फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   RSS General Secretary Dattatreya Hosabale states Indian tradition science and spirituality are not separate

'शिक्षा की कमी से पैदा होता है अंधविश्वास': होसबाले बोले- भारतीय परंपरा में विज्ञान और आध्यात्मिकता अलग नहीं

Sat, 18 Apr 2026 03:11 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Shubham Kumar Updated Sat, 18 Apr 2026 03:11 AM IST
सार

सैन फ्रांसिस्को में आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जब शिक्षा किसी सभ्यता की वैज्ञानिक उपलब्धियों को ठीक से नहीं समझाती, तो समाज में अंधविश्वास जन्म लेता है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय परंपरा में विज्ञान और आध्यात्मिकता अलग नहीं हैं। शिक्षा और तकनीक कमजोर होने पर असमानता बढ़ती है, इसलिए सरकारों को इस पर गंभीर ध्यान देना चाहिए।

विज्ञापन
RSS General Secretary Dattatreya Hosabale states Indian tradition science and spirituality are not separate
दत्तात्रेय होसबाले, महासचिव, आरएसएस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को शिक्षा, विज्ञान और समाज में अंधविश्वास को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा व्यवस्था अपने पाठ्यक्रम में किसी सभ्यता की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों को ठीक से नहीं समझा पाती, तभी समाज में अंधविश्वास जन्म लेता है। होसबाले ने आगे इस बात पर जोर दिया कि भारतीय परंपरा में विज्ञान और आध्यात्मिकता अलग नहीं हैं, बल्कि दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

विज्ञापन

बता दें कि संघ सरकार्यवाह होसबाले ने ये बात अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उनके अनुसार, भारतीय सभ्यता में ऐसा समय भी रहा है जब लोग एक साथ वैज्ञानिक शोध और आध्यात्मिक अभ्यास करते थे। उन्होंने इसे भारत की पुरानी ज्ञान परंपरा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि शासन व्यवस्था को भी इसी सोच के आधार पर चलना चाहिए, जहां विज्ञान और नैतिकता दोनों साथ हों।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- होर्मुज खुला या नहीं?: ईरान की सरकारी मीडिया ने अराघची के फैसले पर उठाए सवाल, रास्ता खुलने के दावों पर संशय
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा पर क्या कहा?
कार्यक्रम के दौरान होसबाले ने आगे कहा कि अगर शिक्षा मजबूत नहीं होगी तो समाज में असमानता बढ़ेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और तकनीक एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज का कोई हिस्सा पीछे रह जाता है तो असमानता बढ़ती है। सरकारों को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।


ये भी पढ़ें:- 48 दिन बाद खुला होर्मुज: व्यापारिक जहाजों को आने-जाने की मिली छूट, ईरान ने किया एलान; ट्रंप ने कहा- शुक्रिया

अंधविश्वास और विज्ञान की चुनौती
होसबाले ने कहा कि शिक्षा का काम यह होना चाहिए कि लोग असली वैज्ञानिक सोच और अंधविश्वास के बीच फर्क समझ सकें। उनके अनुसार, अगर शिक्षा सही तरीके से विज्ञान को नहीं समझाती तो पुराने वैज्ञानिक विचार भी अंधविश्वास समझ लिए जाते हैं। गौरतलब है कि होसबाले का यह बयान GSIF THRIVE-2026 शिखर सम्मेलन के दौरान दिया गया, जो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के फैकल्टी क्लब में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक नवाचार और प्राचीन ज्ञान पर चर्चा हुई।

इस सम्मेलन में कई बड़े विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें तकनीकी उद्यमी विनोद खोसला और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच. आर. मैकमास्टर भी शामिल रहे। होसबाले ने अपने बयान में शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा साधन बताया और कहा कि विज्ञान, तकनीक और पुरानी भारतीय ज्ञान परंपरा को साथ जोड़कर ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed