फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rift Between US and Israel Vance Netanyahu Discuss War with Iran Tensions Escalate Over Claim of Regime Change

अमेरिका-इस्राइल में दरार?: ईरान युद्ध पर वेंस और नेतन्याहू ने की बात, सत्ता परिवर्तन के दावे पर बढ़ा टकराव

Sat, 28 Mar 2026 08:50 AM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sat, 28 Mar 2026 08:50 AM IST
सार

JD Vance-Netanyahu Call: ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और इस्राइल के बीच मतभेद सामने आए हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच फोन कॉल में तनाव देखने को मिला। वेंस ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर इस्राइल के दावों पर सवाल उठाए। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
Rift Between US and Israel Vance Netanyahu Discuss War with Iran Tensions Escalate Over Claim of Regime Change
वेंस और नेतन्याहू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और इस्राइल के बीच ईरान युद्ध को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई एक फोन कॉल ने दोनों देशों की सोच में अंतर को उजागर कर दिया। यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब युद्ध को लेकर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिशें जारी हैं।

विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान वेंस ने नेतन्याहू के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें ईरान में सत्ता परिवर्तन को आसान बताया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वेंस ने साफ तौर पर कहा कि हालात उतने आसान नहीं हैं, जितना पहले बताया गया था। इस बातचीत के बाद यह भी आरोप लगे कि इस्राइल वेंस की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वे युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन


क्या वेंस ने नेतन्याहू के दावों पर सवाल उठाए?
सूत्रों के अनुसार, वेंस ने नेतन्याहू से सीधे पूछा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर इतना भरोसा क्यों जताया गया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि युद्ध से पहले इस्राइल ने हालात को आसान बताकर पेश किया था, जबकि वास्तविकता ज्यादा जटिल है। वेंस इस मुद्दे पर ज्यादा सतर्क और स्पष्ट नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Washington Airport: वॉशिंगटन में उड़ानों पर लगा ब्रेक, एयर ट्रैफिक सेंटर में रसायनिक दुर्गंध से ठप हुआ आसमान

क्या इस्राइल वेंस की भूमिका को कमजोर कर रहा है?
बातचीत के बाद यह दावा भी सामने आया कि इस्राइल, वेंस की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। कहा गया कि कुछ रिपोर्ट्स जानबूझकर फैलाई गईं, जिनमें बताया गया कि ईरान वेंस के साथ समझौता करना चाहता है। एक अधिकारी ने इसे इस्राइल की रणनीति बताया, ताकि बातचीत की दिशा को प्रभावित किया जा सके।


क्या वेंस ही समझौते की आखिरी उम्मीद हैं?
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते की सबसे बड़ी संभावना वेंस के जरिए ही है। उनका कहना है कि अगर ईरान वेंस के साथ कोई समझौता नहीं कर पाता, तो फिर समझौते की संभावना बेहद कम रह जाएगी। वेंस फिलहाल अमेरिकी दूतों के साथ बातचीत की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

ईरान युद्ध पर वेंस की रणनीति क्या है?
वेंस लंबे समय से विदेशी युद्धों के विरोधी रहे हैं और वे इस संघर्ष को लंबा खिंचने नहीं देना चाहते। उन्होंने साफ किया है कि यह कोई हमेशा चलने वाला युद्ध नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों का समर्थन किया है, लेकिन उनकी सोच थोड़ी अलग बताई जा रही है। यही वजह है कि वे इस पूरे मामले में संतुलन बनाकर चलने की कोशिश कर रहे हैं।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article