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UN: भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सहयोग-समावेश का समर्थक, संयुक्त राष्ट्र में बोलीं रुचिरा कंबोज
Fri, 17 Nov 2023 02:03 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 17 Nov 2023 02:03 PM IST
सार
कंबोज ने इस पर भी हैरानी और नाराजगी जताई कि सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व ही नहीं है! उन्होंने ये भी कहा कि इसमें देरी से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार में देरी होगी।
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रुचिरा कंबोज, संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत।
- फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के दौरान अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा से सहयोग, समावेश और परामर्शात्मक दृष्टिकोण का समर्थक रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर कंबोज ने कहा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहुपक्षीय सुधार की जरूरत है और भारत के इस रुख का बड़ी संख्या में अन्य देश भी समर्थन करते हैं।
सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व जरूरी
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि अगर हम लंबे समय से लंबित इन मुद्दों को नहीं सुलझाएंगे तो यह हमारे समर्पण और सुरक्षा परिषद के प्रारूप के लिए यह बड़ी असफलता है। कंबोज ने इस पर भी हैरानी और नाराजगी जताई कि सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व ही नहीं है! उन्होंने ये भी कहा कि इसमें देरी से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार में देरी होगी।
अफ्रीकी यूनियन का किया जिक्र
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई जी20 की बैठक में अफ्रीकी यूनियन को स्थायी सदस्य बनाने का जिक्र करते हुए रुचिरा कंबोज ने कहा कि यह भारत का राजनीतिक समर्पण है और बेशक यह एक बड़ी उपलब्धि है। कंबोज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में सुधारों की जरूरत है और 2005 के विश्व सम्मेलन के दौरान भी एकमत से वैश्विक नेताओं ने इस बात को स्वीकार किया था।
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सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व जरूरी
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि अगर हम लंबे समय से लंबित इन मुद्दों को नहीं सुलझाएंगे तो यह हमारे समर्पण और सुरक्षा परिषद के प्रारूप के लिए यह बड़ी असफलता है। कंबोज ने इस पर भी हैरानी और नाराजगी जताई कि सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व ही नहीं है! उन्होंने ये भी कहा कि इसमें देरी से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार में देरी होगी।
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अफ्रीकी यूनियन का किया जिक्र
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई जी20 की बैठक में अफ्रीकी यूनियन को स्थायी सदस्य बनाने का जिक्र करते हुए रुचिरा कंबोज ने कहा कि यह भारत का राजनीतिक समर्पण है और बेशक यह एक बड़ी उपलब्धि है। कंबोज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में सुधारों की जरूरत है और 2005 के विश्व सम्मेलन के दौरान भी एकमत से वैश्विक नेताओं ने इस बात को स्वीकार किया था।
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