों का व्यापक रूप से उपयोग किया गया। रूसी संघ के नए घटकों की स्थिति, संलग्नता रेखा की स्थिति, साथ ही संभावित रूप से संवेदनशील प्रकृति के अन्य डाटा के बारे में जानकारी एकत्र करने के प्रयास किए गए। हालांकि ब्रिटिश काउंसिल के रूसी कार्यालय को पहले ही बंद कर दिया गया था, फिर भी संगठन ने अन्य देशों में स्थित स्थानों से अपना विद्रोही कार्य जारी रखा तथा हमारे प्रवासियों को अपनी परियोजनाओं में शामिल किया।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरे ब्रिटिश काउंसिल को अवांछनीय संगठन घोषित करना जरूरी हो गया था। पिछले साल तक रूसी कानून में एक सीमा के कारण ऐसा नहीं हो सकता था, क्योंकि विदेशी देशों की सरकारी एजेंसियों द्वारा स्थापित संगठनों को अवांछनीय का दर्जा नहीं दिया जा सकता था। अब यह कमी दूर कर दी गई है।
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जखारोवा ने कहा कि रूस ने मित्र देशों को ब्रिटेन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने और छेड़छाड़ करने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काउंसिल जैसे संगठनों के लिए सही हालात तय करने उन्हें युवाओं के साथ काम करने और हानिरहित सांस्कृतिक और शैक्षिक परियोजनाओं को लागू करने के अवसर प्रदान करने से महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर नियंत्रण खोने का खतरा है। ऐसे मामलों में यूके द्वारा अर्जित प्रभावशाली पदों का बाद में अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए उपयोग किया जाता है। इससे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सीधे खतरा होता है।
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