सऊदी अरब: मदीना में शाहबाज शरीफ से हुई गाली-गलौच से फिर सुलगा पाकिस्तान
खैबर पख्तूनवा प्रांत में एफआईआर दर्ज कराने के लिए दी गई अर्जी में आरोप लगाया गया है कि शेख रशीद ने मदीना में हुई ‘गुंडागर्दी’ का समर्थन किया और प्रधानमंत्री के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया...
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के खिलाफ सऊदी अरब के मदीना में हुई नारेबाजी और अपशब्दों के इस्तेमाल से पाकिस्तान में एक नया राजनीतिक टकराव खड़ा हो गया है। ये घटना उस समय हुई, जब सऊदी अरब की यात्रा पर गए शरीफ मदीना स्थित मजिस्द-ए-नवाबी पहुंचे। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने साफ किया है कि इस घटना में उसका कोई हाथ नहीं है, लेकिन इस बारे में पार्टी नेता और पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शेख रशीद ने पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को उकसाया!
खैबर पख्तूनवा प्रांत में एफआईआर दर्ज कराने के लिए दी गई अर्जी में आरोप लगाया गया है कि शेख रशीद ने मदीना में हुई ‘गुंडागर्दी’ का समर्थन किया और प्रधानमंत्री के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। इसमें यह आरोप भी लगाया गया है कि रशीद ने मदीना गए पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को शाहबाज शरीफ के खिलाफ नारेबाजी करने के लिए उकसाया। ये अर्जी चित्राल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने दी है। इसमें कहा गया है कि ‘पवित्र मस्जिद पर नारेबाजी की घटना से दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को चोट पहुंची है।’
इसके पहले शेख रशीद ने कहा था कि मदीना में हुई नारेबाजी ‘चोरों के खिलाफ पाकिस्तान के लोगों की भावनाओं का इजहार’ है। उन्होंने कहा- ‘चोर प्रधानमंत्री जहां भी जाएंगे, उन्हें पाकिस्तानियों की नफरत का सामना करना पड़ेगा।’ शाहबाज शरीफ ने गुरुवार को मदीना की यात्रा की थी। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य और सांसद भी थे। मस्जिद पहुंचने पर अचानक एक भीड़ ने शरीफ और उनके सहयोगियों को घेर लिया। वहां से मिली तस्वीरों में देखा गया कि जब गुस्से से भरी भीड़ नारेबाजी कर रही थी, तब शाहबाज शरीफ घबराए हुए अपने वाहन में बैठे हुए थे।
पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन का आरोप है कि जिन लोगों ने नारेबाजी की, वे पीटीआई के समर्थक थे। ये लोग प्रधानमंत्री को चोर, भिखारी और विदेशी दलाल कह रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो से संकेत मिला है कि भीड़ खासतौर पर मादक पदार्थ विभाग के मंत्री नवाब शाहजैन बुगती को निशाना बना रही थी। एक व्यक्ति ने उनके बाल पकड़ कर खींचने की कोशिश की।
खतरनाक मुकाम की तरफ पाकिस्तान
पीटीआई ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस घटना के बारे में अपनी सफाई दी। उसमें कहा गया कि नारेबाजी में उसका एक भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था। लेकिन बयान में यह भी कहा गया कि इस घटना से मौजूदा सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी का इजहार हुआ है। इसके बाद ही शेख रशीद का बयान आया। उधर पूर्व सूचना मंत्री फव्वाद चौधरी ने भी कहा कि मौजूदा शासक जहां भी जाएंगे, उन्हें पाकिस्तानी समुदाय का ऐसा ही गुस्सा झेलना पड़ेगा। हालांकि चौधरी ने कहा- ‘मस्जिद नबावी या ऐसे पवित्र स्थलों पर “क्राइम मिनिस्टर” के खिलाफ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए।’
शाहबाज शरीफ के खिलाफ पीटीआई नेताओं की तरफ से ऐसी भाषा के इस्तेमाल से सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दल भड़क गए हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं के समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पर्यवेक्षकों ने इस घटना को देश में दोनों पक्षों की उबल रही भावनओं का संकेत माना है। उनके मुताबिक ये स्थिति पाकिस्तान को खतरनाक मुकाम की तरफ ले जा रही है।