Pakistan: नवाज शरीफ की वापसी से जुड़ेगा पाकिस्तान की सियासत में नया पहलू
इस समय नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं। नवाज शरीफ की बेटी मरियम औरंगजेब शहबाज शरीफ की सरकार में मंत्री हैं।
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सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) में शामिल सबसे बड़े दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) का दावा है कि उसके नेता पूर्व प्रधानमंत्री मियां नवाज शरीफ अगले महीने पाकिस्तान लौट आएंगे। नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप में पाकिस्तान में सजा सुनाई जा चुकी है। 2019 में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जेल से छोड़ा गया था। उसके बाद वे इलाज के लिए लंदन चले गए। तब से वे वहीं रह रहे हैं। लेकिन समझा जाता है कि लंदन से ही नवाज शरीफ पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन को संचालित कर रहे हैं।
पीएमएल-एन के नेताओं ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर नवाज शरीफ की वापसी के बारे में एलान किया। संघीय मंत्री जावेद लतीफ और पीएमएल-एन की प्रवक्ता अज़मा बुखारी ने बताया कि डॉक्टरों ने नवाज शरीफ को यात्रा के लिए हरी झंडी दे दी है। उन्होंने कहा- देश के लोग चाहते हैं कि नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटें। वे अगले महीने यहां आएंगे।
इस समय नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं। नवाज शरीफ की बेटी मरियम औरंगजेब शहबाज शरीफ की सरकार में मंत्री हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने अल-अजीजिया स्टील मिल मामले में नवाज शरीफ के खिलाफ मुकदमा चलाया था। पाकिस्तान के एकाउंटिबिलिटी (जवाबदेही) कोर्ट ने 2018 में शरीफ को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें 11 साल की कैद सुनाई। उधर अवेनफील्ड प्रोपर्टी मामले में उन पर 1.3 अरब (पाकिस्तानी) रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इमरान खान शरीफ परिवार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं। वे इस परिवार को पाकिस्तान के धन का लुटेरा बताते हैं। शनिवार को इमरान खान ने लाहौर में एक बड़ी रैली आयोजित की। उसे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि शहबाज शरीफ सरकार उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराने की कोशिश में है, ताकि नवाज शरीफ को वापस पाकिस्तान लाने का रास्ता खुल सके। उन्होंने कहा- ‘इन लोगों ने मेरे खिलाफ नए मुकदमे दर्ज कराने की योजना बनाई है, ताकि मुझे चुनाव लड़ने से रोका जा सके। इसी साजिश के तहत नवाज शरीफ को सितंबर के आखिर तक देश में वापस लाया जाएगा। इसके साथ ही मेरा चरित्र हनन करने की मुहिम छेड़ी जाएगी।’
इमरान खान के ये बयान देने के दो रोज बाद ही सत्ताधारी पीएमएल-एन ने नवाज शरीफ की वापसी का एलान कर दिया। इमरान खान की आशंका के मुताबिक ही नवाज शरीफ के सितंबर में पाकिस्तान लौटने का कार्यक्रम बताया गया है। समझा जाता है कि नवाज शरीफ के लौटने से पाकिस्तान की सियासत में नए पहलू जुड़ेंगे। इससे पीएमएल-एन की ताकत बढ़ेगी, लेकिन इससे इमरान खान को सत्ता पक्ष पर हमला बोलने का नया मौका मिलेगा।
इस सिलसिले में पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस साकिब निसार का एक बयान भी यहां मीडिया में काफी चर्चित है। निसार ने कहा था कि देश में सिर्फ इमरान खान ही ‘मुजरिम’ नहीं हैं। उनका इशारा इमरान खान के खिलाफ सत्ता पक्ष की तरफ से छेड़े गए अभियान और नवाज शरीफ को वापस लाने की उसकी योजना की तरफ था। पीएमएल-एन की प्रेस कांफ्रेंस में इस बारे में पत्रकारों ने सवाल पूछा। उस पर जावेद लतीफ ने आरोप लगाया कि साकिब निसार की इमरान खान के साथ मिलीभगत है।