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US: जयशंकर के साथ आज पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

Tue, 21 Jan 2025 09:16 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 21 Jan 2025 09:16 PM IST
सार

US: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, विदेश मंत्री रुबियो भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मंत्रालय में मुलाकात करेंगे और यह बैठक विदेश मंत्री के रूप में रुबियो के पहले दिन के कार्यक्रम में शामिल है। 

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Rubio to hold first bilateral meeting with EAM Jaishankar after QUAD ministerial
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एएनआई

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के साथ अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे। जयशंकर अभी वॉशिंगटन के दौरे पर हैं, जहां वह रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आए हैं। ट्रंप ने सोमवार को 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, विदेश मंत्री रुबियो भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मंत्रालय में मुलाकात करेंगे और यह बैठक विदेश मंत्री के रूप में रुबियो के पहले दिन के कार्यक्रम में शामिल है। 
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मंत्रालय ने कहा, यह बैठक दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों के बीच होगी, जो दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। बैोठक अमेरिकी विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय में आयोजित की जाएगी, जो कि क्वाड के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के बाद होगी। क्वाड ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका का एक अनौपचारिक समूह है। इसे ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में शुरू किया गया था, जबकि बाइडन प्रशासन ने इसे नेतृत्व स्तर तक बढ़ाया। 
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रुबियो का यह फैसला कि वे अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक भारत के साथ करेंगे और पहला बहुपक्षीय सम्मेलन क्वाड के साथ आयोजित करेंगे, महत्वपूर्ण है। पारंपरिक रूप से नए प्रशासन की पहली विदेश नीति की पहले अपने पड़ोसी देशों कनाडा और मैक्सिको या नाटो सहयोगियों के साथ होती थी। 

रुबियो को सीनेट ने 99-0 के सर्वसम्मत वोट से मंजूरी दी थी। सीनेट में एक सीट खाली है, क्योंकि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ओहायो से सीनेटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। रुबियो ने पिछले साल कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया था, जिसमें भारत को उसके सहयोगियों जैसे जापान, इस्राइल, दक्षिण कोरिया और नाटो देशों के समान मानने का प्रस्ताव था। इसके अलावा, यह विधेयक पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता देने पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान करता था, अगर यह भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है।  


रूबियो 3 जनवरी, 2011 से 20 जनवरी, 2025 तक फ्लोरिडा से सीनेटर रहे। वह चीन के माले में काफी सख्त माने जाते हैं। चीन ने उन्हें 2020 में दो बार प्रतिबंधित किया था और उनके चीन में प्रवेश करने पर प्रतिबंध है। 

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