फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russia calls Trumps allegations about Greenland baseless Putin remains firm on trade with Iran nato

Russia: ग्रीनलैंड पर ट्रंप के आरोपों को रूस ने बताया बेबुनियाद, ईरान के साथ खड़े पुतिन; भारत को लेकर भी बोले

Tue, 20 Jan 2026 07:13 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 20 Jan 2026 07:13 PM IST
सार

Russia On Greenland: ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के आक्रामक रुख पर रूस ने सीधा पलटवार किया है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस का ग्रीनलैंड में कोई हित नहीं है। साथ ही रूस ने ईरान के साथ व्यापार जारी रखने और नाटो पर युद्ध की तैयारी का आरोप लगाया। भारत के साथ रिश्तों की भी सराहना की। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
Russia calls Trumps allegations about Greenland baseless Putin remains firm on trade with Iran nato
राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन (फाइल) - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स

विस्तार

यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों से जारी टकराव के बीच रूस ने ग्रीनलैंड, ईरान, अमेरिका और नाटो पर एक के बाद एक सख्त बयान देकर वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा कि ग्रीनलैंड में रूस या चीन के दखल का आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं और यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहे हैं।

विज्ञापन


ग्रीनलैंड पर रूस का रुख क्या है?
रूस ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। लावरोव ने कहा कि रूस का ग्रीनलैंड में किसी तरह का हस्तक्षेप करने में कोई हित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड ऐतिहासिक रूप से न तो नॉर्वे का स्वाभाविक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। लावरोव के मुताबिक, यह एक औपनिवेशिक कब्जे का नतीजा है और आज वहां के लोग जिस स्थिति में रह रहे हैं, वह अलग विषय है।
विज्ञापन


ट्रंप ग्रीनलैंड को क्यों अहम मानते हैं?
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया है कि इस द्वीप पर नियंत्रण से अमेरिका का मिसाइल डिफेंस सिस्टम और मजबूत होगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि अगर यूरोपीय सहयोगी अमेरिका के इस कदम का विरोध करेंगे, तो उन पर टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने आठ यूरोपीय देशों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा भी की है, जिससे ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में खटास बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान और नाटो पर रूस ने क्या कहा?

  • रूस ने साफ किया कि वह ईरान के साथ व्यापार और संयुक्त परियोजनाएं जारी रखेगा।
  • लावरोव ने कहा कि अमेरिकी धमकियों के बावजूद रूस ईरान से व्यापार बंद नहीं करेगा।
  • रूस का आरोप है कि नाटो रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है।
  • लावरोव ने दावा किया कि नाटो इस बात को छिपा भी नहीं रहा है।


लावरोव ने भारत-चीन से रिश्तों की सराहना की
रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने भारत और चीन के साथ रूस के रिश्तों को खास बताते हुए कहा है कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था अब स्थायी सच्चाई बन चुकी है। मॉस्को में अपनी वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान लावरोव ने कहा कि नई वैश्विक व्यवस्था में कई शक्ति केंद्र उभर चुके हैं और दुनिया को अब एकध्रुवीय या द्विध्रुवीय ढांचे में नहीं बांधा जा सकता। उन्होंने भारत के साथ रूस की रणनीतिक साझेदारी को विशेष और भरोसेमंद करार दिया और याद दिलाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल दिसंबर में भारत का दौरा किया था। इस दौरान भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच साल का रोडमैप तय किया गया था।


लावरोव ने चीन के साथ रूस के संबंधों को भी अभूतपूर्व बताया और कहा कि यूरेशिया और वैश्विक मंच पर दोनों देशों के विचारों में गहरी समानता है। उन्होंने भारत, रूस और चीन के त्रिपक्षीय मंच आरआईसी को फिर से सक्रिय करने की वकालत की, जो 2020 के गलवान घाटी तनाव के बाद ठप पड़ गया था। लावरोव के मुताबिक आरआईसी, ब्रिक्स की नींव है और बहुध्रुवीय विश्व का अहम आधार भी। उन्होंने कहा कि चीन, भारत और ब्राजील नए आर्थिक शक्ति केंद्र बनकर उभरे हैं, जबकि अफ्रीका भी तेजी से एक नए केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।


पश्चिम के लिए क्या संकेत हैं?
रूस के इन बयानों को पश्चिमी देशों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। यूक्रेन युद्ध के चलते पहले से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच ग्रीनलैंड, ईरान और नाटो जैसे मुद्दों पर रूस का यह आक्रामक रुख संकेत देता है कि आने वाले दिनों में वैश्विक भू-राजनीति और ज्यादा टकराव की ओर बढ़ सकती है। ट्रंप की टैरिफ नीति और रूस के पलटवार से यूरोप, अमेरिका और रूस के संबंध और जटिल होने के आसार हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed